आगरा। आगरा-झांसी रेलवे ट्रैक पर सैंया के पास मंगलवार शाम लाइन की जांच कर रहे रेलवे के अवर अभियंता ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों पैर कटने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। साथी कर्मचारियों ने उन्हें सीएचसी सैंया पहुंचाया, जहां से एसएन अस्पताल आगरा रेफर किया गया। शाम करीब सात बजे उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

मनोज कुमार सैनी, जेई ट्रैक एमसी एजीसी
सैंया क्षेत्र में आगरा-झांसी रेलवे ट्रैक पर मंगलवार शाम रेलवे के अवर अभियंता के साथ गंभीर हादसा हो गया। जाजऊ रेलवे स्टेशन के पास एफएमआई विभाग में तैनात मनोज सैनी लाइन की जांच के लिए डाउन ट्रैक पर गए थे। इसी दौरान भाड़ई की ओर से आ रही पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में उनके दोनों पैर कटकर अलग हो गए।
बताया गया कि शाम करीब 5:30 बजे जाजऊ रेलवे स्टेशन के पास ब्लॉक लेकर मशीन से नीचे उतरने के बाद वह डाउन लाइन पर पैदल आगे बढ़ रहे थे। वह ट्रैक की स्थिति की जांच कर रहे थे। इसी दौरान पीछे की दिशा से आ रही पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन की टक्कर के बाद वह ट्रैक के किनारे गंभीर हालत में गिर पड़े।
हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने रेलवे कर्मचारियों को घटना की जानकारी दी। कुछ ही देर में साथी कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। घायल अवस्था में पड़े अवर अभियंता से उन्होंने बातचीत की। हादसे की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई।
रेलवे कर्मचारियों ने 112 पुलिस सेवा और 108 एंबुलेंस को जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद थाना सैंया पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। घायल को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंया ले जाया गया।
सीएचसी पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। दोनों पैरों में गंभीर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हालत चिंताजनक थी। चिकित्सकों ने तत्काल बेहतर उपचार के लिए उन्हें एसएन अस्पताल आगरा रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें आगरा लाया गया।
एसएन अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया। अस्पताल में उपचार के दौरान हालत लगातार गंभीर बनी रही। करीब डेढ़ घंटे के प्रयास के बाद शाम सात बजे उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मामले से संबंधित जानकारी जुटाई।
हादसे के बाद सामने आया वीडियो
घटना के बाद सामने आए वीडियो में घायल रेलवे कर्मचारी ट्रैक के किनारे दिखाई दे रहे हैं। वह होश में नजर आ रहे थे। दोनों पैर अलग होने के बावजूद वह कुछ समय तक वहीं पड़े रहे। वीडियो में आसपास लोगों की मौजूदगी भी दिखाई देती है। साथी रेलवे कर्मचारी उनके पास पहुंचे और उनसे बातचीत करते नजर आए।
घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल घायल को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। पुलिस टीम ने भी घटनास्थल की स्थिति की जानकारी ली।
डाउन ट्रैक पर कर रहे थे जांच
जानकारी के मुताबिक, अवर अभियंता को रेलवे लाइन की जांच का काम करना था। इसके लिए जाजऊ स्टेशन के पास ब्लॉक लिया गया था। मशीन से नीचे उतरने के बाद वह डाउन ट्रैक पर पैदल निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान पैसेंजर ट्रेन वहां से गुजरी और वह उसकी चपेट में आ गए।
रेलवे के एफएमआई विभाग में तैनात कर्मचारी के साथ हुए इस हादसे ने ट्रैक पर निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं। हालांकि हादसे की वास्तविक परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट होंगी।
पुलिस ने जुटाई जानकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद थाना सैंया पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हादसे से संबंधित जानकारी रेलवे कर्मचारियों और मौके पर मौजूद लोगों से ली। हादसा किस परिस्थिति में हुआ और ट्रैक निरीक्षण के दौरान क्या सुरक्षा व्यवस्था थी, इससे संबंधित तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
