फतेहाबाद। फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर थार कार की टक्कर से युवक मनीष की मौत के बाद शव उठाने को लेकर हुए बवाल और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर बुधवार को समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन गांव पिन्नापुरा पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा एसीपी फतेहाबाद इमरान अहमद से फोन पर वार्ता कर कहा कि पुलिस प्रशासन गुण-दोष के आधार पर कार्रवाई करे और किसी भी निर्दोष व्यक्ति को जेल न भेजे।
फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर दो दिन पूर्व थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव पिन्नापुरा निवासी जसरथ पुत्र देवलाल के यहां मध्यप्रदेश के रायपुर से लगन टीका आ रहा था। उसमें शामिल होने के लिए थाना न्यू आगरा क्षेत्र के गांव बहादरपुर खासपुर निवासी 22 वर्षीय मनीष जा रहा था। इसी दौरान फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर एक बेकाबू थार कार ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी, जिससे मनीष की मौके पर ही मौत हो गई।

दुर्घटना के बाद शव उठाने को लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया। इस दौरान पुलिस टीम पर पथराव कर दिया गया, जिसमें 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने 285 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और ताबड़तोड़ दबिश देकर दूल्हा जसरथ सहित 19 लोगों को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया।
पुलिस कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों से मिलने बुधवार शाम राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन गांव पिन्नापुरा पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से विस्तार से बातचीत की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस गांव में किसी को भी पकड़कर जेल भेज रही है।
ग्रामीण संतोष ने सांसद को बताया कि उसके पुत्र की 19 तारीख को बारात जानी थी। घटना के समय वह उसके साथ बाजार में था और घटनास्थल पर मौजूद नहीं था, इसके बावजूद पुलिस ने रात करीब 11 बजे उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
वहीं देवलाल ने बताया कि उसके पुत्र जसरथ का लगन टीका मध्यप्रदेश के रायपुर से आया था। रिश्तेदार रात में गांव पहुंचे थे, लेकिन पुलिस उनके घर पहुंच गई और रिश्तेदारों को भी पकड़कर जेल भेज दिया, जबकि वे घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे।
ग्रामीणों ने सांसद के समक्ष आरोप लगाया कि पुलिस जबरन निर्दोष ग्रामीणों को गिरफ्तार कर रही है। इसके बाद राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने एसीपी फतेहाबाद इमरान अहमद से फोन पर बातचीत कर कहा कि पुलिस प्रशासन कार्रवाई अवश्य करे, लेकिन केवल गुण-दोष के आधार पर करे और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई न हो।
रामजीलाल सुमन ने कहा कि यह घटना अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण है। घटना के बाद लोगों में आक्रोश था और ऐसी जज्बाती घटनाओं के बाद लोगों का गुस्सा स्वाभाविक होता है। उन्होंने कहा कि भीड़ इकट्ठा तो हो जाती है, लेकिन उसका कोई नेतृत्व या नियंत्रण नहीं होता, जिसके कारण लोग अपनी-अपनी तरह से कार्रवाई करने लगते हैं। उनके अनुसार भीड़ अनियंत्रित और अव्यवस्थित थी, इसलिए यह घटना हुई।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को चोट लगना भी गलत है और किसी भी कीमत पर इसे सही नहीं ठहराया जा सकता। लेकिन घटना के बाद जिस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है, वह न्यायसंगत नहीं है। कार्रवाई केवल उन्हीं लोगों के खिलाफ होनी चाहिए जो वास्तव में दोषी हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 19 तारीख को रामू नाम के लड़के की शादी थी, उसके खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। इसी प्रकार जसरथ का लगन टीका मध्यप्रदेश के रायपुर से रात में लेकर आए रिश्तेदारों को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस पिटने के बाद इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न और बदले की भावना से देख रही है तथा जिसे चाहे उसे कार्रवाई में शामिल कर रही है, जो उचित नहीं है।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि वह चाहते हैं कि पूरी घटना में निष्पक्ष और कानून सम्मत कार्रवाई हो। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, लेकिन किसी भी निर्दोष व्यक्ति का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
इस दौरान प्रहलाद गुर्जर, राजेश शर्मा, सौरभ शर्मा, रामसेवक अघवारिया, शैलेश यादव, आशुतोष वर्मा, प्रमोद वर्मा, गुड्डू दयाल वर्मा, सुनील नीलम, बच्चू सिंह निषाद, विजय वर्मा और संतोष पाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

