आगरा। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने समीक्षा बैठक में प्रमुख शिवालयों, कांवड़ मार्गों और बटेश्वर घाटों पर सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, विद्युत, यातायात और आपदा प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मौके पर निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं, विद्युत व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, आपदा प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जनपद के सभी प्रमुख शिवालयों, कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें।
बैठक में राजेश्वर महादेव, मनकामेश्वर, कैलाश महादेव, बल्केश्वर महादेव, पृथ्वीनाथ महादेव, रावली महादेव, बटेश्वरनाथ सहित जनपद के अन्य प्रमुख शिवालयों की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने मंदिर परिसरों और वहां तक जाने वाले मार्गों की साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विद्युत सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी विद्युत पोल, स्ट्रीट लाइट और विद्युत लाइनों की जांच कर उन्हें दुरुस्त कराया जाए। खुले तार, करंट लीकेज और अन्य संभावित विद्युत जोखिमों को तत्काल समाप्त किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों और ग्राम पंचायतों को निर्देश दिए गए कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर मंदिरों और कांवड़ मार्गों पर स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, डस्टबिन, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस संबंध में अधिशासी अधिकारियों और जिला पंचायत राज अधिकारी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई।
जिलाधिकारी ने वरिष्ठ अधिकारियों को प्रमुख शिवालयों, कांवड़ मार्गों और संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि खुले मैनहोल, क्षतिग्रस्त स्लैब, नालों तथा अन्य संभावित खतरों को तत्काल ठीक कराया जाए। वर्षाकाल को देखते हुए मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्गों की मरम्मत और अन्य सुरक्षा उपाय भी समय रहते पूरे किए जाएं।
बटेश्वर क्षेत्र में प्रत्येक सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष तैयारियों के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने घाटों पर पर्याप्त गोताखोर, नाव, फ्लड रेस्क्यू उपकरण, बैरिकेडिंग और सुरक्षा जाल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य मंदिरों और भीड़ वाले स्थानों पर एंबुलेंस, मेडिकल टीम, अग्निशमन वाहन और 108 एंबुलेंस सेवा की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
कांवड़ शिविरों और भंडारों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ भोजन और साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग जन-जागरूकता अभियान भी चलाएं और नियमित निरीक्षण करें।
बैठक में मेट्रो निर्माण कार्य से प्रभावित मार्गों पर विशेष यातायात प्रबंधन की योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस, यातायात पुलिस और संबंधित विभागों को समन्वय के साथ आवश्यकता पड़ने पर डायवर्जन प्लान लागू करने तथा श्रद्धालुओं और आम लोगों की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए कहा गया।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से पिछले वर्षों की व्यवस्थाओं का फीडबैक और सुझाव भी लिए। उन्होंने कहा कि पूर्व के अनुभवों के आधार पर कमियों को दूर करते हुए इस बार सभी व्यवस्थाएं और अधिक प्रभावी बनाई जाएं। प्रत्येक अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र का नियमित स्थलीय निरीक्षण करे और सभी तैयारियां समय से पूरी कराना सुनिश्चित करे।
बैठक में यह भी बताया गया कि श्रावण मास के दौरान 4 अगस्त को चेहल्लुम तथा 26 अगस्त को बारावफात का आयोजन भी होगा। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने की रणनीति तैयार की है। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
बैठक में नगर आयुक्त संतोष वैश्य, अपर जिलाधिकारी (नगर) यमुनाधर चौहान, एडिशनल डीसीपी हिमांशु गौरव सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन का कहना है कि श्रावण मास और कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु व्यवस्थाएं सर्वोच्च प्राथमिकता रहेंगी तथा सभी विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाकर तैयारियों की निगरानी की जाएगी।
