आगरा। 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान को गति दी जा रही है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने अभिभावकों, शिक्षकों, धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से अपील की है कि पात्र बालिकाओं को समय रहते एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवाएं। उन्होंने बताया कि बाजार में करीब 4,000 रुपये प्रति डोज की यह वैक्सीन सरकार द्वारा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। जिला अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों और सब-सेंटरों तक टीकाकरण की व्यवस्था की गई है, ताकि जनपद की कोई भी पात्र बालिका इस महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच से वंचित न रह जाए।
आगरा में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को निःशुल्क टीका लगाया जा रहा है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जनपद के सभी अभिभावकों, शिक्षकों, धर्मगुरुओं, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों से अपील करते हुए कहा है कि वे इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं और अधिक से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक माता-पिता अपनी बेटी के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य का सपना देखते हैं। ऐसे में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए समय रहते उठाया गया कदम भविष्य में बड़ी सुरक्षा प्रदान कर सकता है। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में शामिल है और हर वर्ष बड़ी संख्या में महिलाओं की जान इस बीमारी के कारण चली जाती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी का मुख्य कारण एचपीवी वायरस संक्रमण होता है, जिससे बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन सबसे प्रभावी उपाय मानी जाती है।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित इस विशेष अभियान के अंतर्गत उन सभी किशोरियों को टीका लगाया जा रहा है जिन्होंने अभी अपना 15वां जन्मदिन पूरा नहीं किया है। इस आयु वर्ग में वैक्सीन का प्रभाव अधिक माना जाता है और यह भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम करने में मदद करती है।
उन्होंने कहा कि बाजार में इस वैक्सीन की कीमत लगभग चार हजार रुपये प्रति डोज है, लेकिन सरकार इसे पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। इसका उद्देश्य आर्थिक स्थिति के कारण किसी भी बालिका को इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहने देना है। सरकार चाहती है कि हर पात्र किशोरी इस सुरक्षा कवच का लाभ उठाए और भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से सुरक्षित रहे।
टीकाकरण की सुविधा जनपद के जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा प्रत्येक माह के तीसरे शुक्रवार को निकटतम सब-सेंटर पर एएनएम द्वारा भी एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को घर-घर तक पहुंचाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है, जिससे अधिक से अधिक परिवारों तक इसकी जानकारी पहुंच सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि अभिभावक अपनी 14 वर्ष आयु वर्ग की बेटियों का पंजीकरण यू-विन (U-WIN) पोर्टल पर अवश्य कराएं। यदि किसी परिवार को ऑनलाइन पंजीकरण में कठिनाई हो रही है तो वे निकटतम टीकाकरण केंद्र पर जाकर स्वास्थ्य कर्मियों की सहायता से भी पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि टीकाकरण के समय मोबाइल फोन के साथ आयु प्रमाण-पत्र ले जाना आवश्यक है। इसके लिए आधार कार्ड, जन्म प्रमाण-पत्र, राशन कार्ड अथवा स्कूल आईडी कार्ड का उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज की एक छोटी-सी जागरूकता और समय पर लिया गया निर्णय आने वाले वर्षों में बेटियों के जीवन को सुरक्षित बना सकता है। इसलिए अभिभावक किसी भी प्रकार की भ्रांति या अफवाह पर ध्यान न दें और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित इस टीके का लाभ अवश्य उठाएं।
जिलाधिकारी ने शिक्षकों से विद्यालय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि विद्यालयों में इस विषय पर जागरूकता बढ़ेगी तो अधिक संख्या में अभिभावक अपनी बेटियों का टीकाकरण कराने के लिए आगे आएंगे।
धर्मगुरुओं, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से भी उन्होंने अभियान के प्रचार-प्रसार में सहयोग की अपील की। उनका कहना था कि जब समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ किसी जनहितकारी पहल में भागीदारी करते हैं तो उसके परिणाम और अधिक प्रभावी होते हैं।
उन्होंने कहा कि आगरा को स्वस्थ, सुरक्षित और सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। यह केवल स्वास्थ्य विभाग का अभियान नहीं बल्कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने का सामूहिक संकल्प है।
जिलाधिकारी ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने आसपास रहने वाली पात्र बालिकाओं और उनके परिवारों को भी इस अभियान की जानकारी दें। अधिक से अधिक लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना ही इस अभियान की सबसे बड़ी सफलता होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनपद के लोग इस पहल में सक्रिय सहयोग करेंगे और आगरा को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
उन्होंने कहा कि एचपीवी का टीका केवल एक वैक्सीन नहीं, बल्कि बेटियों के स्वस्थ जीवन का सुरक्षा कवच है। समय पर लगाया गया यह टीका भविष्य में गंभीर बीमारी से बचाव का सशक्त माध्यम बन सकता है। इसी संदेश के साथ प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि कोई भी पात्र बालिका टीकाकरण से वंचित न रहे और सभी मिलकर स्वस्थ, सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
