आगरा। कमला नगर-बल्केश्वर के राजा के 19वें विशाल गणेश महोत्सव की तैयारियों का ऐलान कर दिया गया है। पोला भाई ग्रुप की ओर से आयोजित होने वाले महोत्सव में उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी गणपति प्रतिमा स्थापित किए जाने का दावा किया गया है। गणेश चौक, छोटे गुरुद्वारे के पास कमला नगर में होने वाले आयोजन में करीब 6700 किलोग्राम वजनी और 25 फीट लंबी प्रतिमा आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगी। आयोजकों ने बताया कि प्रतिमा को कलकत्ता और नासिक के कारीगर करीब दो माह की मेहनत से तैयार कर रहे हैं। महोत्सव सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर आयोजनकर्ताओं ने शनिवार को पोस्टर लोकार्पण के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की।
पोला भाई ने बताया कि इस बार गणेश महोत्सव में भव्य प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी है। प्रतिमा का वजन करीब 6700 किलोग्राम और लंबाई 25 फीट बताई गई है। इसे कलकत्ता और नासिक के कारीगरों ने करीब दो महीने की मेहनत से तैयार किया है। आयोजन स्थल पर प्रतिमा को क्रेन की सहायता से पंडाल में स्थापित किया जाएगा। आयोजकों ने इसे उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी गणपति प्रतिमा के रूप में प्रस्तुत किया है।
मीडिया प्रभारी राजा शर्मा ने बताया कि प्रतिमा की खासियत केवल उसका आकार नहीं, बल्कि उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी है। इसे पर्यावरण के अनुकूल प्राकृतिक सामग्रियों से तैयार किया जा रहा है। निर्माण में मिट्टी, गोबर, जौ, हल्दी और पूजन सामग्री आदि का उपयोग किया गया है। आयोजकों का कहना है कि प्रतिमा तैयार करते समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि बाद में विसर्जन के दौरान जीवनदायिनी यमुना नदी को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
गणेश महोत्सव के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। कृष्णा पंडित और आचार्य सचिन दीक्षित ने बताया कि आयोजन के दौरान 11 दिनों तक प्रतिदिन तीन बार आरती होगी। सुबह पांच बजे मंगला आरती, सुबह नौ बजे आरती और रात नौ बजे आरती का समय निर्धारित किया गया है। आयोजकों के अनुसार इन धार्मिक आयोजनों में कमला नगर-बल्केश्वर सहित आसपास के क्षेत्रों के हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।
पोला भाई ग्रुप की ओर से आयोजित होने वाला यह महोत्सव लगातार 19वें वर्ष आयोजित किया जा रहा है। गणेश चतुर्थी के अवसर पर होने वाले आयोजन को लेकर क्षेत्र में तैयारियां की जा रही हैं। गणेश चौक पर छोटे गुरुद्वारे के पास पंडाल तैयार किया जाएगा, जहां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गणपति प्रतिमा की स्थापना होगी। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार धार्मिक कार्यक्रमों के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को भी इस बार प्रमुखता दी गई है।
आयोजकों ने प्रतिमा के निर्माण में प्राकृतिक सामग्री के इस्तेमाल को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है। मिट्टी, गोबर, जौ, हल्दी और पूजन सामग्री से तैयार होने वाली प्रतिमा के विसर्जन के दौरान यमुना को नुकसान न पहुंचे, इसे ध्यान में रखा गया है। गणेश उत्सव में धार्मिक आस्था के साथ नदी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की कोशिश भी की जा रही है।
महोत्सव के संबंध में जारी जानकारी के दौरान आयोजन से जुड़े लोगों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी भी रही। इनमें आशू जैन, प्रदीप अग्रवाल, मन्जीत सिंह, राममोहन शर्मा, एसडी पंडित, मुरारी लाल गोयल, पंकज अग्रवाल, पारुल अग्रवाल, कंचन पवन बंसल, पूजा गिर्राज बंसल, हरिओम बाबा, अरविन्द भाई, प्रदीप शर्मा, पप्पू भाई, इन्दर डावर और कुन्दनिका शर्मा शामिल रहे।
इसके अलावा उमेश शर्मा, अनिल अग्रवाल, केशव अग्रवाल, विमल गुप्ता, संजीव पाठक, महेश फौजदार, मोहित चोपड़ा, सुमित पाहवा, बीनू यादव, गुरुदयाल सिंह बेदी, मनीष, संजय, डॉ. सुभाष अरोड़ा, रविन्द्र महेन्द्रू, महेश निषाद, पवन अग्रवाल, टिंकू निगम, राकेश, हरीशंकर, रितेश बंसल, हेमंत प्रजापति और शशांक तिवारी, हनी पंडित, प्रिंस जैन, अनिल चौहान, निक्कू पंडित, अमृतलाल, अभिषेक, शिवम, कुमकुम उपाध्याय, सीमा सिंघल, पूजा जैन, तुलसानी परिवार, अमित गुप्ता सुगन्धी, गोविन्द गुप्ता सुगन्धी, सोनू डाबर, सजल गर्ग, रवि शर्मा, मुकेश शर्मा, प्रवीन, विष्णु अग्रवाल, ध्रुव वर्मा और चिंटू चौधरी आदि मौजूद रहे।
आयोजकों के मुताबिक गणेश महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना और आरती प्रमुख धार्मिक कार्यक्रम होंगे। तीन निर्धारित समय पर होने वाली आरती में क्षेत्र के लोगों के पहुंचने की संभावना है। सुबह होने वाली मंगला आरती से लेकर रात की आरती तक धार्मिक कार्यक्रमों का क्रम जारी रहेगा। आयोजन को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
