सार
उत्तरी वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने मानवीय सहायता का हाथ बढ़ाते हुए ऑपरेशन ‘अमिस्ताद’ के तहत भारतीय सेना की विशेष मेडिकल टीम को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए रवाना किया है। 41 सदस्यीय यह दल अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों, छह टन राहत सामग्री और भारत के स्वदेशी ‘भीष्म क्यूब’ मोबाइल फील्ड अस्पताल के साथ प्रभावित क्षेत्र में लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

नई दिल्ली। उत्तरी वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप के बाद भारत ने एक बार फिर वैश्विक मानवीय सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। ऑपरेशन ‘अमिस्ताद’ के तहत भारतीय सेना ने विशेष मेडिकल दल को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए वेनेजुएला भेजा है। यह दल शुक्रवार दोपहर हिंडन वायुसेना स्टेशन से भारतीय वायुसेना के दो विशेष विमानों के माध्यम से रवाना हुआ।
भारतीय सेना के 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल से भेजे गए इस दल में कुल 41 सदस्य शामिल हैं, जिनमें नौ विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारी भी हैं। टीम का मुख्य उद्देश्य भूकंप प्रभावित लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, ट्रॉमा उपचार, जीवनरक्षक सर्जरी और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

राहत दल अपने साथ लगभग छह टन चिकित्सा सामग्री और मानवीय राहत सामग्री भी लेकर गया है। यह राहत सामग्री विदेश मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराई गई है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल चिकित्सा सहायता और जरूरी संसाधन पहुंचाए जा सकें।
इस मिशन की सबसे बड़ी विशेषता भारत का स्वदेशी ‘भीष्म क्यूब’ (BHISHM Cube) है, जिसे भारत के ‘आरोग्य मैत्री परियोजना’ के तहत विकसित किया गया है। भारतीय वायुसेना के एक विमान के जरिए इस अत्याधुनिक मोबाइल चिकित्सा प्रणाली को भी वेनेजुएला भेजा गया है।
‘भीष्म क्यूब’ एक आधुनिक, मॉड्यूलर और तेजी से तैनात किया जा सकने वाला फील्ड अस्पताल है, जिसे विशेष रूप से प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकटों के दौरान उपयोग के लिए तैयार किया गया है। यह कुछ ही समय में पूर्ण रूप से कार्यशील अस्पताल में परिवर्तित किया जा सकता है।
इसमें अत्याधुनिक ट्रॉमा केयर, आपातकालीन सर्जरी, गहन चिकित्सा (आईसीयू), पोर्टेबल वेंटिलेटर, मरीजों की निगरानी के उपकरण, आधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनें, सर्जिकल उपकरण, बिजली उत्पादन प्रणाली तथा ऑक्सीजन सपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह फील्ड अस्पताल एक समय में करीब 200 मरीजों का उपचार करने की क्षमता रखता है।
भारतीय सेना का यह अभियान केवल राहत सामग्री पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रभावित लोगों को तत्काल और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। मेडिकल विशेषज्ञ स्थानीय प्रशासन और अन्य राहत एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरतमंद लोगों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाएंगे।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में दुनिया के विभिन्न देशों में प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकटों के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई है। ऑपरेशन ‘अमिस्ताद’ भी उसी कड़ी का हिस्सा है, जो यह दर्शाता है कि भारत कठिन समय में मित्र देशों के साथ मजबूती से खड़ा रहता है।
सरकार ने कहा है कि यह मिशन भारत की ‘मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR)’ नीति और वैश्विक सहयोग की भावना का प्रतीक है। भारत भविष्य में भी किसी भी मित्र राष्ट्र पर संकट आने की स्थिति में हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

