आगरा। औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति, जलभराव, सड़क और नालियों की समस्याओं को दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में उद्यमियों ने अपनी विभिन्न समस्याएं रखीं, जिन पर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने संबंधित विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, सिटी बस सेवा शुरू करने, निर्बाध बिजली आपूर्ति, नालों की सफाई और ओडीओपी योजना में आगरा की प्रसिद्ध बेड़ई को शामिल करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

औद्योगिक विकास को गति देने और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने की पहल की है। जिला स्तरीय उद्योग बंधु समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और संबंधित विभागों को समस्याओं के निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने पिछली बैठक में उठाए गए मुद्दों पर हुई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने को कहा और यह जाना कि पूर्व में उद्यमियों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर कितना कार्य किया गया है। इस दौरान औद्योगिक इकाइयों से संबंधित बिजली आपूर्ति, सड़क, जलभराव, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति पर चर्चा हुई।
बैठक में गढ़ी महासिंह सब स्टेशन, एत्मादपुर से जुड़ी औद्योगिक इकाइयों में बिजली आपूर्ति की समस्या का मुद्दा प्रमुखता से रखा गया। उद्यमियों की ओर से बताया गया था कि क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति में व्यवधान के कारण औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। इस पर विद्युत विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि संबंधित फीडर पर कई आवश्यक विद्युत कार्य कराए गए हैं। इन कार्यों के बाद ट्रिपिंग की समस्या में काफी कमी आई है और वर्तमान में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में पहले की तुलना में सुधार हुआ है।
बैठक में टेढ़ी बगिया से चार पुलिया तक बनाए जा रहे बड़े नाले के निर्माण से प्रभावित औद्योगिक आवागमन का मामला भी उठाया गया। उद्यमियों ने बताया कि निर्माण कार्य के चलते औद्योगिक प्रतिष्ठानों तक आने-जाने में परेशानी हो रही है और वैकल्पिक व्यवस्था की आवश्यकता है। इस पर जानकारी दी गई कि नाले पर स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों, आवासीय क्षेत्रों, मार्गों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर नाले को कवर करने के लिए अवस्थापना निधि के तहत प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू कराया जाएगा।

भगवती बाग फाउंड्री नगर औद्योगिक क्षेत्र में सड़क और नाली निर्माण से जुड़े मामले पर भी बैठक में चर्चा हुई। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि संबंधित स्थानों पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जल निगम के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा कराने को कहा, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में आने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।
बोदला-बिचपुरी रोड क्षेत्र में नाले की सफाई और बंदरों की समस्या का मुद्दा भी बैठक में रखा गया। संबंधित विभागों की ओर से बताया गया कि उनके क्षेत्राधिकार में आने वाले नालों की नियमित सफाई कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने नगर निगम को बंदरों की समस्या के समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में हाईवे के आसपास स्थित विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों के समीप होने वाले जलभराव की समस्या पर भी उद्यमियों ने चिंता जताई। बरसात के दौरान जलभराव से औद्योगिक गतिविधियों और आवागमन पर असर पड़ने की बात कही गई। जिलाधिकारी ने जिला पंचायत और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों और श्रमिकों की सुविधा के लिए सिटी बस सेवा संचालन का मुद्दा भी बैठक में सामने आया। उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्रों तक बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सिटी बस सेवा संचालन की संभावनाओं का मानकों के अनुसार परीक्षण कराने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत और व्यवहारिक स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सके।
बैठक में अरतौनी और रुनकता फीडरों से जुड़े उद्योगों के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति की मांग भी उठाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि औद्योगिक इकाइयों को बिजली से संबंधित समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रभावी निगरानी की जाए।
बैठक के दौरान विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों से जुड़े मामलों में विभागीय अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है, जिससे समस्याओं का समाधान समय पर हो सके।
जिलाधिकारी ने उद्योग बंधुओं द्वारा प्रस्तुत किए गए बिजली, साफ-सफाई, जलभराव, सड़क मरम्मत और नालों की सफाई जैसे विभिन्न प्रकरणों पर संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
बैठक में नेशनल चैंबर आगरा की ओर से ओडीओपी योजना के अंतर्गत आगरा की प्रसिद्ध बेड़ई को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया। उद्यमियों ने कहा कि बेड़ई आगरा की पहचान से जुड़ा उत्पाद है और इसे ओडीओपी योजना में शामिल किए जाने से स्थानीय कारोबारियों को लाभ मिल सकता है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को प्रस्ताव का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए शासन स्तर पर भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में औद्योगिक विकास से जुड़े अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति बनी। प्रशासन का उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना और उद्यमियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है, जिससे जिले में उद्योगों को बढ़ावा मिल सके।
बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, उपायुक्त उद्योग शैलेन्द्र सिंह सहित जिला उद्योग बंधु समिति के सदस्य और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
