आगरा। भूजल सप्ताह-2026 के समापन अवसर पर आगरा में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया गया। दिल्ली पब्लिक स्कूल, शास्त्रीपुरम में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में छात्रों को भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पानी की बर्बादी रोकने के सरल उपाय बताए गए। वहीं विकास भवन में जिला स्तरीय गोष्ठी एवं समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने जल संरक्षण को प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बताते हुए भविष्य में इसे जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया। दोनों कार्यक्रमों के अंत में सभी को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।

भूजल सप्ताह-2026 के तहत बुधवार को आयोजित कार्यक्रमों में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को लेकर व्यापक जनजागरूकता का संदेश दिया गया। दिल्ली पब्लिक स्कूल, शास्त्रीपुरम में भूगर्भ जल विभाग की ओर से विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जबकि विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय गोष्ठी एवं समीक्षा बैठक के साथ भूजल सप्ताह का समापन हुआ। दोनों कार्यक्रमों में जल संरक्षण को केवल सरकारी अभियान न मानकर जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया गया।

दिल्ली पब्लिक स्कूल, शास्त्रीपुरम में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सहायक भू-भौतिकविद् नौरतन कमल ने छात्रों को वर्तमान समय में भूजल संरक्षण और वर्षा जल संचयन की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगातार बढ़ते जल दोहन और घटते भूजल स्तर को देखते हुए अब प्रत्येक व्यक्ति को जल संरक्षण की दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का अधिक से अधिक संचयन कर भूजल स्तर को सुधारा जा सकता है और भविष्य की जल समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।

कार्यक्रम में हाइड्रोलॉजिस्ट दीपक कुमार ने विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में पानी की बर्बादी रोकने के सरल और व्यवहारिक उपाय बताए। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिणाम दे सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक टपकते हुए नल से प्रतिदिन लगभग छह लीटर पानी व्यर्थ बह जाता है। इसी तरह आरओ प्लांट से एक लीटर शुद्ध पानी प्राप्त करने में लगभग पांच लीटर भूजल बर्बाद हो जाता है। यदि कोई नल खुला छोड़ दिया जाए तो उससे प्रति मिनट लगभग सात लीटर पानी बह जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास पानी की बर्बादी रोकने के लिए स्वयं जागरूक रहें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

विशेषज्ञों ने कहा कि जल संरक्षण केवल बड़े प्रोजेक्टों से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में बदलाव से भी संभव है। यदि प्रत्येक व्यक्ति पानी का सोच-समझकर उपयोग करे, वर्षा जल संचयन को अपनाए और अनावश्यक जल बर्बादी रोके, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल संसाधन सुरक्षित रखे जा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकगण और छात्र-छात्राओं को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई तथा पानी बचाने का संकल्प कराया गया।

इसी क्रम में भूजल सप्ताह-2026 के समापन अवसर पर विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय गोष्ठी एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, जनपद के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों, भूगर्भ जल विभाग और लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। बैठक में सप्ताह भर के दौरान आयोजित कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों की समीक्षा की गई तथा भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

बैठक में सीनियर जियोफिजिसिस्ट ने 16 जुलाई से 22 जुलाई तक आयोजित भूजल सप्ताह की विभिन्न गतिविधियों और जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सप्ताह भर स्कूलों, विभिन्न संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुरूप अब जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने अपील की कि भूजल सप्ताह का समापन किसी अभियान का अंत नहीं, बल्कि जल संचयन और जल संरक्षण की नई शुरुआत माना जाए।
बैठक के दौरान सहायक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग ने जनपद आगरा में भूगर्भ जल विभाग के समन्वय से आयोजित सभी कार्यक्रमों और गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण पावर प्वाइंट के माध्यम से किया। इसमें वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण, जनजागरूकता अभियानों और विभागीय गतिविधियों की जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने कहा कि यदि सरकारी विभागों के साथ आम नागरिक भी सक्रिय भागीदारी निभाएं तो जल संकट की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
समापन समारोह के अंत में उपायुक्त ने उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। सभी ने जल की प्रत्येक बूंद का महत्व समझते हुए पानी की बर्बादी रोकने, वर्षा जल संचयन को अपनाने और समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित जल उपलब्ध कराना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसके लिए सरकार के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है। भूजल सप्ताह-2026 का समापन इसी संकल्प के साथ हुआ कि जल संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाकर आगरा को जल सुरक्षा की दिशा में मजबूत बनाया जाएगा।
