आगरा। आगरा के शमसाबाद विकासखंड स्थित पीएम उच्च प्राथमिक विद्यालय चितौरा में डिजिटल शिक्षा, विज्ञान प्रयोग, खेल, शैक्षिक भ्रमण और कौशल आधारित गतिविधियों के जरिए पढ़ाई को नया स्वरूप दिया जा रहा है। पीएम श्री योजना में चयन के बाद संसाधनों और गतिविधियों के विस्तार का असर विद्यालय के नामांकन पर भी दिखा है, जहां 2023-24 के 134 विद्यार्थियों से संख्या बढ़कर वर्तमान सत्र में 163 पहुंच गई है।

विकास खंड शमसाबाद के पीएम उच्च प्राथमिक विद्यालय चितौरा (कम्पोजिट) में शिक्षा को आधुनिक, अनुभवात्मक, गतिविधि आधारित और कौशलपरक बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सत्र 2024-25 में पीएम श्री योजना के तहत चयनित होने के बाद विद्यालय में शैक्षिक, डिजिटल, वैज्ञानिक, खेलकूद और सह-शैक्षिक गतिविधियों का विस्तार हुआ है।
विद्यालय में आधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला स्थापित की गई है, जिसमें 11 कंप्यूटर उपलब्ध हैं। विद्यार्थी कंप्यूटर के मूलभूत ज्ञान के साथ डिजिटल संसाधनों, ऑनलाइन अध्ययन और डिजिटल शैक्षिक सामग्री का उपयोग करना सीख रहे हैं। डिजिटल पुस्तकालय के माध्यम से ऑनलाइन पुस्तकों और विभिन्न शैक्षिक सामग्रियों तक पहुंच उपलब्ध कराई गई है। इससे बच्चों में पठन की आदत, जिज्ञासा और पाठ्यपुस्तकों से आगे सीखने की प्रवृत्ति विकसित हो रही है।
विज्ञान को किताबों तक सीमित न रखते हुए प्रयोगशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रयोग करके सीखने का अवसर दिया जा रहा है। कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थी विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों और अवधारणाओं को प्रयोगों के जरिए समझते हैं। इससे वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक चिंतन, समस्या समाधान और करके सीखने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिल रहा है।
विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष से बाहर सीखने के अवसर देने के लिए शैक्षिक भ्रमण भी कराए गए हैं। बच्चों ने एडीआरडीई (डीआरडीओ), आगरा, आगरा किला और ताजमहल जैसे वैज्ञानिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। इन भ्रमणों से विज्ञान, तकनीक, इतिहास और भारतीय विरासत को वास्तविक परिवेश में समझने का अवसर मिला।
विद्यालय सहभागिता कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को अन्य विद्यालयों के शैक्षिक वातावरण, शिक्षण पद्धतियों और संसाधनों से परिचित कराया गया। बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया जाता है। मीना मंच और मीना मेला के माध्यम से स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, समानता, शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर जागरूकता विकसित की जाती है।
खेलकूद को भी विद्यालयी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। हर वर्ष खेल दिवस आयोजित किया जाता है, जिसमें कबड्डी, खो-खो, बैडमिंटन, गोला फेंक, कुश्ती तथा 100, 200 और 400 मीटर दौड़ की प्रतियोगिताएं होती हैं। विद्यार्थियों ने जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में गोला फेंक, चक्का फेंक और कुश्ती में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया है।

परियोजना आधारित और गतिविधि आधारित शिक्षण के तहत विद्यार्थी विभिन्न विषयों से जुड़े मॉडल, परियोजनाएं, चार्ट और प्रयोग तैयार करते हैं। कला, हस्तकला, कविता, कहानी, भाषण, निबंध लेखन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों की रचनात्मकता और अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करने के अवसर दिए जाते हैं।
योग, शारीरिक व्यायाम, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता, हरित विद्यालय गतिविधियां, पौधरोपण, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियां भी कराई जाती हैं। कौशल आधारित गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को स्थानीय संसाधनों, कला, शिल्प और जीवनोपयोगी कौशलों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कैरियर मार्गदर्शन एवं परामर्श के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य के विभिन्न अवसरों और व्यवसायों की जानकारी भी दी जाती है, जिससे वे आगे की शिक्षा और करियर को लेकर बेहतर समझ विकसित कर सकें।
विद्यालय में किए जा रहे इन प्रयासों का सकारात्मक असर नामांकन पर भी दिखाई दे रहा है। सत्र 2023-24 में 134 विद्यार्थी थे। यह संख्या 2025-26 में बढ़कर 147 हुई और वर्तमान सत्र में 163 पहुंच गई है। बढ़ता नामांकन अभिभावकों और समुदाय के बढ़ते विश्वास तथा विद्यालय में विकसित हो रहे बेहतर शैक्षिक वातावरण का संकेत है।
आधुनिक तकनीक, विज्ञान, खेल, कला, संस्कृति, कौशल और अनुभवात्मक अधिगम को एक साथ जोड़कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर काम किया जा रहा है। विद्यालय का यह वातावरण बच्चों को आत्मविश्वासी, रचनात्मक, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से युक्त, तकनीकी रूप से दक्ष और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है।
