आगरा। देशभर के छावनी परिषद (कैंटोनमेंट बोर्ड) के स्कूलों में जल्द बड़ा शैक्षणिक बदलाव होने जा रहा है। रक्षा संपदा महानिदेशालय ने सभी छावनी परिषदों को पत्र भेजकर स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध करने और पूरे देश में एक समान पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग, ई-कंटेंट, कंप्यूटर लैब, शिक्षकों का प्रशिक्षण और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आगरा कैंटोनमेंट बोर्ड के सात स्कूल भी इस योजना के दायरे में आएंगे, जहां करीब 1600 छात्र अध्ययनरत हैं।
देशभर के छावनी परिषद (कैंटोनमेंट बोर्ड) के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और एकरूप बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। रक्षा संपदा महानिदेशालय ने सभी छावनी परिषदों को पत्र भेजकर स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध करने की योजना की जानकारी दी है। इसके साथ ही सभी स्कूलों में एक समान पाठ्यक्रम लागू करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों में संचालित छावनी परिषद के स्कूल अलग-अलग राज्य शिक्षा बोर्डों से संबद्ध हैं। इसके कारण पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली और शिक्षा के स्तर में अंतर देखने को मिलता है। नई योजना लागू होने के बाद पूरे देश के कैंटोनमेंट बोर्ड स्कूलों में एक समान शैक्षणिक ढांचा विकसित होगा, जिससे छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
नई व्यवस्था के तहत स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग, ई-कंटेंट, कंप्यूटर लैब और अन्य आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। साथ ही स्कूलों के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिल सके।
योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शिक्षकों का प्रशिक्षण भी है। शिक्षकों को नई शिक्षा पद्धति और आधुनिक तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे छात्रों को बेहतर और प्रभावी शिक्षा प्रदान कर सकें। इसके साथ ही परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली में भी व्यापक सुधार किए जाएंगे।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल देशभर के छावनी परिषद स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देगी। इससे छात्रों को सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा मिलेगी और उन्हें उच्च शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी लाभ होगा।
आगरा कैंटोनमेंट बोर्ड वर्तमान में सात स्कूलों का संचालन करता है। इनमें एक इंटर कॉलेज, तीन जूनियर हाईस्कूल, दो प्राइमरी स्कूल और एक विशेष (स्पेशल) स्कूल शामिल हैं। वर्तमान में ये सभी स्कूल उत्तर प्रदेश बोर्ड से मान्यता प्राप्त हैं।
हालांकि रेनबो स्कूल अंग्रेजी माध्यम से संचालित होता है और कई अन्य स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई भी शुरू की जा चुकी है। इन सातों स्कूलों में करीब 1600 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विशेष स्कूल में दिव्यांग बच्चों को भी शिक्षा दी जा रही है।
इन स्कूलों में सरकारी और गैर-सरकारी मिलाकर 68 शिक्षक कार्यरत हैं, जो विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
छावनी परिषद के मुख्य अधिशासी अधिकारी दीपक मोहन ने बताया कि छात्रों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ खेलकूद और आधुनिक शिक्षण सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कैंटोनमेंट बोर्ड के स्वामित्व वाले सभी स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से सीबीएसई से संबद्ध करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद छावनी परिषद के सभी स्कूलों में शिक्षा प्रणाली अधिक आधुनिक, तकनीक आधारित और एक समान होगी। इससे छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा का लाभ मिलेगा और पूरे देश में कैंटोनमेंट बोर्ड स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था एक समान मानकों पर संचालित हो सकेगी।

