आगरा। महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, संपत्ति विवाद, भरण-पोषण, कार्यस्थल पर उत्पीड़न या महिलाओं से जुड़े किसी भी मामले में न्याय की उम्मीद रखने वाली महिलाओं के लिए राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान एक अगस्त को आगरा में महिला जनसुनवाई करेंगी। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे और प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही महिलाओं से संबंधित योजनाओं और महिला उत्पीड़न के मामलों की समीक्षा भी की जाएगी।
महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और महिला उत्पीड़न के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान का एक अगस्त को आगरा दौरा प्रस्तावित है। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। महिला आयोग की अध्यक्ष एक अगस्त को प्रातः 11 बजे नवीन सर्किट हाउस सभागार में महिला जनसुनवाई करेंगी। इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य महिला उत्पीड़न की घटनाओं की सुनवाई कर पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
महिला जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, पारिवारिक विवाद, संपत्ति से जुड़े विवाद, भरण-पोषण, कार्यस्थल पर उत्पीड़न, साइबर अपराध, छेड़छाड़ तथा महिलाओं से जुड़े अन्य मामलों की शिकायतें सुनी जाएंगी। आयोग के समक्ष प्रस्तुत प्रत्येक आवेदन पर संबंधित विभागों और अधिकारियों की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें एक ही स्थान पर राहत मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की ओर से महिलाओं से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की भी समीक्षा की जाएगी। इसके लिए महिला कल्याण विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, समाज कल्याण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पंचायती राज विभाग, कौशल विकास विभाग, परिवहन विभाग तथा मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। सभी विभाग अपने-अपने विभाग से संबंधित अद्यतन सूचनाओं और अभिलेखों के साथ बैठक में शामिल होंगे।
बैठक में महिलाओं के हित में संचालित योजनाओं की प्रगति, उनके क्रियान्वयन की स्थिति तथा लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुंच का भी विस्तृत परीक्षण किया जाएगा। यदि किसी योजना के संचालन में कोई कमी या बाधा सामने आती है तो उसे दूर करने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचे।
महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की समीक्षा बैठक भी इस कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। इसमें पुलिस आयुक्त अथवा उनके द्वारा नामित वरिष्ठ अधिकारी, महिला थाना प्रभारी तथा संबंधित थाना क्षेत्रों के क्षेत्राधिकारी मौजूद रहेंगे। आयोग की अध्यक्ष लंबित मामलों, दर्ज शिकायतों पर हुई कार्रवाई, विवेचना की प्रगति तथा पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कराई गई सहायता की समीक्षा करेंगी। जिन मामलों में कार्रवाई अपेक्षित होगी, वहां संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे, ताकि महिलाओं को न्याय मिलने में अनावश्यक देरी न हो।
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त होने वाले आवेदनों का प्राथमिक स्तर पर मौके पर ही परीक्षण किया जाएगा। संबंधित विभागों के अधिकारी शिकायतों का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू करेंगे। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव होगा, उनका निस्तारण मौके पर ही किया जाएगा, जबकि जटिल मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे। इससे शिकायतकर्ताओं को अलग-अलग कार्यालयों में भटकने की आवश्यकता कम होगी और उनकी समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।
राज्य महिला आयोग लंबे समय से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में इस प्रकार की जनसुनवाई आयोजित कर महिलाओं की शिकायतों का समाधान कराने का प्रयास कर रहा है। आयोग का मानना है कि यदि पीड़ित महिलाओं को स्थानीय स्तर पर अपनी बात रखने का अवसर मिले और संबंधित विभागों के अधिकारी एक ही मंच पर मौजूद रहें तो शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बन सकती है। इसी उद्देश्य से आयोग नियमित रूप से जिलों का भ्रमण कर महिला सुरक्षा और महिला अधिकारों से जुड़े मामलों की समीक्षा करता है।
प्रशासन की ओर से सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बैठक में पूर्ण तैयारी के साथ शामिल हों और अपने विभाग से संबंधित आवश्यक अभिलेख एवं सूचनाएं उपलब्ध रखें। साथ ही महिला उत्पीड़न से जुड़े लंबित मामलों की अद्यतन स्थिति भी प्रस्तुत की जाएगी, ताकि आयोग प्रत्येक प्रकरण की वस्तुस्थिति से अवगत हो सके और आवश्यक निर्णय लिए जा सकें।
जनसुनवाई में आने वाली महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं को अपनी समस्या विस्तार से रखने का अवसर मिलेगा और संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में उनके प्रकरणों पर सुनवाई की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को इस जनसुनवाई का लाभ मिल सके और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो।
जिला प्रशासन ने जनपद की महिलाओं से अपील की है कि यदि वे किसी प्रकार के महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न, संपत्ति विवाद, भरण-पोषण, कार्यस्थल पर उत्पीड़न अथवा महिलाओं से जुड़े किसी अन्य मामले से पीड़ित हैं तो वे एक अगस्त को प्रातः 11 बजे नवीन सर्किट हाउस सभागार पहुंचकर अपनी शिकायत सीधे उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत करें। जनसुनवाई का उद्देश्य महिलाओं को त्वरित न्याय उपलब्ध कराना, उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना तथा महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में प्रशासनिक जवाबदेही को और अधिक मजबूत बनाना है।