हादसे के बाद रेलवे कर्मचारियों में भी चिंता का माहौल रहा। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी कुछ समय तक होश में रहने की जानकारी सामने आई। उपचार के लिए पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और बाद में एसएन अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
आगरा-झांसी रेल मार्ग पर हुई इस घटना के बाद रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा एक बार फिर महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर सामने आया है। लाइन निरीक्षण के दौरान कर्मचारी किस तरह सुरक्षित तरीके से ट्रैक पर काम करते हैं और ट्रेनों की आवाजाही के बीच किस प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था अपनाई जाती है, यह पहलू भी इस घटना के बाद चर्चा में है।
दोनों पैर कटने के बाद भी साथी रेलकर्मी को फोन कर दी हादसे की सूचना
एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत
आगरा। मंगलवार शाम जाजऊ रेलवे स्टेशन के पास आगरा-झांसी रेलमार्ग पर महज कुछ सेकेंड में अवर अभियंता मनोज सैनी की जिंदगी बदल गई। ट्रैक पर मशीन से काम करने के बाद पैदल जा रहे मनोज झेलम एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। हादसे में उनके दोनों पैर शरीर से अलग हो गए, लेकिन उन्होंने होश नहीं खोया। असहनीय दर्द के बीच उन्होंने मोबाइल से साथी जेई मुकेश कुमार को फोन कर हादसे की जानकारी दी। मुकेश मौके पर पहुंचे और घायल मनोज को अस्पताल पहुंचाया गया। करीब डेढ़ घंटे तक जिंदगी से जूझने के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज में शाम करीब सात बजे उनकी सांसों की डोर टूट गई।
शाम करीब 5:30 बजे जाजऊ स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर ब्लॉक लेकर मशीन से काम किया जा रहा था। काम समाप्त होने के बाद मनोज मशीन से नीचे उतरे और डाउन ट्रैक पर पैदल जा रहे थे। इसी दौरान भांडई की ओर से आ रही झेलम एक्सप्रेस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। ट्रेन की रफ्तार के बीच मनोज को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में दोनों पैर कटकर अलग जा गिरे और वह ट्रैक के किनारे गिट्टियों पर लहूलुहान होकर गिर पड़े।
भयंकर दर्द और खून बहने के बावजूद मनोज होश में थे। उस वक्त उनके सामने अपनी जिंदगी का सबसे भयावह दृश्य था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। मोबाइल उठाया और जाजऊ स्टेशन पर तैनात साथी जेई मुकेश कुमार को फोन कर दिया। उनकी आवाज में दर्द था और मदद की उम्मीद। फोन मिलते ही मुकेश घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
मौके पर पहुंचे मुकेश ने मनोज को गिट्टियों पर घायल हालत में पड़ा देखा। उनकी आंखें खुली थीं। आसपास लोग जमा हो चुके थे और हादसे की भयावहता से हर कोई स्तब्ध था। मौके पर मौजूद संतोष के मुताबिक, झेलम एक्सप्रेस के गुजरने के बाद लोगों को हादसे की जानकारी हुई। पटरी के पास कपड़ों की फेरी लगाने वाली रुखसाना ने जब मनोज का कटा हुआ पैर देखा तो वह खुद को संभाल नहीं सकी और वहीं बैठकर रोने लगी। घटनास्थल का मंजर देखकर आसपास मौजूद लोगों की भी रूह कांप उठी।
पुलिस और रेलवे कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल मनोज को एंबुलेंस तक पहुंचाया। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंया ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर कर दिया। रेलवे कर्मचारी और पुलिस की मदद से उन्हें आगरा लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। शाम करीब सात बजे उपचार के दौरान मनोज ने दम तोड़ दिया।
मनोज सैनी रेलवे के एफएमआई विभाग में अवर अभियंता के पद पर कार्यरत थे। वह मूल रूप से चंदौसी के रहने वाले थे और उनका हेडक्वार्टर आगरा बताया गया है। मंगलवार को वह जाजऊ के पास ट्रैक पर काम कर रहे थे। एक सामान्य ड्यूटी कुछ ही पलों में उनके जीवन का आखिरी सफर बन गई।
आगरा मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया जेई मनोज सैनी जाजऊ में ट्रैक पर काम कर रहे थे। शाम करीब 5:30 बजे काम समाप्त होने के बाद वहां से गुजर रही झेलम एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। हादसे में उनके दोनों पैर कट गए। उन्हें सीएचसी सैंया पर प्राथिमक उपचार दिलाने के बाद एसएन में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
