आगरा। अपराधियों तक अवैध हथियार पहुंचाने वाले नेटवर्क पर आगरा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध असलहा निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। थाना एत्मादपुर पुलिस ने आगरा-फिरोजाबाद बॉर्डर क्षेत्र में छोटा सुरेरा के जंगल में चल रही तमंचा और पिस्टल बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। संयुक्त पुलिस टीम ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने भारी मात्रा में बने और अधबने हथियार, कारतूस तथा असलहा बनाने के उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई थाना एत्मादपुर पुलिस, एसओजी, साइबर सर्विलांस और काउंटर इंटेलीजेंस टीम की संयुक्त कार्रवाई में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि छोटा सुरेरा के जंगल में तालाब के पास कुछ लोग अवैध रूप से हथियार बनाने का काम कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने इलाके की निगरानी शुरू की और सटीक जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दी।
जंगल में तैयार हो रहे थे तमंचे और पिस्टल
पुलिस टीम ने जब जंगल में बने ठिकाने पर छापा मारा तो वहां अवैध हथियार तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने मौके से पांच लोगों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम शर्मा, आदिल, राशिद हुसैन, आसिफ और प्रिंस नागवाड़ी के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से अवैध हथियार बनाने और बेचने के कारोबार में शामिल थे। जंगल में छिपकर हथियार तैयार किए जाते थे, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे। तैयार हथियारों को आसपास के जिलों और अपराधियों तक पहुंचाया जाता था।
आगरा, फिरोजाबाद और एटा तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी अलग-अलग क्षेत्रों में हथियारों की सप्लाई करते थे। शुभम शर्मा और आदिल आगरा क्षेत्र में अवैध हथियार पहुंचाने का काम करते थे, जबकि प्रिंस नागवाड़ी फिरोजाबाद और एटा क्षेत्र में हथियारों की सप्लाई करता था।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
मौके से बरामद हुआ हथियार बनाने का सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से बड़ी मात्रा में सामान मिला। इसमें अवैध तमंचे, पिस्टल, अर्द्धनिर्मित असलहा, हथियार बनाने के उपकरण, पुर्जे और अन्य सामग्री शामिल है। इसके अलावा पुलिस ने अलग-अलग बोर के 20 कारतूस और एक अर्द्धनिर्मित कारतूस भी बरामद किया है।
पुलिस ने मौके से तीन एलपीजी गैस सिलेंडर, तीन मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की है। बरामद सामान के आधार पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पहले भी जा चुके हैं जेल
पुलिस पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आई कि गिरफ्तार आरोपियों में से दो पहले भी अवैध असलहा रखने और बनाने के मामलों में जेल जा चुके हैं। जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने दोबारा इसी अवैध कारोबार को शुरू कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने अब तक कितने हथियार बनाए और किन-किन लोगों को सप्लाई किए हैं। साथ ही हथियार खरीदने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
अपराधियों तक हथियार पहुंचाने वालों पर शिकंजा
आगरा पुलिस लगातार अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान चला रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध हथियारों के कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
एत्मादपुर क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। जंगल में चल रही फैक्ट्री का खुलासा होने से अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलिस अब आरोपियों के पूरे नेटवर्क और उनके संपर्कों की जांच में जुटी है।
