पुणे। महाराष्ट्र के पुणे से सामने आया 26 वर्षीय युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत का मामला देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। शुरुआत में इसे ट्रेकिंग के दौरान हुआ हादसा माना गया, लेकिन पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए, उन्होंने इस पूरे मामले को कथित प्रेम, विश्वासघात और सुनियोजित हत्या की कहानी में बदल दिया। पुलिस का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतारने की साजिश रची। दोनों आरोपी फिलहाल गिरफ्तार हैं और मामले की जांच जारी है।
कौन था केतन अग्रवाल?
केतन अग्रवाल पुणे के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल का बेटा था और परिवार की कंपनी में निदेशक के रूप में कार्यरत था। परिवार शहर के प्रमुख कारोबारी परिवारों में गिना जाता है। केतन को ट्रेकिंग का शौक था और वह अनुभवी ट्रेकर माना जाता था। इसी कारण जब उसकी मौत की खबर आई तो परिवार ने शुरुआत से ही हादसे की कहानी पर सवाल उठाए।

फरवरी में हुई सगाई, नवंबर में होनी थी शादी
पुलिस और परिवार के अनुसार, फरवरी 2026 में केतन और सिया की सगाई हुई थी। दोनों परिवारों के बीच पहले से अच्छे संबंध थे। शादी नवंबर 2026 में प्रस्तावित थी और इसकी तैयारियां कई महीने पहले ही शुरू हो चुकी थीं।
करोड़ों रुपये की शादी की तैयारी
परिवार ने शादी को भव्य बनाने के लिए राजस्थान में एक लग्जरी पैलेस होटल को 17 करोड़ में बुक किया था। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शादी पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने की तैयारी थी। मेहमानों के लिए निजी विमान तक बुक किए गए थे। परिवार का कहना है कि उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जिस लड़की को वे बहू बनाने की तैयारी कर रहे हैं, वही कथित रूप से इस साजिश का हिस्सा होगी।
एक साल पुराने रिश्ते ने बदली कहानी
जांच में पुलिस के अनुसार सिया का चेतन चौधरी से लगभग एक वर्ष से संपर्क था। पुलिस का आरोप है कि सिया शादी नहीं करना चाहती थी, लेकिन उसने परिवार को स्पष्ट रूप से मना करने के बजाय कथित रूप से केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
तीन बार नाकाम हुई कथित साजिश
पुलिस जांच के अनुसार यह पहली कोशिश नहीं थी।
- पहली बार मई के अंत में लोहगढ़ किले पर कथित प्रयास किया गया, लेकिन केतन बच गया।
- दूसरी योजना जून के पहले सप्ताह में बनाई गई, जो सफल नहीं हो सकी।
- तीसरी कोशिश भी भीड़ और परिस्थितियों के कारण पूरी नहीं हो पाई।
इसके बाद 18 जून को चौथी बार योजना को अंजाम दिया गया।
18 जून: जन्मदिन से पहले मौत
18 जून को केतन और सिया लोनावला के पास स्थित लोहगढ़ किले पहुंचे। पुलिस के अनुसार चेतन पहले से वहां मौजूद था। आरोप है कि पहले फोटो खिंचवाने के बहाने केतन को खाई के किनारे ले जाया गया और फिर पूर्व निर्धारित संकेत मिलने पर चेतन ने उसे गहरी खाई में धक्का दे दिया। लगभग 350-400 फीट गहरी खाई में गिरने से केतन की मौत हो गई।

पहले बताया गया हादसा
घटना के तुरंत बाद सिया ने पुलिस को बताया कि फोटो खिंचवाते समय केतन का पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गया। शुरुआती जांच भी दुर्घटना के रूप में शुरू हुई, लेकिन परिवार लगातार सवाल उठाता रहा कि अनुभवी ट्रेकर का इस तरह गिर जाना सामान्य नहीं है।
ऐसे खुली पूरी साजिश
पुणे ग्रामीण पुलिस ने जब तकनीकी और वैज्ञानिक जांच शुरू की तो कई अहम सुराग मिले।
- सिया के बयानों में लगातार विरोधाभास मिला।
- सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं।
- मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन का विश्लेषण किया गया।
- दोनों आरोपियों के बीच लंबे समय तक लगातार बातचीत के रिकॉर्ड मिले।
- पुलिस के अनुसार दोनों ने पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
इन तथ्यों के आधार पर पुलिस ने दुर्घटना की धारणा बदलकर हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया।
ये अधिकारी रहे जांच में शामिल
मामले की जांच पुणे ग्रामीण पुलिस और लोनावला ग्रामीण पुलिस ने की। पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के नेतृत्व में तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी, मोबाइल डेटा और गवाहों के बयान जुटाए गए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में भेजा ताकि हत्या की साजिश, डिजिटल साक्ष्य और अन्य संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा सके। फिलहाल दोनों न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं और मामले की जांच जारी है।
परिवार का दर्द
केतन के पिता का कहना है कि यदि सिया शादी नहीं करना चाहती थी तो वह साफ मना कर सकती थी। परिवार का कहना है कि रिश्ता तोड़ना स्वीकार्य होता, लेकिन कथित हत्या किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती।
समाज के सामने खड़े सवाल
यह मामला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि रिश्तों में संवाद, पारदर्शिता और मानसिक परिपक्वता पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। यदि किसी रिश्ते में सहमति नहीं है, तो उसे समाप्त करने के कानूनी और सामाजिक रास्ते मौजूद हैं। हिंसा या हत्या किसी भी परिस्थिति में समाधान नहीं हो सकती।
हाल के वर्षों में ऐसे मामलों ने समाज को झकझोरा है, लेकिन प्रत्येक घटना के तथ्यों और कानूनी परिस्थितियों का अलग-अलग मूल्यांकन किया जाना चाहिए। किसी एक मामले के आधार पर पूरी पीढ़ी या किसी वर्ग के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी पर हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप हैं। अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

