आगरा। भविष्य के विकास को नई गति देने के लिए जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर सहमति बनी। बैठक में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, किसान भवन, यमुना पर बैराज निर्माण, शहर की पुरानी नहर प्रणाली को अतिक्रमण मुक्त कर पुनर्जीवित करने, प्रमुख मार्गों का सौंदर्यीकरण, केंद्रीय विद्यालय, ग्रामीण सड़कों, जलनिकासी, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

विकास भवन सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जिले के विकास से जुड़े बड़े मुद्दों पर व्यापक मंथन हुआ। बैठक की अध्यक्षता फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने की, जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में महापौर, विधायक, एमएलसी, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष, सभी ब्लॉक प्रमुख, नगर निकायों के प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि आगरा विश्व पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान रखता है। ऐसे में शहर का बुनियादी ढांचा भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का होना चाहिए। उन्होंने आगरा में अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। स्टेडियम के लिए महुअर स्थित लेदर पार्क की भूमि अथवा एत्मादपुर क्षेत्र में उपयुक्त स्थान चिह्नित कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।

उन्होंने शहर के मध्य में किसान भवन स्थापित करने की योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए, ताकि दूरदराज से आने वाले किसानों को रुकने और आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस परियोजना के लिए जनप्रतिनिधि भी आर्थिक सहयोग देने को तैयार हैं।
भविष्य में पेयजल संकट से निपटने के लिए यमुना नदी पर बैराज निर्माण की आवश्यकता पर भी बैठक में जोर दिया गया। सांसद ने शासन स्तर पर अपस्ट्रीम अथवा डाउनस्ट्रीम किसी उपयुक्त स्थान पर बैराज निर्माण के लिए प्रभावी पैरवी करने को कहा। इसके साथ ही फतेहपुर सीकरी लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया तेज करने तथा शहर के प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर उनका सौंदर्यीकरण कर अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप देने के निर्देश दिए।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने कहा कि ग्राम पंचायतों के अपने राजस्व से बहुउद्देशीय सामुदायिक भवन और मैरिज हॉल बनाए जा सकते हैं। उन्होंने सभी पंचायतों में ऐसे भवनों के निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने को कहा, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार विवाह, सामाजिक कार्यक्रम और अन्य आयोजनों में उनका उपयोग कर सकें। उन्होंने हरीपर्वत-सेंट जॉन्स कॉलेज रेलवे पुल के चौड़ीकरण की प्रगति की जानकारी भी ली। अधिकारियों ने बताया कि रेलवे से लागत का प्रस्ताव प्राप्त होते ही शासन को भेज दिया जाएगा। मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रामीण संपर्क मार्गों के नए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विधायक बाबूलाल ने फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के 50 से 60 गांवों की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए उत्तराखंड की लखवार परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन का मुद्दा उठाया। उन्होंने मथुरा और राजस्थान के किसानों द्वारा आगरा के हिस्से के नहर जल के अनधिकृत उपयोग पर रोक लगाने, नगला सिकरवार में करीब 40 बीघा भूमि पर केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने, टाटा गेट पर फ्लाईओवर निर्माण तथा सिंचाई विभाग की ओर से नालों की सफाई में बरती जा रही लापरवाही पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जल जीवन मिशन के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने का मुद्दा भी उठाया, जिस पर संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
विधायक डॉ. जी.एस. धर्मेश ने बरौली अहीर सब्जी मंडी से जुड़े प्रकरण का समाधान कराने तथा राजकीय महाविद्यालय उखर्रा में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखा।
महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा ने सिकंदरा गुरुद्वारा से बाईपुर नाला, टेड़ी बगिया और एत्मादपुर क्षेत्र में एनएचएआई से जुड़े नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित कराने तथा आवास विकास क्षेत्र में नहर विभाग की पटरी नगर निगम को हस्तांतरित करने का मुद्दा उठाया।
बैठक में शहर की पुरानी और लगभग विलुप्त हो चुकी नहर प्रणाली को पुनर्जीवित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। निर्देश दिए गए कि पुरानी नहरों को चिह्नित कर उनकी पैमाइश कराई जाए, अतिक्रमण हटाया जाए और नगर निगम के माध्यम से उनका सौंदर्यीकरण कराया जाए। इसके अलावा सभी तहसीलों में आमजन और फरियादियों के बैठने के लिए पर्याप्त भवनों के निर्माण के भी निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान ग्राम सींगना में बन रहे अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के लिए सभी संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त हो चुके हैं और निर्माण कार्य प्रगति पर है।
एमएलसी विजय शिवहरे ने शहर को अभियान चलाकर गड्ढामुक्त बनाने, सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी तय करने, बरसात में जलभराव रोकने के लिए सभी नालों का सर्वे कर तली तक सफाई कराने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर अवैध बस ठहराव रोकने का प्रस्ताव रखा। विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने विधवा एवं वृद्धावस्था पेंशन के लक्ष्य बढ़ाने, ग्रीन गैस पाइपलाइन विस्तार, धंस चुकी नई सड़कों की जांच, शीघ्र मरम्मत और सीवर लाइनों के परीक्षण की मांग की। विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने खेरियामोड़ चौराहे पर जलभराव के स्थायी समाधान, खेरागढ़ में बस स्टेशन और राजकीय इंटर कॉलेज के निर्माण का प्रस्ताव रखा। जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष प्रदीप भाटी ने किसान भवन के लिए जिला सहकारी बैंक के पीछे उपलब्ध भूमि का सुझाव दिया।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने शहर के प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर सौंदर्यीकरण, जनपद को गड्ढामुक्त बनाने, सड़कों के नियमित रखरखाव की जवाबदेही तय करने, नालों की समयबद्ध सफाई, वर्षा के दौरान प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था तथा ग्रामीण और शहरी विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया।
अंत में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी एवं ग्रामीण), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, अमृत योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, सर्व शिक्षा अभियान, समेकित बाल विकास सेवाएं, नगर निगम, नेडा, सिंचाई, जल संसाधन, मंडी परिषद, शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य एवं रसद समेत केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने संबंधित विभागों को सभी प्रस्तावों और सुझावों पर समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
