आगरा। हरीपर्वत क्षेत्र में एक ऐसी चोरी का खुलासा हुआ है, जिसने घरेलू कामगारों पर भरोसे को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। विजय नगर कॉलोनी स्थित एक अपार्टमेंट में काम करने वाली नौकरानी ने अपने ही मालिक के घर से एक करोड़ रुपये के जेवरात चुराने की साजिश रची। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले का पर्दाफाश करते हुए नौकरानी समेत उसकी मां, बहन और भाभी को गिरफ्तार कर लिया और करीब 80 लाख रुपये की ज्वेलरी बरामद की है।
आगरा के थाना हरीपर्वत क्षेत्र की विजय नगर कॉलोनी स्थित अनुपम रॉयल अपार्टमेंट में रहने वाले स्कूल संचालक अनिल कुमार कौशिक के घर हुई एक करोड़ रुपये से अधिक की चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस मामले में घर में काम करने वाली नौकरानी चांदनी को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जिसने अपनी मां, बहन और भाभी के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
एसीपी हरीपर्वत अमीषा वर्मा ने बताया कि एक अगस्त को अनिल कुमार कौशिक ने थाना हरीपर्वत में सूचना दी कि उनके घर से सोने के हार, झुमके, अन्य कीमती जेवरात और 17 सोने के सिक्के चोरी हो गए हैं। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और आसपास लगे करीब 30 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
जांच के दौरान कैमरों में चार संदिग्ध महिलाएं दिखाई दीं। पुलिस ने उनकी पहचान की तो उनमें से एक चांदनी निकली, जो वादी के घर में घरेलू काम करती थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चांदनी सहित उसकी मां, बहन और भाभी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में चांदनी ने स्वीकार किया कि उसने वारदात की पूरी योजना बनाई थी। उसे अच्छी तरह पता था कि घर में जेवरात कहां रखे जाते हैं। इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए उसने अपनी बहन और भाभी को घर बुलाया और मौका देखकर जेवरात निकाल लिए। पुलिस ने आरोपियों के पास से सोने के दो हार, झुमके और अन्य कीमती आभूषण बरामद किए हैं। बरामद ज्वेलरी की कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि 17 सोने के सिक्के अभी तक बरामद नहीं हो सके हैं, जिनकी तलाश जारी है।
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी चांदनी ने बताया कि वह कई दिनों से घर से थोड़ी-थोड़ी ज्वेलरी चोरी कर रही थी। किसी को शक न हो, इसके लिए वह जेवरात को डस्टबिन में छिपाकर बाहर ले जाती थी। घर का कूड़ादान बाहर रखने के बाद उसकी बहन और भाभी वहां से जेवरात निकाल लेती थीं। इस तरीके से वह लगातार चोरी करती रही। शनिवार को उसने एक सोने का हार चुराया था, जिसके बाद परिवार को शक हुआ।
पुलिस के अनुसार अनिल कुमार कौशिक एक स्कूल संचालक हैं। उनका बेटा और बहू दोनों डॉक्टर हैं। परिवार को चोरी की जानकारी तब हुई, जब घर में रखा एक हार नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अन्य जेवरात की जांच की तो बड़ी मात्रा में आभूषण गायब पाए गए। परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय जानकारी और संदिग्धों की पहचान के आधार पर पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपियों तक पहुंच बना ली। पूछताछ और बरामदगी के बाद पूरे मामले का खुलासा कर दिया गया।
एसीपी अमीषा वर्मा ने बताया कि चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा रहा है। फरार या छिपाए गए अन्य सामान की तलाश जारी है। 17 सोने के सिक्कों की बरामदगी के लिए भी पुलिस प्रयास कर रही है और उम्मीद है कि शेष माल भी जल्द बरामद कर लिया जाएगा।
यह घटना घरेलू कामगारों को बिना सत्यापन के काम पर रखने और घर में रखे कीमती सामान की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घरेलू सहायकों का पुलिस सत्यापन अवश्य कराएं और घर में रखे कीमती सामान की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतें।
हरीपर्वत क्षेत्र में हुई इस वारदात का 24 घंटे में खुलासा होने से पुलिस ने राहत की सांस ली है, लेकिन करोड़ों की चोरी की यह घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
