फतेहाबाद। फतेहाबाद कस्बे में लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी जलभराव और जल निकासी की समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर पंचायत द्वारा सरकारी बस स्टैंड से अंबेडकर चौक तक नाला निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। करीब 30.12 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस नाले के पूरा होने के बाद बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। गुरुवार को बस स्टैंड के सामने से खुदाई कार्य शुरू होने के साथ ही परियोजना ने धरातल पर आकार लेना शुरू कर दिया।

फतेहाबाद कस्बे के लोगों को जल्द ही जलभराव की समस्या से राहत मिलने वाली है। नगर पंचायत की ओर से लंबे समय से लंबित पड़ी जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मुख्य मार्ग पर नाला निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। गुरुवार को सरकारी बस स्टैंड के सामने से खुदाई कार्य प्रारंभ किया गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान अब संभव हो सकेगा।
कस्बे के प्रमुख मार्ग पर स्थित सरकारी बस स्टैंड से लेकर अंबेडकर चौक तक का क्षेत्र लंबे समय से जल निकासी की गंभीर समस्या से जूझ रहा था। बारिश के मौसम में सड़क पर पानी भर जाने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार हालात ऐसे बन जाते थे कि सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती थी और पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता था। वाहन चालकों को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, जिससे स्थानीय व्यापार और दैनिक गतिविधियां प्रभावित होती थीं।
स्थानीय नागरिकों द्वारा समय-समय पर इस समस्या को उठाया जाता रहा। बरसात के दौरान सड़क पर जमा होने वाला पानी न केवल यातायात बाधित करता था, बल्कि आसपास के दुकानदारों और निवासियों के लिए भी परेशानी का कारण बनता था। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण वर्षा का पानी लंबे समय तक सड़क और आसपास के क्षेत्रों में जमा रहता था। इससे लोगों को गंदगी, फिसलन और अन्य असुविधाओं का सामना करना पड़ता था।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए नगर पंचायत प्रशासन ने इस दिशा में पहल की और नाला निर्माण परियोजना को स्वीकृति दिलाई। अब इस परियोजना पर कार्य शुरू होने के साथ ही लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों से काफी हद तक निजात मिल सकेगी।
गुरुवार को निर्माण कार्य के तहत सरकारी बस स्टैंड के सामने से नाले की खुदाई शुरू की गई। निर्माण एजेंसी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कराया जा रहा है। परियोजना के अंतर्गत बस स्टैंड से अंबेडकर चौक तक नाला बनाया जाएगा, जिससे वर्षा जल की निकासी सुचारु रूप से हो सकेगी और सड़क पर पानी जमा होने की समस्या कम होगी।
नगर पंचायत फतेहाबाद के इंचार्ज अधिशासी अधिकारी हेमंत कुमार बिंद ने बताया कि कस्बावासियों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से इस नाला निर्माण कार्य को स्वीकृति दी गई है। उन्होंने बताया कि परियोजना पर लगभग 30.12 लाख रुपये की लागत आएगी। कार्य प्रारंभ कर दिया गया है और इसे निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
हेमंत कुमार बिंद ने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नाले का निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाएगा ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद न केवल स्थानीय निवासियों को लाभ मिलेगा, बल्कि मुख्य मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस क्षेत्र में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में परेशानी बढ़ जाती थी। कई बार दुकानों और घरों के सामने तक पानी भर जाता था। ऐसे में नाला निर्माण कार्य शुरू होना क्षेत्र के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
कस्बे के व्यापारियों और नागरिकों का मानना है कि यदि परियोजना समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरी हो जाती है तो बरसात के दौरान होने वाली दिक्कतों में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे सड़क की स्थिति भी बेहतर रहेगी और यातायात संचालन अधिक सुगम हो सकेगा।
नगर पंचायत प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नाला निर्माण परियोजना को भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फिलहाल निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही लोगों की निगाहें इस परियोजना पर टिकी हुई हैं। नागरिकों को उम्मीद है कि यह नाला भविष्य में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान साबित होगा और फतेहाबाद के मुख्य मार्ग को बरसात के दिनों में भी सुगम एवं सुरक्षित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नगर पंचायत का दावा है कि कार्य को तय मानकों के अनुरूप पूरा कराया जाएगा ताकि लंबे समय तक इसका लाभ क्षेत्रवासियों को मिलता रहे।

