आगरा। बरसात से पहले सीवर और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने सोमवार को नगला बूढ़ी, जगनपुर, दयालबाग और फतेहाबाद रोड स्थित सीवेज परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने एसटीपी और सीवेज पंपिंग स्टेशनों की कार्यप्रणाली, पानी की गुणवत्ता, लीकेज टेस्टिंग, साफ-सफाई और सीवर लाइन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बरसात से पहले सभी कार्य गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने उपचारित पानी की गुणवत्ता की जांच खुद अपने सामने कराई और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

आगरा में मानसून से पहले शहर की सीवर और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल ने नगला बूढ़ी स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) एवं सीवेज पंपिंग स्टेशन, एसटीपी जगनपुर, दयालबाग और फतेहाबाद रोड पर चल रहे सीवर लाइन कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए और कहा कि बरसात के मौसम से पहले सभी परियोजनाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने सबसे पहले नगला बूढ़ी स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवेज पंपिंग स्टेशन का जायजा लिया। यहां उन्होंने सीवेज निस्तारण व्यवस्था, पानी की गुणवत्ता सुधार प्रक्रिया, मशीनों की कार्यप्रणाली और साफ-सफाई व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आनंदी भैरों नाला का भी अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने जिलाधिकारी को जानकारी दी कि उक्त पंपिंग स्टेशन की क्षमता 31 एमएलडी है और यहां पांच पंप स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 9 से 10 एमएलडी पानी की पंपिंग की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अपशिष्ट सामग्री का निस्तारण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए ताकि प्लांट का संचालन सुचारु रूप से चलता रहे और पर्यावरण प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि सीवेज प्रबंधन केवल तकनीकी कार्य नहीं बल्कि शहर की स्वच्छता और लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

इसके बाद जिलाधिकारी एसटीपी जगनपुर और दयालबाग पहुंचे, जहां उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों से प्लांट संचालन की तकनीकी व्यवस्था, मशीनों की कार्यक्षमता और उपचारित जल की गुणवत्ता को लेकर विस्तार से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्लांट संचालन को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए और कहा कि नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था मजबूत की जाए ताकि किसी भी तकनीकी खराबी का तुरंत समाधान किया जा सके।

जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर का भी दौरा किया। यहां उन्होंने प्लास्टिक और अन्य ठोस अपशिष्ट पदार्थों के पृथक्करण और निस्तारण की प्रक्रिया को देखा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि शहर में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हो और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को गति मिल सके।

निरीक्षण के दौरान एक अहम पहलू उस समय देखने को मिला जब जिलाधिकारी ने स्वयं अपने सामने उपचारित पानी की गुणवत्ता की जांच कराई। ऑटोमैटिक एनालाइजर मशीन के माध्यम से बीओडी की जांच की गई। इस दौरान उन्होंने रॉ सीवेज और ट्रीटेड सीवेज की गुणवत्ता, बैक्टीरिया स्तर और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि उपचारित जल की गुणवत्ता तय मानकों के अनुरूप होना बेहद जरूरी है क्योंकि इसका सीधा असर पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर पड़ता है।
जिलाधिकारी ने प्लांट परिसर की साफ-सफाई, मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था और फीकल स्लज निस्तारण प्रणाली का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाओं का संचालन पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर प्रदूषण फैलने की संभावना न रहे।
इसके बाद जिलाधिकारी फतेहाबाद रोड पहुंचे, जहां शहर में चल रहे सीवर लाइन कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया गया। उन्होंने संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों को सीवेज पाइप लाइन की लीकेज टेस्टिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि आगामी बरसात को देखते हुए कार्यों में तेजी लाई जाए ताकि बारिश के दौरान लोगों को जलभराव और सीवर ओवरफ्लो जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि सड़क खुदाई के बाद रोड रिस्टोरेशन का कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क मरम्मत में लापरवाही मिलने पर संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की बात भी कही।
इस दौरान अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे जुबेर बेग, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण आरपी सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
