आगरा। अछनेरा क्षेत्र में दोस्ती की मिसाल एक दर्दनाक हादसे में बदल गई। स्कूल से छुट्टी के बाद दो किशोर अपने साथियों के साथ अरावली की पहाड़ियों के बीच बने तालाब पर नहाने पहुंचे। गहरे पानी में डूब रहे दोस्त को बचाने के लिए दूसरे किशोर ने हाथ बढ़ाया, लेकिन उसका पैर भी फिसल गया और दोनों तालाब में समा गए। ग्रामीणों और पुलिस ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। दोनों नौवीं कक्षा के छात्र और बेहद करीबी दोस्त थे। हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।
थाना अछनेरा क्षेत्र में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। गांव मगूरा निवासी 14 वर्षीय करन पुत्र सोमेंद्र और गांव मंशा निवासी 15 वर्षीय देवमोहन पुत्र ईश्वरी प्रसाद की तालाब में डूबने से मौत हो गई। सबसे मार्मिक बात यह रही कि देवमोहन को डूबता देख करन उसे बचाने के लिए तालाब में उतरा, लेकिन वह भी गहरे पानी में समा गया। देखते ही देखते दोनों किशोरों की जिंदगी खत्म हो गई।
जानकारी के अनुसार दोनों किशोर रायभा स्थित लॉर्ड कृष्णा स्कूल में कक्षा नौ के छात्र थे। बुधवार को दोपहर करीब 12:45 बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद दोनों अपने-अपने घर पहुंचे। घर पर स्कूल बैग रखने के बाद वे अपने तीन अन्य साथियों के साथ करीब डेढ़ किलोमीटर दूर धनौली गांव स्थित अरावली की पहाड़ियों के बीच बने तालाब की ओर चले गए। यह तालाब बारिश के पानी से लबालब भरा हुआ था और पूर्व में हुई खुदाई के कारण काफी गहरा हो चुका है।
तालाब पर पहुंचने के बाद देवमोहन नहाने के लिए पानी में उतर गया। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। खुद को डूबता देख उसने मदद के लिए आवाज लगाई। दोस्त की आवाज सुनकर करन तुरंत उसकी ओर बढ़ा और उसका हाथ पकड़कर बाहर खींचने का प्रयास करने लगा। लेकिन गहराई और पानी के तेज खिंचाव के कारण देवमोहन को बाहर नहीं निकाल सका। इसी बीच करन का भी संतुलन बिगड़ गया और उसका पैर फिसलने से वह भी गहरे पानी में गिर पड़ा। कुछ ही क्षणों में दोनों किशोर पानी में डूबने लगे और मदद के लिए आवाज लगाने लगे।
मौके पर मौजूद तीन अन्य छात्रों ने शोर मचाया तो आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़कर तालाब पर पहुंचे। ग्रामीणों ने दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों गहरे पानी में समा चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही गांव के सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए। पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंच गई। इसके बाद गांव के 20 से 25 युवाओं ने तालाब में उतरकर किशोरों की तलाश शुरू की। इनमें कई अच्छे तैराक भी शामिल थे। करीब आधे घंटे की लगातार मशक्कत के बाद दोनों किशोरों को तालाब से बाहर निकाला गया।
तालाब के किनारे ही ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों ने दोनों को बचाने का हरसंभव प्रयास किया। उन्हें उल्टा लिटाकर पीठ दबाई गई ताकि पेट में भरा पानी बाहर निकल सके, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद दोनों को तत्काल अछनेरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में भी मातम छा गया। हर किसी की जुबान पर यही बात थी कि यदि दोनों तालाब पर नहीं गए होते तो शायद यह हादसा टल सकता था।
ग्रामीणों ने बताया कि करन और देवमोहन केवल सहपाठी ही नहीं, बल्कि बेहद गहरे दोस्त भी थे। दोनों अलग-अलग गांवों के रहने के बावजूद रोज साथ स्कूल जाते थे और स्कूल में भी अधिकतर समय एक-दूसरे के साथ ही रहते थे। दोस्ती इतनी गहरी थी कि जब देवमोहन डूबने लगा तो करन ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और दोनों की जिंदगी एक साथ खत्म हो गई।
ग्रामीणों के अनुसार धनौली स्थित अरावली पर्वत श्रृंखला के इस क्षेत्र में पहले खुदाई होने के कारण बड़े और गहरे गड्ढे बन गए थे। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से वे गहरे तालाब का रूप ले चुके हैं। बताया गया कि इससे पहले भी दोनों किशोर अपने अन्य दोस्तों के साथ कई बार यहां नहाने आ चुके थे, लेकिन इस बार गहराई उनके लिए जानलेवा साबित हुई।
घटना के बाद क्षेत्र में ऐसे जलभराव वाले गहरे तालाबों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि बच्चे और किशोर वहां न जा सकें। लोगों का मानना है कि समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाएं तो भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सकता है।
दो मासूम दोस्तों की एक साथ मौत से अछनेरा क्षेत्र शोक में डूब गया। जिस दोस्ती की मिसाल दोनों स्कूल में देते थे, वही दोस्ती उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गई। गांव में हर आंख नम थी और हर कोई यही कह रहा था कि दोस्त को बचाने निकला करन आखिर दोस्त के साथ ही हमेशा के लिए चला गया।
