आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूल चलो अभियान के तहत विकास खंड अकोला के प्राथमिक विद्यालय खेड़िया के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने गांव में जागरूकता रैली निकालकर शिक्षा का संदेश दिया। बच्चों ने विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर अभिभावकों से अपने बच्चों का सरकारी विद्यालयों में नामांकन कराने और नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पूजा शर्मा के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में बालिका शिक्षा, नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का महत्व प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। ग्राम प्रधान रामकुमार और पूर्व ग्राम प्रधान हरदौल सिंह ने सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए अधिक से अधिक बच्चों का प्रवेश कराने की अपील की। अभियान में विद्यालय के सभी शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूल चलो अभियान के तहत विकास खंड अकोला के प्राथमिक विद्यालय खेड़िया में शिक्षा के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने गांव में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को शिक्षा का महत्व समझाया। रैली के दौरान बच्चों ने विभिन्न स्थानों पर आकर्षक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए, जिनके माध्यम से अभिभावकों को अपने बच्चों का सरकारी विद्यालयों में नामांकन कराने और नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया गया।
रैली में शामिल बच्चों ने हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां लेकर गांव की गलियों में भ्रमण किया। पूरे उत्साह और जोश के साथ बच्चों ने शिक्षा से जुड़े संदेश दिए और ग्रामीणों को बताया कि प्रत्येक बच्चे का विद्यालय जाना उसके उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है। बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास ने ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया और कई स्थानों पर लोग रुककर उनके संदेश को सुनते रहे।

प्रधानाध्यापिका ने लिखा और निर्देशित किया नुक्कड़ नाटक
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पूजा शर्मा ने स्वयं नुक्कड़ नाटक का लेखन और निर्देशन किया। बच्चों ने उनके निर्देशन में प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुत करते हुए शिक्षा के विभिन्न पहलुओं को सरल और रोचक तरीके से ग्रामीणों के सामने रखा।
नाटक के माध्यम से बच्चों ने शिक्षा का महत्व, बालिका शिक्षा, विद्यालय में नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं को दर्शाया। कलाकार बने बच्चों के संवाद और अभिनय ने ग्रामीणों को शिक्षा के प्रति जागरूक होने का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बच्चों का नामांकन बढ़ाना ही नहीं बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना भी रहा।
ग्रामीणों ने की बच्चों के प्रयासों की सराहना
नुक्कड़ नाटक और जागरूकता रैली के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। बच्चों के अभिनय और संदेश से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने उनकी सराहना की और अधिक से अधिक बच्चों का सरकारी विद्यालयों में नामांकन कराने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि बच्चों द्वारा दिया गया संदेश समाज के लिए प्रेरणादायक है और शिक्षा के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का यह तरीका बेहद प्रभावी साबित हो सकता है।
ग्राम प्रधान और पूर्व ग्राम प्रधान ने किया सहयोग का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रधान रामकुमार तथा पूर्व ग्राम प्रधान हरदौल सिंह भी उपस्थित रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण और शिक्षकों के प्रयासों की खुलकर सराहना की।
उन्होंने कहा कि आज सरकारी विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रशिक्षित शिक्षक, पुस्तकें, मध्याह्न भोजन, यूनिफॉर्म सहित अनेक सुविधाएं बच्चों को मिल रही हैं। ऐसे में अभिभावकों को बिना किसी संकोच के अपने बच्चों का सरकारी विद्यालयों में प्रवेश दिलाना चाहिए।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे शिक्षा के इस जन अभियान से जुड़ें और अपने गांव के प्रत्येक बच्चे को विद्यालय तक पहुंचाने में सहयोग करें।
नामांकन बढ़ाने की दिशा में प्रभावी पहल
स्कूल चलो अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम केवल औपचारिक रैली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षा को जन आंदोलन बनाने का संदेश भी देता नजर आया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक और जागरूकता अभियान ने ग्रामीणों में सकारात्मक माहौल तैयार किया और सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने की दिशा में प्रभावी पहल साबित हुआ।
बेसिक शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक परिवार अपने बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित हो। इसी उद्देश्य को लेकर विभाग लगातार गांव-गांव जाकर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।
इन शिक्षकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पूजा शर्मा के साथ शिक्षिका पुष्पा अहिरवार, शिक्षक श्यामवीर सिंह, शिक्षिका शालिनी सिंह, शिक्षिका नेहा भदौरिया तथा शिक्षक दिनेश कुमार ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
सभी शिक्षकों ने बच्चों को रैली और नुक्कड़ नाटक के लिए तैयार करने, ग्रामीणों तक शिक्षा का संदेश पहुंचाने तथा अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय परिवार ने उम्मीद जताई कि इस तरह के जनजागरूकता कार्यक्रमों से सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ेगा और अधिक से अधिक बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ सकेंगे।
