एयरपोर्ट विस्तार से लेकर मेट्रो, सड़क, सीवर,
जल जीवन मिशन और कानून-व्यवस्था तक की समीक्षा
495 विकास कार्यों की कार्ययोजना पर जल्द होगी कार्रवाई
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि आगरा अब मेट्रो शहर है, इसलिए यहां पानी, सड़क, सीवर, सौंदर्यीकरण और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी उसी स्तर की उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सड़क, पुल या किसी भी निर्माण कार्य में लापरवाही अथवा घटिया गुणवत्ता मिलने पर संबंधित इंजीनियर और ठेकेदार की जवाबदेही तय करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जाए और आवश्यक होने पर जेल भी भेजा जाए।
मुख्यमंत्री खेरिया एयरपोर्ट पहुंचने के बाद मंडलायुक्त सभागार पहुंचे, जहां केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी, जयवीर सिंह, लक्ष्मी नारायण चौधरी, योगेंद्र उपाध्याय, बेबी रानी मौर्य, ब्रजेश सिंह, सांसद राजकुमार चाहर, राज्यसभा सदस्य नवीन जैन, महापौर हेमलता दिवाकर, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया, विधायक जीएस धर्मेश, धर्मपाल सिंह, रानी पक्षालिका सिंह, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, भगवान सिंह कुशवाह, बाबूलाल, छोटेलाल वर्मा, विधान परिषद सदस्य विजय शिवहरे सहित आगरा मंडल के सांसद, विधायक, एमएलसी, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में लोक निर्माण विभाग की कार्ययोजना, जनपदीय विकास कार्यों तथा कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक हुई।
ई-विश्वकर्मा पोर्टल पर अपलोड हुई कार्ययोजना, जनप्रतिनिधियों से जल्द मांगी प्राथमिकता
बैठक में सबसे पहले लोक निर्माण विभाग की पुरानी परियोजनाओं और नई कार्ययोजना की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि ई-विश्वकर्मा-2.0 पोर्टल पर मंडल के सभी जनप्रतिनिधियों से विधानसभावार प्रस्ताव प्राप्त कर कार्ययोजना तैयार की गई है। अकेले आगरा जिले के लिए नवीन सड़क निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण, सेतु निर्माण, हेलीपैड, रोड सेफ्टी तथा भवन निर्माण सहित कुल 495 विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन परियोजनाओं में 1138.195 किलोमीटर सड़क निर्माण तथा 2,791.98 करोड़ रुपये से अधिक की कार्ययोजना शामिल की गई है।

मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और अन्य जनप्रतिनिधियों से कहा कि वे अपनी-अपनी विधानसभा की प्राथमिकताएं शीघ्र तय करें। यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन या सुझाव देना हो तो तत्काल उपलब्ध कराया जाए ताकि कार्ययोजना को बिना देरी स्वीकृति देकर धनराशि जारी की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट जारी होने के बाद कार्य तुरंत शुरू हों और उनकी नियमित मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा तेजी से बदल रहा है और अब इसे मेट्रो शहर के अनुरूप विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल, सीवर, सड़क, ट्रैफिक प्रबंधन, सौंदर्यीकरण, स्ट्रीट इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य नागरिक सुविधाओं की समग्र कार्ययोजना तैयार कर गुणवत्ता के साथ काम कराया जाए।
उन्होंने कहा कि शहर में विकास कार्य अलग-अलग विभागों द्वारा किए जा रहे हैं, इसलिए सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ काम करें ताकि नागरिकों को बार-बार खुदी हुई सड़कें और अधूरे कार्यों की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जल जीवन मिशन और रोड कटिंग पर सख्त रुख, घटिया निर्माण पर होगी एफआईआर
मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन, अमृत योजना, सीवर लाइन, पाइपलाइन तथा अन्य परियोजनाओं के लिए की जा रही रोड कटिंग पर विशेष नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सड़क काटने के बाद उसकी गुणवत्तापूर्ण रीस्टोरेशन हर हाल में सुनिश्चित की जाए। सड़क निर्माण हो या सड़क की मरम्मत, हर कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार होना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित कार्यदायी संस्था, इंजीनियर और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय की जाए। आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के पैसे से बनने वाले कार्यों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
एयरपोर्ट विस्तार, सेतु और सड़क परियोजनाओं की कानूनी बाधाएं जल्द हटें
बैठक में आगरा एयरपोर्ट विस्तार, रनवे विस्तारीकरण, विभिन्न सेतु निर्माण तथा सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि एयरपोर्ट विस्तार का अधिकांश कार्य अक्टूबर तक पूरा होने की संभावना है, लेकिन रनवे विस्तार के लिए कुछ पेड़ों को हटाने की अनुमति सर्वोच्च न्यायालय से मिलना शेष है। इसी प्रकार कई सड़क एवं पुल परियोजनाएं भी पेड़ों की कटाई संबंधी अनुमति के कारण प्रभावित हैं।
मुख्यमंत्री ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिए कि सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में प्रभावी पैरवी के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिवक्ताओं का पैनल बनाया जाए। अतिरिक्त प्रयास कर कानूनी अड़चनों को शीघ्र दूर कराया जाए ताकि विकास कार्य बाधित न हों। उन्होंने यह भी कहा कि जहां सड़क चौड़ीकरण में पुराने पेड़ आ रहे हों, वहां वैकल्पिक डिजाइन तैयार कर विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाया जाए।

मेट्रो फेज-2, सीएम ग्रिड और अन्य परियोजनाओं में नहीं हो देरी
मुख्यमंत्री ने आगरा मेट्रो के दूसरे चरण के विस्तार, एयरपोर्ट निर्माण, सीएम ग्रिड योजना, नई सड़कों, चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और अन्य आधारभूत परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की नियमित समीक्षा हो और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भारी डंपरों से खराब होने वाली सड़कों की भरपाई उन्हीं से कराएं
बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर भारी ट्रकों और डंपरों के संचालन का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण सड़कें भारी वाहनों के लिए नहीं बनाई जातीं। ऐसे वाहनों के कारण सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे वाहनों के संचालन पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए तथा जिन डंपरों और ट्रकों से सड़कें खराब हुई हैं, उनसे ही सड़क मरम्मत की क्षतिपूर्ति वसूली जाए। संबंधित विभाग इसकी निगरानी कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

अवैध खनन और निराश्रित पशुओं पर पड़ोसी राज्यों से समन्वय
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश और राजस्थान से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध खनन की शिकायतों पर अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में अवैध खनन नहीं होना चाहिए और नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
निराश्रित पशुओं की समस्या पर उन्होंने निर्देश दिए कि मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई की जाए ताकि किसानों की फसल को नुकसान न पहुंचे और ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
जनप्रतिनिधियों ने रखीं शहर की प्रमुख विकास परियोजनाएं
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने शहर के कई महत्वपूर्ण विकास प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। इनमें दयालबाग से खंदौली को जोड़ने वाले यमुना पुल का निर्माण, एत्मादपुर बाईपास, ग्वालियर रोड पर जलभराव की समस्या का समाधान, धार्मिक स्थलों के संपर्क मार्गों का विकास तथा विभिन्न सेतु और सड़क निर्माण परियोजनाएं शामिल रहीं।
मुख्यमंत्री ने इन सभी प्रस्तावों को कार्ययोजना में शामिल करने और उनकी तकनीकी एवं वित्तीय प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के लिए विशेष तकनीक अपनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की खराब स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिक्रमा मार्ग का निर्माण ऐसी आधुनिक तकनीक से किया जाए जिससे श्रद्धालुओं को चलने में परेशानी न हो और उनके पैरों में छाले न पड़ें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस परियोजना को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा कराने को कहा।
कानून-व्यवस्था और विकास दोनों पर बराबर फोकस
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विकास परियोजनाओं को गति देने के साथ अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए। विकास और कानून-व्यवस्था दोनों सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
स्वागत से लेकर समीक्षा बैठक तक प्रशासन रहा सक्रिय
मुख्यमंत्री के आगरा पहुंचने पर खेरिया एयरपोर्ट पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया, महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, जनप्रतिनिधियों, मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी मनीष बंसल तथा पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने स्वागत किया।
समीक्षा बैठक में आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम. अरुणमोली, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, नगरायुक्त संतोष कुमार वैश्य सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और मुख्यमंत्री के समक्ष विभागवार प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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सांसद राजकुमार चाहर और विधायक धर्मपाल सिंह ने रखीं सड़क, पुल और बाईपास की बड़ी मांगें
फतेहपुर सीकरी से बाह और एत्मादपुर तक सड़क संपर्क मजबूत करने
नए पुल, बाईपास और इंडस्ट्रियल क्लस्टर के प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कई मामलों में अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में रविवार को मंडलायुक्त सभागार में आयोजित लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक आगरा के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। बैठक में फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर और एत्मादपुर विधायक धर्मपाल सिंह ने अपने-अपने क्षेत्रों की वर्षों पुरानी समस्याओं और विकास परियोजनाओं को प्रमुखता से मुख्यमंत्री के सामने रखा। दोनों जनप्रतिनिधियों ने सड़क, पुल, बाईपास, रेलवे स्टेशन संपर्क मार्ग, औद्योगिक विकास और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी से जुड़े कई प्रस्ताव रखे। मुख्यमंत्री ने अधिकांश मामलों में संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने और लंबित परियोजनाओं की बाधाएं दूर कर कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।

इन प्रस्तावों के लागू होने से आगरा शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, जाम की समस्या कम होगी, औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और हजारों ग्रामीणों को बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा।
फतेहपुर सीकरी और अछनेरा के लिए बाईपास की मांग, शहरों को जाम से मिलेगी राहत
सांसद राजकुमार चाहर ने बैठक में सबसे पहले फतेहपुर सीकरी और अछनेरा नगर के लिए बाईपास निर्माण की मांग रखी। उन्होंने कहा कि दोनों कस्बों से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों के कारण लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से इन दोनों नगरों के लिए बाईपास निर्माण को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। उनका कहना था कि बाईपास बनने से शहरों के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और क्षेत्र का आर्थिक एवं पर्यटन विकास भी तेज होगा।
