आगरा। त्योहारी सीजन और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में जांच करते हुए दूध, पनीर, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के आठ विधिक नमूने संग्रहित किए गए हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और लोगों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में सहायक आयुक्त (खाद्य)-II के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और संदिग्ध खाद्य पदार्थों के विधिक नमूने संग्रहित किए गए।
अभियान के तहत कागारौल, खेरागढ़ और नगर क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। इस दौरान कुल आठ खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए, जिन्हें नियमानुसार सील कर परीक्षण के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कागारौल स्थित बी.एस. धाकरे डेयरी से पनीर का एक नमूना संग्रहित किया। इसके अलावा खेरागढ़ क्षेत्र में स्थित वंश डेयरी से मिश्रित दूध का नमूना लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से जांच अभियान चलाया जा रहा है, क्योंकि इन उत्पादों में मिलावट की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
अभियान के दौरान मिठाई विक्रेताओं के यहां भी जांच की गई। दीपचंद स्वीट्स से बेसन के लड्डू का एक नमूना लिया गया। वहीं मुकेश कुमार सप्लायर के यहां से कलाकंद, बूंदी के लड्डू और मिल्क केक के एक-एक नमूने संग्रहित किए गए। खाद्य सुरक्षा टीम ने सभी नमूनों को विधिक प्रक्रिया के तहत एकत्र किया और जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा।
इसके साथ ही छीपीटोला स्थित पुष्पक मिष्ठान भंडार से दूध का नमूना लिया गया। सत्तो लाला कचौड़ी वाले प्रतिष्ठान से आलू के मसाले का नमूना भी जांच के लिए संग्रहित किया गया। विभाग की ओर से बताया गया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए समय-समय पर इस प्रकार के अभियान चलाए जाते हैं, जिससे बाजार में बिकने वाले खाद्य उत्पादों की निगरानी की जा सके।

संग्रहित किए गए सभी आठ विधिक नमूनों को राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। यदि किसी नमूने में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा इसके अंतर्गत बनाए गए नियमों और विनियमों के अनुसार संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से बताया गया कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार खाद्य सामग्री तैयार करने और बेचने के लिए जागरूक करना भी है। विभाग की टीमें लगातार बाजारों, डेयरी प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य कारोबार स्थलों की जांच कर रही हैं, ताकि लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें।

अभियान के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी चन्द्र विजय सिंह, राकेश कुमार यादव, राकेश कुमार, सुरेन्द्र कुमार चौरसिया, आशुतोष कुमार सिंह और अमित कुमार सिंह मौजूद रहे। टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए और आवश्यक जानकारी जुटाई।
विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय सावधानी बरतें। उपभोक्ता केवल स्वच्छ और पंजीकृत खाद्य प्रतिष्ठानों से ही खाद्य पदार्थ खरीदें। पैक्ड खाद्य सामग्री लेते समय उसकी पैकिंग, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और अन्य आवश्यक जानकारी जरूर जांच लें।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से यह भी अपील की है कि यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट की आशंका हो या खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कोई शिकायत सामने आए तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दी जाए। शिकायत मिलने पर विभाग की ओर से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विशेष प्रवर्तन अभियान के माध्यम से विभाग का प्रयास है कि बाजार में बिकने वाले दूध, मिठाई, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाए। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके।
