फतेहाबाद। फतेहाबाद क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद हुए हंगामे और पुलिस पर पथराव के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। लुहारी चौकी प्रभारी की तहरीर पर 35 नामजद और 200 से 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने 19 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि सड़क जाम के दौरान पुलिस टीम पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए और सरकारी व निजी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
फतेहाबाद क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद हुए उपद्रव और पुलिस पर पथराव के मामले में पुलिस ने 35 नामजद और 200 से 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 19 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मामला फिरोजाबाद-फतेहाबाद मार्ग पर पूठपुरा गांव के पास हुए सड़क हादसे से जुड़ा है। यहां थार गाड़ी की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे।
लुहारी चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह ने थाना फतेहाबाद में दी गई तहरीर में बताया कि रवि कुमार द्वारा फोन पर सूचना दी गई थी कि पूठपुरा गांव के पास सड़क दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
सूचना मिलने पर सीसीटी टीम प्रभारी शिवप्रकाश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहां पता चला कि हादसे में खासपुर बहादरपुर दयालबाग थाना न्यू आगरा निवासी 22 वर्षीय मनीष पुत्र सावल सिंह की मौत हो गई है।
घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर शाम करीब चार बजे रोड जाम कर दिया। पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग नहीं माने।
इसके बाद प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जाम समाप्त कराने का प्रयास किया।
तहरीर के अनुसार इसी दौरान जाम लगाए हुए लोग आक्रोशित हो गए और पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया।
पुलिस का आरोप है कि हमला जानलेवा नीयत से किया गया। घटना में निरीक्षक अपराध पुरुषोत्तम पाल, उपनिरीक्षक आकाश कुमार, अखिलेश कुमार और सिपाही मयंक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
स्थिति बिगड़ने पर अन्य थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों के फोटो और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में अशोक पुत्र नवल सिंह निवासी रिहावली, भागचंद पुत्र नवल सिंह निवासी ताड़पुर राजाखेड़ा, प्रदीप पुत्र रामसजीवन निवासी देवदासपुरा राजाखेड़ा, उमेश पुत्र सियाराम निवासी रायपुरा थाना महुआ जिला मुरैना, आकाश पुत्र किताब सिंह निवासी मेहरा नाहरगंज थाना डौकी, रामलखन पुत्र रेशम सिंह निवासी पिन्नापुरा, भगवान पुत्र गब्बर सिंह निवासी दतौजी खुर्द थाना लाइनपार फिरोजाबाद, रामसेवक पुत्र हीरालाल निवासी देवदासपुरा राजाखेड़ा, मोहित पुत्र रामअवतार निवासी रायपुर थाना महुआ जिला मुरैना, गौतम पुत्र सुल्तान सिंह निवासी दतौजी थाना लाइनपार, पंकज पुत्र रामप्रकाश निवासी कटेला शमशाबाद, विष्णु पुत्र हरिशंकर निवासी नगला धंधा थाना नगला सिंघी फिरोजाबाद, राम पुत्र संतोष निवासी पिन्नापुरा, प्रदीप पुत्र रामबरन निवासी पिनाहट, दशरथ पुत्र देवलाल निवासी पिन्नापुरा फतेहाबाद, सुरेश पुत्र चोखेलाल निवासी खासपुर बहादरपुर दयालबाग आगरा, रामवीर, अशोक पुत्र रामनाथ निवासी दतौजी खुर्द थाना लाइनपार फिरोजाबाद, सोनू पुत्र हरिसिंह निवासी नंदापुरा फतेहाबाद, प्रदीप पुत्र संतोखी, मनोज पुत्र भरतीया, रामबाबू पुत्र देवलाल, संतोषी पुत्र दाताराम, दौजीराम पुत्र मिठठनलाल, टिंडा पुत्र कासिया, जेहरा पुत्र मौजीराम, कालू पुत्र मुकलाल उर्फ मुखलाल, नीरज पुत्र भगवानदास, सुखदेव पुत्र भगत सिंह, श्रीनिवास पुत्र घासीराम, मनीष पुत्र पूरन सिंह, राधाकृष्ण पुत्र रामसहाय निवासीगण पिन्नापुरा थाना फतेहाबाद, राजेश उर्फ आरएस निवासी मडुआ थाना बसई मोहम्मदपुर फिरोजाबाद, राजवीर पुत्र सावल सिंह निवासी खासपुर बहादरपुर दयालबाग न्यू आगरा तथा शोभाराम पुत्र चूरामणि निवासी हीरापुरा थाना निबोहरा सहित 200 से 250 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
तहरीर में कहा गया है कि सड़क जाम लगाकर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई। साथ ही पुलिसकर्मियों पर ईंट-पत्थरों से हमला कर अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया गया।
घटना के दौरान लोग जूते-चप्पल छोड़कर भागने लगे, जिससे आसपास भय और दहशत का माहौल बन गया। पुलिस का कहना है कि इस हमले में कई पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आईं और सरकारी व निजी वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
पुलिस ने यह भी बताया कि सड़क जाम की वजह से आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कई एंबुलेंस जाम में फंसी रहीं और मरीज समय से अस्पताल नहीं पहुंच सके।
ड्यूटी पर जाने और लौटने वाले कर्मचारी भी जाम में फंसे रहे। महिलाओं, बच्चों और अन्य यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 190, 191(2), 109(1), 115(2), 121(1), 132, 126(2), 125, 352 और 324(3) के साथ आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 की धारा 7 तथा सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार मामले में आगे भी कार्रवाई जारी है और वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
