आगरा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में एस.एन. मेडिकल कॉलेज में चल रहे सात दिवसीय ‘योग सप्ताह’ के दूसरे दिन प्राणायाम सत्र ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। योग विशेषज्ञों ने डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी जैसे प्राणायाम का अभ्यास कराया। इस दौरान तनाव मुक्ति, मानसिक शांति और बेहतर स्वास्थ्य के लिए योग और प्राणायाम के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एस.एन. मेडिकल कॉलेज) में आयोजित सात दिवसीय ‘योग सप्ताह’ का दूसरा दिन उत्साह और ऊर्जा से भरपूर रहा। मंगलवार को आयोजित योग शिविर में प्राणायाम पर विशेष फोकस किया गया, जिसमें मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों, संकाय सदस्यों, नर्सिंग स्टाफ, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों को न केवल विभिन्न प्रकार के प्राणायाम का अभ्यास कराया गया, बल्कि उनके स्वास्थ्य लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रशांत गुप्ता के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। योग सप्ताह का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना और दैनिक जीवन में योग को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और अनियमित दिनचर्या के बीच योग मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को संतुलित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।
योग शिविर के दूसरे दिन योग विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी जैसे प्रमुख प्राणायाम का अभ्यास कराया। सत्र के दौरान बताया गया कि नियमित प्राणायाम करने से श्वसन तंत्र मजबूत होता है, शरीर में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है और मानसिक तनाव कम करने में सहायता मिलती है। योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को सही तरीके से सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया भी समझाई ताकि प्राणायाम का अधिकतम लाभ मिल सके।
कार्यक्रम में मौजूद डॉक्टरों और शिक्षकों ने भी माना कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि मानसिक संतुलन बनाए रखने का प्रभावी तरीका है। विद्यार्थियों ने योग सत्र को काफी उपयोगी बताया और कहा कि नियमित अभ्यास से पढ़ाई के दबाव और मानसिक तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। कई प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि मेडिकल क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए योग बेहद जरूरी है क्योंकि लंबे समय तक कार्य और तनावपूर्ण वातावरण के बीच स्वास्थ्य बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है।
इससे पहले सोमवार को योग सप्ताह का शुभारंभ किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में मेडिकल कॉलेज परिवार के लोगों ने हिस्सा लिया। उद्घाटन सत्र में योग के महत्व और स्वस्थ जीवनशैली में उसकी भूमिका पर चर्चा की गई थी। दूसरे दिन का सत्र विशेष रूप से प्राणायाम पर केंद्रित रहा, जिसने प्रतिभागियों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराया।
प्रधानाचार्य प्रशांत गुप्ता ने कहा कि योग और प्राणायाम भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि नियमित योग अभ्यास से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनता है। उन्होंने बताया कि योग सप्ताह का आयोजन लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उन्हें फिट जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार लगातार योग को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ने दुनिया भर में भारतीय योग पद्धति को नई पहचान दिलाई है। आज बड़ी संख्या में लोग योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से बचाव संभव हो पा रहा है।
योग सप्ताह के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से जुड़े अभ्यास कराए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से प्रतिभागियों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है।
कार्यक्रम में एमबीबीएस और नर्सिंग के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों का कहना था कि पढ़ाई और अस्पताल की व्यस्त दिनचर्या के बीच योग उन्हें मानसिक रूप से शांत और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करेगा। वहीं नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों ने भी योग को दैनिक जीवन के लिए बेहद जरूरी बताया।
योग शिविर के दौरान पूरे परिसर में सकारात्मक माहौल देखने को मिला। प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से योग और प्राणायाम का अभ्यास कर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सभी को नियमित योग करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प दिलाया गया।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह योग सप्ताह 21 जून तक लगातार चलेगा। प्रतिदिन अलग-अलग योग विशेषज्ञों द्वारा विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल योग दिवस मनाना नहीं बल्कि लोगों को दीर्घकालिक रूप से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

