आगरा। खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से पशुओं को बचाने के लिए आगरा में 45 दिवसीय निशुल्क टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है। 22 जुलाई से 8 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान में 49 टीमें गांव-गांव जाकर 6.22 लाख से अधिक पात्र पशुओं का मुफ्त टीकाकरण करेंगी। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कलक्ट्रेट परिसर से पशुपालन विभाग के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। विभाग ने पशुपालकों से निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र पशुओं का टीकाकरण कराने की अपील की है।

जनपद में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग की रोकथाम के लिए बुधवार से 45 दिवसीय निशुल्क टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। अभियान का शुभारंभ कलक्ट्रेट परिसर से जिलाधिकारी मनीष बंसल, मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डी.के. पाण्डेय ने पशुपालन विभाग के वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया। अभियान के तहत पशुपालन विभाग की 49 टीमें गांव-गांव पहुंचकर पात्र पशुओं का निशुल्क टीकाकरण करेंगी। विभाग का लक्ष्य जनपद में 6 लाख 22 हजार 150 पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव का टीका लगाना है।
पशुपालन विभाग के अनुसार टीकाकरण अभियान 22 जुलाई से शुरू होकर 8 सितंबर 2026 तक लगातार 45 दिनों तक चलेगा। इसके लिए आवश्यक 6,22,150 डोज टीके जनपद को उपलब्ध करा दिए गए हैं। सभी टीमें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर पशुपालकों के घरों और डेयरियों तक पहुंचेंगी, ताकि अधिक से अधिक पात्र पशुओं का समय पर टीकाकरण किया जा सके और रोग के प्रसार को रोका जा सके।
विभाग ने बताया कि खुरपका-मुंहपका रोग पशुओं में तेजी से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में समय पर टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। अभियान का उद्देश्य पशुओं को संक्रमण से सुरक्षित रखना और जनपद में इस रोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
टीकाकरण कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) डॉ. विपिन कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान केवल पात्र पशुओं का ही टीकाकरण किया जाएगा। चार माह से कम आयु के पशुओं तथा छह माह से अधिक अवधि के गर्भित पशुओं को खुरपका-मुंहपका का टीका नहीं लगाया जाएगा। पशुपालकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित मानकों का पालन करते हुए केवल पात्र पशुओं का टीकाकरण कराएं और अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें तय कार्यक्रम के अनुसार प्रत्येक गांव में पहुंचेंगी। ऐसे में पशुपालक अपने पशुओं को टीकाकरण के लिए उपलब्ध रखें, ताकि किसी भी पात्र पशु का टीकाकरण छूटने न पाए। विभाग का प्रयास है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य के अनुरूप सभी पात्र पशुओं का टीकाकरण पूरा किया जाए।
अभियान के शुभारंभ के अवसर पर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) डॉ. विपिन कुमार, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सदर) डॉ. अनिल कुमार, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (एत्मादपुर) डॉ. जयन्त यादव, पशु चिकित्साधिकारी (बिचपुरी) डॉ. संजय यादव, पशु चिकित्साधिकारी (सिकंदरा) डॉ. राकेश कुमार सिंह, पशु चिकित्साधिकारी (फतेहपुर सीकरी) डॉ. संजय तोमर, पशु चिकित्साधिकारी (खंदौली) डॉ. ओम बाबू बाथम, पशु चिकित्साधिकारी (बमरौली कटारा) डॉ. विकास सचान तथा पशु चिकित्साधिकारी (अकोला) डॉ. सुदीप कुमार सहित पशुपालन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
पशुपालन विभाग का मानना है कि यदि सभी पात्र पशुओं का समय पर टीकाकरण सुनिश्चित किया गया तो खुरपका-मुंहपका रोग के संक्रमण को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे न केवल पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा, बल्कि पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से भी राहत मिलेगी। विभाग ने सभी पशुपालकों से अपील की है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार टीमें आने का इंतजार न करें, बल्कि टीमों के गांव पहुंचने पर पूरा सहयोग करें और अभियान को सफल बनाने में भागीदारी निभाएं, ताकि जनपद को खुरपका-मुंहपका रोग से सुरक्षित बनाया जा सके।