खारी नदी पर पुल निर्माण की मांग
सांसद चाहर ने जैंगारा-बसैया बोवला के बीच खारी नदी पर पुल निर्माण का मुद्दा भी मजबूती से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि हाल ही में नदी पार करते समय तीन युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है। यह घटना क्षेत्र में स्थायी पुल की आवश्यकता को और गंभीर बना देती है।
उन्होंने कहा कि पुल बनने से न केवल लोगों की जान जोखिम में पड़ने से बचेगी, बल्कि हजारों ग्रामीणों का आवागमन भी सुरक्षित और सुगम होगा। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग से आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
बटेश्वर रेलवे स्टेशन तक सड़क बनाने की मांग
सांसद ने बाह विधानसभा क्षेत्र में नव निर्मित बटेश्वर रेलवे स्टेशन तक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन बनने के बाद भी वहां तक पहुंचने के लिए पर्याप्त सड़क सुविधा नहीं है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से स्टेशन को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क के शीघ्र निर्माण की मांग की ताकि रेलवे स्टेशन का पूरा लाभ स्थानीय लोगों को मिल सके और धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिले।
उगनपुरा मिनी स्टेडियम और ग्रामीण सड़कों पर भी जोर
राजकुमार चाहर ने युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए उगनपुरा में प्रस्तावित मिनी स्टेडियम तक सड़क निर्माण की मांग रखी। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क बनने से खिलाड़ियों और युवाओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी तथा खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बाह विधानसभा के दर्जनों गांव आज भी बेहतर सड़क संपर्क से वंचित हैं। इन गांवों को प्राथमिकता के आधार पर सड़क नेटवर्क से जोड़ना जरूरी है, ताकि ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार जैसी सुविधाओं तक आसान पहुंच मिल सके।
मेहरा-नाहरगंज पुल और ग्वालियर रोड नाले का भी उठाया मुद्दा
सांसद ने आगरा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में मेहरा-नाहरगंज पुल निर्माण और ग्वालियर रोड पर नाले के निर्माण का मुद्दा भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से क्षेत्र में जलभराव की समस्या कम होगी और यातायात भी सुगम बनेगा।
इसके अलावा फतेहाबाद और खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्रों में प्रस्तावित सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों के लिए संबंधित विधायकों द्वारा रखे गए प्रस्तावों का भी उन्होंने समर्थन किया और उन्हें शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया।
आगरा-जलेसर मार्ग की बदहाल स्थिति पर विधायक धर्मपाल सिंह ने जताई चिंता
बैठक में एत्मादपुर विधायक धर्मपाल सिंह ने आगरा-जलेसर मार्ग की खराब स्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि इस सड़क के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से बजट पहले ही स्वीकृत हो चुका है, लेकिन पेड़ों को हटाने की अनुमति सर्वोच्च न्यायालय में लंबित होने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि सड़क की खराब हालत के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोगों की जान जा रही है। क्षेत्र के हजारों लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कानूनी अड़चनों को जल्द दूर कर प्रभावी पैरवी की जाए और निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए।
दयालबाग-खंदौली यमुना पुल से शहर को मिलेगी बड़ी राहत
विधायक धर्मपाल सिंह ने दयालबाग से खंदौली बाईपास निर्माण के लिए यमुना नदी पर स्थायी पुल बनाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्थायी पुल से प्रतिदिन लगभग 15 से 16 हजार वाहन गुजरते हैं, जिससे लगातार दबाव बना रहता है।
उन्होंने कहा कि स्थायी पुल बनने से आगरा शहर के अंदर वाहनों का दबाव कम होगा, ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आएगा और पूर्वी क्षेत्र के लोगों को तेज एवं सुरक्षित आवागमन का विकल्प मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को भी प्राथमिकता में शामिल करने के निर्देश दिए।
एत्मादपुर बाईपास और इंडस्ट्रियल क्लस्टर की भी उठी मांग
विधायक ने एत्मादपुर बाईपास के निर्माण के साथ-साथ क्षेत्र में इंडस्ट्रियल क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा। उनका कहना था कि औद्योगिक क्लस्टर बनने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, निवेश बढ़ेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को इन प्रस्तावों को सूचीबद्ध कर प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
शहर और ग्रामीण क्षेत्र दोनों के विकास पर रहा फोकस
समीक्षा बैठक में रखे गए अधिकांश प्रस्ताव केवल शहर तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क, सुरक्षित पुल, रेलवे स्टेशन तक संपर्क मार्ग और औद्योगिक विकास से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया। यदि ये परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी होती हैं तो आगरा शहर के साथ फतेहपुर सीकरी, बाह, एत्मादपुर, खेरागढ़, फतेहाबाद और ग्रामीण इलाकों के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
सड़क संपर्क मजबूत होने से पर्यटन, व्यापार, कृषि और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी, जबकि नए बाईपास और पुल बनने से शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम होगा और लोगों का सफर अधिक सुरक्षित एवं सुगम बन सकेगा।

