फतेहाबाद। उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2024 के तहत लागू की जा रही ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में फतेहाबाद के अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। बार एसोसिएशन और दस्तावेज बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था से आम लोगों के साथ-साथ वकीलों, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प वेंडरों की आजीविका पर संकट खड़ा हो जाएगा।
फतेहाबाद में उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2024 के तहत लागू की जा रही ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने मोर्चा खोल दिया है। इसको लेकर बार एसोसिएशन फतेहाबाद और दस्तावेज बार एसोसिएशन फतेहाबाद की संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने ई-पंजीकरण व्यवस्था को लेकर कड़ा विरोध जताया। उनका कहना था कि सरकार द्वारा लागू की जा रही नई व्यवस्था आम जनमानस के लिए परेशानी का कारण बनेगी। साथ ही इसका सीधा असर अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प वेंडरों पर पड़ेगा।
वक्ताओं ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद पारंपरिक तरीके से होने वाले रजिस्ट्री कार्यों पर असर पड़ेगा, जिससे लंबे समय से इस कार्य से जुड़े लोगों के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो सकता है। उनका कहना था कि इससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज कुमार गुप्ता एडवोकेट और महासचिव विष्णु गुर्जर एडवोकेट ने संयुक्त रूप से कहा कि जब तक सरकार इस आदेश को वापस नहीं लेती, तब तक अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक न्यायिक और रजिस्ट्री कार्य से पूरी तरह विरत रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी और सभी अधिवक्ता इसका समर्थन करेंगे।
बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार से ई-पंजीकरण व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की। उनका कहना था कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले अधिवक्ताओं और संबंधित संगठनों से चर्चा की जानी चाहिए थी। वकीलों का यह भी कहना था कि ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से ग्रामीण और सामान्य वर्ग के लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि सभी लोग ऑनलाइन प्रक्रिया से परिचित नहीं हैं।
संयुक्त बैठक में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने एकजुट होकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही। बैठक में सुरेंद्र पैंगोरिया, सुभाष चंद्र शर्मा, दिनेश कुमार पाठक, मनीष वर्मा, इंद्रजीत शर्मा और अवनीश पैंगोरिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

