आगरा/अछनेरा। जिले में रेलवे ट्रैक पर हुए दो अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। अछनेरा में एयरफोर्स कर्मचारी नैनाराम ने ट्रेन के आगे आकर जान दे दी, जबकि बरहन में रेलवे ट्रैक पर पेंटिंग का काम कर रहे दो मजदूर तेजस एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। अछनेरा की घटना में पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, जबकि बरहन में दोनों मजदूर ट्रैक पर काम के दौरान ट्रेन की चपेट में आए। दोनों घटनाओं की सूचना मिलते ही रेलवे और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं।
एयरफोर्स जवान ने ट्रेन के आगे दी जान, दो टुकड़ों ट्रैक पर पड़ा मिला शव
अछनेरा स्टेशन के पास गुरुवार सुबह एयरफोर्स कर्मचारी नैनाराम की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। 34 वर्षीय नैनाराम राजस्थान के नागौर जिले के आंकला क्षेत्र के रहने वाले थे। वह पत्नी शोभा और पांच वर्ष की बेटी निकिता व 12 वर्षीय बेटा भावेश के साथ नागौर से प्रयागराज जा रहे थे। नैनाराम की पोस्टिंग प्रयागराज में थी। परिवार के साथ प्रयागराज जाते समय अछनेरा स्टेशन के पास उन्होंने ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी।
हादसे की सूचना मिलने के करीब पांच मिनट बाद रेलवे कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंच गए। अछनेरा जीआरपी के उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना अछनेरा स्टेशन के किलोमीटर 25/17-18 के पास हुई। मौके पर प्वाइंट्समैन जगदीश प्रसाद और ट्रैकमैन राजेश कुमार बेरवा भी मौजूद थे।
जीआरपी को घटनास्थल पर तलाशी के दौरान नैनाराम के पास मोबाइल फोन, आधार कार्ड और एयरफोर्स का पहचान पत्र मिला। दस्तावेजों के आधार पर उनकी पहचान नैनाराम पुत्र करनाराम के रूप में हुई। एयरफोर्स के पहचान पत्र से उनकी प्रयागराज में पोस्टिंग की जानकारी भी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का है। मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
बरहन में ट्रैक पर काम कर रहे दो मजदूर तेजस एक्सप्रेस की चपेट में आए
दूसरी घटना बरहन थाना क्षेत्र में हुई। कानपुर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर बरहन स्टेशन के पास गुरुवार को रेलवे ट्रैक पर पेंटिंग का काम कर रहे दो मजदूर तेजस एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी और पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गए।
मृतकों की पहचान खरकना, बरहन निवासी योगेंद्र पुत्र डोरीलाल और रामबाबू पुत्र हिंदीलाल के रूप में हुई है। दोनों निजी ठेकेदार के अधीन रेलवे ट्रैक पर पेंटिंग का काम कर रहे थे। बताया गया कि दोनों काम में लगे थे और इसी दौरान कानपुर की ओर से तेजस एक्सप्रेस आ गई। ट्रेन की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एनसीआर प्रयागराज के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि मौके पर वॉचमैन भी तैनात था। इसके अलावा दो अन्य कर्मचारी भी वहां मौजूद थे। उन्होंने दोनों मजदूरों को ट्रेन आने की जानकारी देने के लिए आवाज लगाई थी, लेकिन इसी दौरान एक साथ ट्रेन आ गई और दोनों उसकी चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि घटना बेहद दुखद है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा के एहतियाती कदम उठाए गए हैं। रेलवे स्तर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं। मामले की जांच की जा रही है।

हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। नैनाराम परिवार के साथ प्रयागराज की यात्रा कर रहे थे। रेलवे की सूचना के अनुसार परिवार एस-4 कोच में यात्रा कर रहा था, जिसमें सीट संख्या 27, 28 और 6 का उल्लेख है।
घटना की जानकारी एयरफोर्स के अधिकारियों को भी दी गई। इसके बाद आगरा से विंग कमांडर ओम कुमार त्रिपाठी अन्य कर्मचारियों के साथ अछनेरा पहुंचे। एयरफोर्स अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में जीआरपी ने शव से संबंधित आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। करीब दोपहर एक बजे एयरफोर्स कर्मचारी और अछनेरा जीआरपी का स्टाफ शव को लेकर मौके से रवाना हुआ। इसके बाद नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की गई।

हादसे की सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पर कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। रेलवे कर्मचारियों और पुलिस ने मौके पर आवश्यक व्यवस्था संभाली। मृतक की पहचान उसके पास मिले दस्तावेजों से होने के बाद संबंधित विभाग और परिजनों तक सूचना पहुंचाई जा सकी।
