आगरा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में आगरा रेल मंडल से संचालित और आगरा होकर गुजरने वाली ट्रेनों में राजस्थान, गुजरात और पूर्वांचल रूट की ट्रेनों में यात्रियों की सबसे अधिक भीड़ रही। सीटों की भारी मांग के बावजूद यात्रियों ने वंदे भारत और सुपरफास्ट ट्रेनों को पहली पसंद बनाया।
कमाई के मामले में आगरा कैंट-बनारस वंदे भारत एक्सप्रेस करीब 21.09 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ पहले स्थान पर रही। इसके अलावा साबरमती, अजमेर, उदयपुर, असारवा और ललितपुर रूट की ट्रेनों ने भी करोड़ों रुपये की आय अर्जित कर आगरा रेल मंडल के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
आगरा रेल मंडल से संचालित तथा आगरा होकर गुजरने वाली ट्रेनों में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राजस्थान, गुजरात और पूर्वांचल जाने वाले यात्रियों की सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। इन रूटों पर चलने वाली वंदे भारत और सुपरफास्ट ट्रेनों में वर्षभर सीटों के लिए मारामारी की स्थिति बनी रही। पर्याप्त सीटें उपलब्ध नहीं होने के बावजूद यात्रियों ने इन ट्रेनों को अपनी पहली पसंद बनाए रखा। यही कारण रहा कि इन ट्रेनों ने रेलवे को करोड़ों रुपये का राजस्व दिलाया।
आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम के अनुसार वर्ष 2025-26 के यात्री आय और सीट उपयोग के आंकड़ों से स्पष्ट है कि आगरा से संचालित तथा आगरा होकर गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों का प्रदर्शन बेहद उत्साहजनक रहा। सबसे अधिक कमाई गाड़ी संख्या 20176 आगरा कैंट-बनारस वंदे भारत एक्सप्रेस ने की। इस ट्रेन ने चेयरकार श्रेणी में 216 ट्रिप के दौरान 1,85,279 यात्रियों को सफर कराया, जिससे रेलवे को 18,33,26,056 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं एग्जीक्यूटिव चेयरकार में 12,137 यात्रियों ने यात्रा की, जिससे 2,76,31,530 रुपये की आय हुई। दोनों श्रेणियों को मिलाकर इस ट्रेन ने करीब 21.09 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया और कमाई के मामले में पहला स्थान हासिल किया।
कमाई के मामले में दूसरे स्थान पर गाड़ी संख्या 12547 आगरा कैंट-साबरमती सुपरफास्ट एक्सप्रेस रही। इस ट्रेन की थर्ड एसी श्रेणी में 1,10,092 यात्रियों ने सफर किया, जिससे रेलवे को करीब 11.50 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
तीसरे स्थान पर गाड़ी संख्या 22988 आगरा फोर्ट-अजमेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस रही। इस ट्रेन की सेकेंड सिटिंग श्रेणी से 4,70,33,575 रुपये तथा थर्ड एसी श्रेणी से 2,98,32,144 रुपये की आय हुई। दोनों श्रेणियों को मिलाकर ट्रेन ने करीब 7.69 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया।
चौथे स्थान पर गाड़ी संख्या 20982 आगरा कैंट-उदयपुर सिटी वंदे भारत एक्सप्रेस रही। इस ट्रेन में 44,383 यात्रियों ने सफर किया और रेलवे को 4,07,84,363 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
पांचवें स्थान पर गाड़ी संख्या 09191 आगरा कैंट-असारवा स्पेशल रही। इसकी थर्ड एसी श्रेणी में 30,140 यात्रियों ने यात्रा की, जिससे रेलवे को 3,97,72,016 रुपये की आय हुई।
छठे स्थान पर गाड़ी संख्या 12180 आगरा फोर्ट-ललितपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रही। इस ट्रेन की सेकेंड सिटिंग श्रेणी में 3,24,495 यात्रियों ने सफर किया और रेलवे को 3,89,91,658 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
सातवें स्थान पर गाड़ी संख्या 22968 आगरा फोर्ट-अजमेर सुपरफास्ट एक्सप्रेस रही। इसकी चेयरकार श्रेणी में 62,473 यात्रियों ने यात्रा की, जिससे 2,55,55,306 रुपये की आय दर्ज की गई।
जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि वर्षभर विशेष रूप से राजस्थान, गुजरात और पूर्वांचल जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ रही। इन रूटों पर लगातार उच्च मांग के कारण अधिकांश ट्रेनों में सीटों के लिए मारामारी की स्थिति बनी रही। इसके बावजूद यात्रियों ने वंदे भारत और सुपरफास्ट ट्रेनों पर भरोसा जताया, जिसका सीधा असर रेलवे की आय पर दिखाई दिया।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इन प्रमुख ट्रेनों ने करोड़ों रुपये का राजस्व अर्जित कर न केवल अपनी लोकप्रियता साबित की, बल्कि आगरा रेल मंडल की कुल यात्री आय में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। वंदे भारत एक्सप्रेस से लेकर सुपरफास्ट और इंटरसिटी ट्रेनों तक सभी प्रमुख सेवाओं के बेहतर प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया कि आगरा रेल मंडल से राजस्थान, गुजरात और पूर्वांचल की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे इन रूटों का महत्व और अधिक बढ़ गया है।
