आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 25 जुलाई को प्रस्तावित आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल और पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने टाटा ग्राउंड पहुंचकर सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, मंच प्रबंधन और जनसुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कार्यक्रम से जुड़ी हर व्यवस्था समय से पूरी हो, सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 25 जुलाई को प्रस्तावित आगमन और विभिन्न कार्यक्रमों को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई है। शुक्रवार को टाटा ग्राउंड में जिलाधिकारी मनीष बंसल और पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, मंच प्रबंधन, हेलिपैड, जनसुविधाएं, विभागीय स्टॉल, वीआईपी मूवमेंट और भीड़ प्रबंधन सहित प्रत्येक व्यवस्था की बिंदुवार समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने तैनाती स्थलों पर समय से पहुंचें और किसी भी स्थिति में केवल फोन पर निर्भर रहने के बजाय मौके पर उपस्थित रहकर तत्काल निर्णय लें। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता सभी विभागों के बेहतर समन्वय पर निर्भर करेगी, इसलिए हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी पूरी गंभीरता से निभाए।

हेलिपैड की सुरक्षा को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि हेलिपैड के आसपास स्थित सभी ऊंची इमारतों, मोबाइल टावरों और ऊंचे पेड़ों पर निर्धारित मानकों के अनुसार लाल झंडे लगाए जाएं, ताकि हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग और उड़ान सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले सभी विभागों को अपने-अपने प्रदर्शनी स्टॉल पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए। उद्यान विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग, महिला कल्याण विभाग, बाल विकास विभाग, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों से कहा गया कि वे निर्धारित समय पर ड्यूटी पास और पहचान पत्र के साथ उपस्थित रहें। स्टॉलों पर योजनाओं की जानकारी व्यवस्थित रूप से प्रदर्शित हो और लाभार्थियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से पूरी कर ली जाएं।

बैठक में अन्नप्राशन, गोद भराई, प्रदर्शनी अवलोकन और मंचीय कार्यक्रमों को तय समय के अनुसार संपन्न कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मंच पर केवल मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमोदित सूची में शामिल जनप्रतिनिधियों और अतिथियों को ही स्थान दिया जाएगा। लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र और चेक वितरण के लिए पूर्व निर्धारित लाइन-अप और बैठने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
मंच व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी एडीएम प्रशासन को सौंपी गई है, जबकि एसडीएम सदर को सहयोगी अधिकारी नामित किया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि मंच संचालन से लेकर वीआईपी मूवमेंट तक प्रत्येक व्यवस्था पहले से तय योजना के अनुसार संचालित हो।
मुख्यमंत्री के जनसभा कार्यक्रम के बाद कमिश्नरी में प्रस्तावित ब्रज तीर्थ विकास परिषद की बैठक और समीक्षा बैठक के लिए संबंधित अधिकारियों को समय से पहले उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए। विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए नामित नोडल अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए जिम्मेदारियों का निर्वहन करने को कहा गया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली बसों का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने मीडिया, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, पानी के टैंकर, पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाओं को समय रहते पूरा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंडाल में पर्याप्त पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय और नियमित सफाई की व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित होनी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों के सुचारु आवागमन के लिए गेट नंबर-2 पर विशेष समन्वय टीम तैनात करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों के संभावित रात्रि विश्राम, भोजन, आतिथ्य और सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने को कहा गया।
केंद्रीय हिंदी संस्थान में पार्किंग, पेयजल, शौचालय और प्रतिभागियों की सुविधा से जुड़े सभी इंतजाम समय रहते पूरे करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल अनुमोदित सूची में शामिल व्यक्तियों को ही मंच और सुरक्षा घेरे में प्रवेश मिलेगा। बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की अनिवार्य जांच और फ्रिस्किंग के निर्देश दिए। मंत्री, विधायक, अन्य जनप्रतिनिधियों और विशिष्ट अतिथियों के सहायकों की भी पूर्व निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही आवाजाही सुनिश्चित करने को कहा गया।
पुलिस कमिश्नर ने पर्याप्त पुलिस बल और बसों की व्यवस्था करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी पुलिस अधिकारी और जवान कार्यक्रम शुरू होने से लगभग तीन घंटे पहले अपनी ड्यूटी पर पहुंच जाएं। वीआईपी, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और बसों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए जाएं और वहां जलभराव या अन्य किसी प्रकार की बाधा न रहे।
उन्होंने कहा कि निर्धारित और वैकल्पिक मार्गों का पहले से परीक्षण कर यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए। सर्किट हाउस में केवल अधिकृत और अनुमति प्राप्त वाहनों को ही प्रवेश दिया जाए। सुरक्षा, पार्किंग और भीड़ नियंत्रण से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का पूर्व सत्यापन कर उनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के अंत में सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाने के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जा रहे प्रदर्शनी स्टॉलों का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक सुधार समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान सुरक्षा, जनसुविधाओं और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
