आगरा। जीवनी मंडी स्थित खाटू श्याम मंदिर में श्री श्याम लाडला परिवार सेवा समिति की ओर से एकादशी के पावन अवसर पर नंद उत्सव एवं जन्माष्टमी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। नंद उत्सव में गिरिराज पर्वत को आकर्षक ढंग से सजाया गया और उस पर ग्वाल-ग्वालिन के साथ विराजे नंदलाल की अलौकिक छवि श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। बाल गोपाल के मनोहारी स्वरूप के दर्शन के लिए मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्त बारी-बारी से कान्हा के दिव्य स्वरूप के दर्शन करते और स्वयं को सौभाग्यशाली महसूस करते नजर आए।

नंद उत्सव के रंग में रंगे मंदिर परिसर का दृश्य देखते ही बन रहा था। माताएं अपने बच्चों को कान्हा के रूप में सजाकर कार्यक्रम में लेकर पहुंचीं, जबकि कई बच्चियां राधा के स्वरूप में सजी नजर आईं। नन्हे-मुन्ने राधा-कृष्ण के रूप में सभी का मन मोह रहे थे। बच्चों में भी उत्सव को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। उनके उत्साह को बढ़ाने के लिए श्री श्याम लाडला परिवार सेवा समिति की ओर से राधा-कृष्ण के स्वरूप में पहुंचे बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के लिए पूरे मंदिर प्रांगण को रंग-बिरंगे गुब्बारों और टॉफियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। नंदलाल को झूले पर विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने बारी-बारी से नंदलाल को झूला झुलाया और जयकारों के साथ अपनी श्रद्धा अर्पित की। मंदिर परिसर में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा। माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया, जिसे पाकर श्रद्धालु निहाल नजर आए। नंद उत्सव के दौरान गिरिराज पर्वत पर ग्वाल-ग्वालिन के साथ विराजे नंदलाल का स्वरूप विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था के अध्यक्ष नीरज गुप्ता, विष्णु खंडेलवाल, प्रांशु अग्रवाल और कपिल वर्मा ने संयुक्त रूप से ज्योति प्रज्वलित कर किया। इसके बाद जन्माष्टमी महोत्सव के दूसरे चरण में मंदिर परिसर में श्री श्याम संकीर्तन का आयोजन हुआ। संकीर्तन में ग्वालियर से पहुंचे भजन गायक अंशुल गोस्वामी ने भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने ‘मेरा तो सहारा श्याम तू है’ और ‘हम हो गए बाबा श्याम के, बाबा श्याम हमारे’ जैसे भजनों से मंदिर परिसर को भक्तिरस से भर दिया।
वहीं भजन गायक काना व्यास ने भी अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को खूब झुमाया। उन्होंने ‘सांवली सूरत पर दिल दीवाना हो गया’, ‘खाटू वाले की जय’ और ‘हारे के सहारे की जय’ जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों के दौरान श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। स्थानीय भजन गायकों ने भी एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।
नंद उत्सव और जन्माष्टमी महोत्सव में मंदिर परिसर श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति से सराबोर नजर आया। बच्चों के राधा-कृष्ण स्वरूप ने जहां कार्यक्रम में आकर्षण बढ़ाया, वहीं गिरिराज पर्वत पर विराजे नंदलाल के दर्शन और झूला झुलाने के लिए भी भक्तों में उत्साह रहा। माखन-मिश्री के प्रसाद वितरण के साथ उत्सव का आनंद श्रद्धालुओं ने उठाया।
इस अवसर पर राजीव अग्रवाल, दिपांशु अग्रवाल, सौम्येंद्र चौहान, अमित गोयल, हर्ष अग्रवाल, रवि गुप्ता, दीपक अग्रवाल और सचिन गर्ग सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समिति के सदस्य मौजूद रहे।
