आगरा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पत्नी जेनेट डी. रूबियो के साथ सोमवार को आगरा पहुंचकर ताजमहल का दीदार किया। करीब 45 मिनट तक ताजमहल परिसर में भ्रमण के दौरान दोनों इसकी वास्तुकला और खूबसूरती से प्रभावित नजर आए। ताजमहल की नक्काशी और निर्माण को लेकर कई सवाल पूछे गए, जबकि जेनेट रूबियो ने अगली बार अपने बच्चों के साथ दोबारा आने की इच्छा जताई।

विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की खूबसूरती एक बार फिर विदेशी मेहमानों को अपनी ओर आकर्षित करती नजर आई। सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अपनी पत्नी जेनेट डी. रूबियो के साथ ताजमहल देखने आगरा पहुंचे। करीब 60 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे मार्को रूबियो ने ताजमहल की ऐतिहासिक विरासत, वास्तुकला और बारीक नक्काशी को करीब से देखा और उसकी सराहना की। इस दौरान उनकी पत्नी जेनेट डी. रूबियो भी ताजमहल की सुंदरता से काफी प्रभावित नजर आईं।

अमेरिकी विदेश मंत्री का प्रतिनिधिमंडल सोमवार सुबह करीब 10 बजे आगरा पहुंचा। खेरिया एयरपोर्ट पर कमिश्नर दीपक कुमार और डीएम मनीष बंसल ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से वे सीधे ताजमहल पहुंचे। ताजमहल परिसर के अंदर जाने के लिए उन्होंने गोल्फ कार्ट का उपयोग किया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन द्वारा व्यापक इंतजाम किए गए थे।

ताजमहल पहुंचने के बाद मार्को रूबियो और जेनेट डी. रूबियो ने डायना बेंच पर बैठकर तस्वीरें खिंचवाईं। दोनों ने लगभग 45 मिनट तक ताजमहल परिसर में घूमकर उसकी सुंदरता को निहारा। उस समय आगरा में तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन भीषण गर्मी के बावजूद दोनों ताजमहल को करीब से देखने और उसकी विशेषताओं को जानने में रुचि लेते रहे।

ताज भ्रमण के दौरान गाइड नितिन सिंह ने उन्हें ताजमहल के इतिहास और उसकी वास्तुकला के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान मार्को रूबियो ने ताजमहल के निर्माण और नक्काशी को लेकर कई सवाल पूछे। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि ताजमहल के निर्माण में कितने लोगों ने काम किया था। गाइड नितिन सिंह ने उनकी जिज्ञासाओं का जवाब दिया और ताजमहल के निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी साझा की।
गाइड नितिन सिंह ने बताया कि मार्को रूबियो और उनकी पत्नी ताजमहल की खूबसूरती और वास्तुकला से काफी प्रभावित थे। उन्होंने पूरे भ्रमण के दौरान उत्सुकता दिखाई और कई ऐतिहासिक जानकारियां प्राप्त कीं। जेनेट डी. रूबियो ने ताजमहल को देखकर कहा कि यह “बेहद खूबसूरत” है। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार वह अपने बच्चों को भी साथ लेकर आएंगी और सूर्योदय के समय ताजमहल के नजारे का आनंद लेना चाहेंगी। बताया गया कि मार्को और जेनेट रूबियो के चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां डैनिएला और अमांडा तथा दो बेटे एंथनी और डोमिनिक हैं।
ताजमहल भ्रमण के दौरान मार्को रूबियो ने विजिटर बुक में भी अपनी प्रतिक्रिया दर्ज की। उन्होंने लिखा कि दुनिया के सच्चे खजानों में से एक को देखने का अवसर देने के लिए धन्यवाद।
सुरक्षा कारणों से अमेरिकी विदेश मंत्री के दौरे के दौरान ताजमहल परिसर में विशेष व्यवस्था की गई थी। डायना बेंच को कुछ समय के लिए खाली कराया गया और ताजमहल में पर्यटकों की एंट्री भी अस्थायी रूप से रोक दी गई थी। परिसर के अंदर मौजूद पर्यटकों को भी कुछ समय के लिए बाहर किया गया, ताकि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
ताजमहल भ्रमण के बाद मार्को रूबियो प्रतिनिधिमंडल के साथ होटल अमर विलास पहुंचे। यहां उन्होंने लंच किया। इसके बाद दोपहर 12:48 बजे खेरिया एयरपोर्ट से विशेष विमान के जरिए जयपुर के लिए रवाना हो गए।
मार्को रूबियो का यह भारत दौरा राजनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात कर चुके हैं। बताया गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका आने का निमंत्रण भी दिया गया। माना जा रहा है कि यह यात्रा भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
