श्री गिरिराज जी सेवा मंडल का भव्य नंदोत्सव, नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की… के जयघोष से गूंजा त्रिवेणी ग्रीन, माखन-मिश्री की झांकी और ब्रज के भजनों ने बांधा समां
आगरा। श्री गिरिराज जी सेवा मंडल परिवार द्वारा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर फतेहाबाद रोड स्थित त्रिवेणी ग्रीन परिसर में भव्य एवं भक्तिमय नंदोत्सव का आयोजन किया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित नंदोत्सव में कान्हा के जन्म की खुशियां उल्लास और उमंग के साथ मनाई गईं। पूरा परिसर ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की…’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भक्ति और उत्साह के साथ नंदलाल का जन्मोत्सव मनाया और पूरे आयोजन में ब्रज की संस्कृति और परंपरा की झलक दिखाई दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ संरक्षक महंत कपिल नागर, संस्थापक नितेश अग्रवाल, मयंक अग्रवाल एवं अध्यक्ष अजय सिंघल द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात सभी ने श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ लड्डू गोपाल को झूला झुलाकर नंदोत्सव का शुभारंभ किया। जैसे ही ठाकुरजी झूले में विराजमान हुए, उपस्थित श्रद्धालु कान्हा के जन्मोत्सव की खुशी में झूम उठे। जयकारों और भजनों के बीच भक्तों ने लड्डू गोपाल के बाल स्वरूप के दर्शन किए और अपनी श्रद्धा अर्पित की।
नंदोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और उनके जन्म से जुड़े प्रसंगों की मनोहारी झांकियां प्रस्तुत की गईं। माखन-मिश्री की आकर्षक झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं वासुदेव जी द्वारा नवजात कान्हा को लेकर यमुना पार करने और उन्हें गोकुल में माता यशोदा के पास पहुंचाने की झांकी का सजीव एवं भावपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया। इस मनोहारी प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मानो द्वापर युग की उस दिव्य बेला का साक्षात अनुभव करा दिया। झांकियों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और बाल लीलाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा।
नंदोत्सव में मोहन सैनी ने नंद बाबा और अंकित सैनी ने यशोदा मैया का स्वरूप धारण कर कान्हा के जन्म की खुशियां मनाईं। नंद बाबा और यशोदा मैया के रूप में उन्होंने ब्रजवासियों के बीच बधाइयां लुटाईं तथा उपहार वितरित किए। इस दौरान पूरा वातावरण ब्रज की संस्कृति, प्रेम और उल्लास से सराबोर हो गया। श्रद्धालु भी इस आयोजन में ब्रजवासियों की तरह शामिल होते नजर आए और कान्हा के जन्म की खुशियों में सहभागी बने।
बरसाना से विशेष रूप से पधारी श्री शरण की मंडली ने कृष्ण और राधा नाम की मधुर धुनों एवं सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर नंदोत्सव को और अधिक भक्तिमय बना दिया। राधा-कृष्ण के नाम के संकीर्तन पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। भजनों और जयकारों के बीच वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो ब्रजभूमि का आनंदमय स्वरूप फतेहाबाद रोड पर साकार हो उठा हो। मंडली की भजन प्रस्तुतियों के दौरान श्रद्धालु लगातार जयकारे लगाते रहे और भक्ति में डूबे नजर आए।
नंदोत्सव में कान्हा के बाल स्वरूप, झांकियों और भजनों के साथ ब्रज की परंपराओं को विशेष रूप से सामने रखा गया। लड्डू गोपाल को झूला झुलाने से लेकर कृष्ण-राधा के नाम संकीर्तन तक पूरे आयोजन में श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशियां एक-दूसरे के साथ साझा कीं और आयोजन को यादगार बनाया।
श्री गिरिराज जी सेवा मंडल के संस्थापक नितेश अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति, धर्म और मानवता की विजय का संदेश है। नंदोत्सव ब्रज संस्कृति की उस पावन परंपरा का प्रतीक है, जिसमें कान्हा के जन्म की खुशी को सभी के साथ बांटकर जीवन में प्रेम और आनंद का संचार किया जाता है। उन्होंने कहा कि श्री गिरिराज जी सेवा मंडल परिवार हर वर्ष इसी भक्तिभाव के साथ नंदोत्सव का आयोजन करता है और हमारा प्रयास रहता है कि नई पीढ़ी भी ब्रज की महान संस्कृति, भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और सनातन परंपराओं से जुड़ सके।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों और युवाओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं तथा ब्रज की सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का अवसर मिलता है। नंदोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को प्रेम, भक्ति और आपसी सौहार्द का संदेश देने का माध्यम भी है।

