आगरा में खनिज लेकर सड़कों पर दौड़ रहे बिना नंबर प्लेट, बिना एचएसआरपी, ओवरलोड और बिना वैध रॉयल्टी वाले वाहनों पर अब प्रशासन की नजर और कड़ी होगी। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने खनन टास्क फोर्स की बैठक में ऐसे वाहनों के खिलाफ चालान, सीज और जरूरत पड़ने पर एफआईआर तक की कार्रवाई के निर्देश दिए। सीमा क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर सघन चेकिंग के साथ सीसीटीवी और ड्रोन सर्वे से निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।

आगरा। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में जनपद एवं तहसील स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन कर खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए और संयुक्त प्रवर्तन अभियान को और मजबूत बनाया जाए।

जिलाधिकारी ने खनन, परिवहन, पुलिस, वन और राजस्व विभाग को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनपद और तहसील स्तर पर चेकिंग के लिए रोस्टर तैयार कर सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। सीमा क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर नाका चेकिंग को भी सक्रिय करने को कहा गया है, ताकि अवैध खनन और खनिज परिवहन में लगे वाहनों की नियमित जांच हो सके।
सबसे अहम निर्देश बिना नंबर प्लेट और नियमों के विपरीत नंबर प्लेट लगाने वाले वाहनों को लेकर रहे। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग से कहा कि बिना नंबर प्लेट, बिना एचएसआरपी नंबर प्लेट, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ अथवा नंबर प्लेट छिपाकर चलने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। ऐसे वाहनों का चालान करने के साथ उन्हें सीज किया जाए और आवश्यकतानुसार एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।
ओवरलोड वाहनों और बिना वैध रॉयल्टी या आवश्यक प्रपत्रों के खनिज परिवहन पर भी कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को चेक किए गए वाहनों और ओवरलोड पाए गए वाहनों का नियमित डेटा तैयार करने को कहा गया, जिससे प्रवर्तन कार्रवाई की स्थिति की लगातार समीक्षा की जा सके।
खनन अनुमतियों को लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अनुमतियां ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से ही जारी हों। अनुमति की शर्तों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। नियमानुसार खनन स्थल का अनुमति से पहले और खनन पूरा होने के बाद ड्रोन सर्वे एवं फोटोग्राफी भी कराई जाए। इससे खनन क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों की निगरानी और अनुमति की शर्तों के अनुपालन की जांच की जा सकेगी।
बैठक में जिला खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन, ऑनलाइन खनन अनुमति, ड्रोन सर्वे, प्रवर्तन कार्रवाई और विभागीय समन्वय की जानकारी दी। उन्होंने वैध खनन एवं खनिज परिवहन सुनिश्चित करने के लिए की जा रही कार्रवाई के बारे में भी बताया।
जिलाधिकारी ने साप्ताहिक निरीक्षण कर संबंधित विभागों की संयुक्त जांच रिपोर्ट निर्धारित अवधि में शासन को भेजने के निर्देश दिए। सीसीटीवी कैमरों के संचालन और मॉनिटरिंग की नियमित समीक्षा करने के साथ संदिग्ध और बार-बार आवागमन करने वाले वाहनों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया।
राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत और बालू खनन तथा अवैध परिवहन की रोकथाम की भी समीक्षा हुई। जिलाधिकारी ने चिह्नित संवेदनशील स्थलों पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से नियमित निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी विभागों को निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप काम करने और आपसी समन्वय बनाए रखने को कहा। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संदीप कुमार वर्मा, डीएफओ राजेश कुमार, एआरटीओ आलोक अग्रवाल, संबंधित एसीपी, एसडीएम और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
