फतेहाबाद। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फतेहाबाद क्षेत्र में कुछ घंटों के अंतराल में हुए तीन अलग-अलग सड़क हादसों में 10 लोग घायल हो गए। दो घटनाओं में वाहन चालकों को नींद की झपकी आने से टक्कर हुई, जबकि एक अन्य हादसे में कार अनियंत्रित होकर पुलिया से जा टकराई। घायलों में बस यात्री, चालक और कार सवार शामिल हैं। पुलिस और यूपीडा की टीम ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया तथा क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सुचारु कराया।

फतेहाबाद क्षेत्र से गुजरने वाले आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गुरुवार तड़के से सुबह तक तीन अलग-अलग सड़क हादसे हुए, जिनमें कुल 10 लोग घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में अधिकांश घटनाओं के पीछे वाहन चालकों को आई नींद की झपकी को कारण माना गया है। हादसों के बाद पुलिस और यूपीडा की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

पहला हादसा गुरुवार तड़के करीब तीन बजे थाना फतेहाबाद क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 17.500 पर हुआ। जानकारी के अनुसार पिकअप मैक्स चालक प्रवीण कुमार, पुत्र राजवीर कुमार, निवासी बुटाना, तहसील गन्नौर, जिला सोनीपत, वाहन लेकर जैसलमेर से दानापुर (बिहार) जा रहा था।

रास्ते में चालक को नींद की झपकी आ गई, जिससे उसका वाहन सड़क किनारे खराब खड़ी एक बस में पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप मैक्स का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और चालक घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची तथा घायल प्रवीण कुमार को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया।

दूसरा हादसा सुबह करीब 5:50 बजे एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 28.900 पर हुआ, जहां दो बसें आपस में टकरा गईं। इस दुर्घटना में सात लोग घायल हुए। पुलिस के अनुसार सीतामढ़ी (बिहार) से 65 यात्रियों को लेकर जयपुर जा रही बस को निसार खान चला रहा था। बस निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान पीछे से आ रही गोरखपुर से दिल्ली जा रही बस, जिसे बबलू चला रहा था, अचानक अनियंत्रित होकर आगे चल रही बस में पीछे से जा घुसी।
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि दूसरी बस के चालक बबलू को नींद की झपकी आने के कारण वह समय रहते वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। टक्कर के बाद दोनों बसों में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में चीख-पुकार शुरू हो गई। हादसे में पहली बस में सवार अंशिका और राबिया खातून को मामूली चोटें आईं। वहीं दूसरी बस के चालक बबलू के अलावा शताक्षी, मुकेश पांडे, सुरेंद्र सिंह और रितिक यादव घायल हो गए।
सूचना मिलने पर पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को बसों से सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। अन्य यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक बसों की व्यवस्था कर उन्हें उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया। बाद में क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बसों को सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया गया, जिससे यातायात सामान्य हो सका।
तीसरी घटना बुधवार देर रात फतेहाबाद क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 36.500 पर हुई। लखनऊ से आगरा आ रही एक कार अचानक अनियंत्रित होकर पुलिया से जा टकराई। हादसे में कार चालक समेत पांच लोग घायल हो गए। बताया गया कि कार चालक दिनेश, पुत्र दाताराम, निवासी नगला सुखराम, आगरा, वाहन चला रहा था। उसके साथ अभय सोनी, पुत्र रबीस वर्मा, निवासी नगला पदी, दयालबाग आगरा, लीना वर्मा, पुत्री दिनेश चंद्र वर्मा, निवासी सेफऊ, हाथरस, शेफाली, पुत्री सुरेश चंद तथा सालू वर्मा, पुत्री मोहित वर्मा, निवासी बी-42 प्रताप नगर, आगरा यात्रा कर रहे थे।
जब कार एक्सप्रेसवे के उक्त स्थान पर पहुंची, तभी चालक को नींद की झपकी आ गई और वाहन नियंत्रण से बाहर होकर पुलिया में जा घुसा। टक्कर के कारण कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दुर्घटना में चालक सहित सभी पांच लोग घायल हो गए। सूचना मिलने के बाद फतेहाबाद पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची तथा घायलों को कार से बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए आगरा रेफर कर दिया गया।
लगातार हुए तीन हादसों ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता को सामने ला दिया है। विशेष रूप से चालक को पर्याप्त आराम और सतर्कता के साथ वाहन चलाने की सलाह दी जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद झपकी के कारण होने वाली दुर्घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
यूपीडा के सहायक सुरक्षा अधिकारी प्रथम राधामोहन द्विवेदी ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग तीन सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जहां आवश्यक था, वहां यात्रियों को दूसरे वाहनों से उनके गंतव्य के लिए रवाना कराया गया। साथ ही क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात को सुचारु रूप से संचालित कराया गया।
तीनों हादसों में राहत की बात यह रही कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन 10 लोगों के घायल होने से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया कि लंबी दूरी की यात्रा के दौरान थोड़ी सी असावधानी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

