आगरा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने नगर निगम के कुबेरपुर स्थित बायोरिमेडिएशन एवं बायोमाइनिंग प्रोजेक्ट तथा खत्ताघर साइट का फील्ड विजिट कर विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वेस्ट मैनेजमेंट, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था, वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट्स और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट की प्रगति की जानकारी ली। डीएम ने साफ-सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने तथा कचरा प्रबंधन कार्यों में गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने मंगलवार को नगर निगम की महत्वपूर्ण कचरा प्रबंधन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कुबेरपुर स्थित बायोरिमेडिएशन एंड बायोमाइनिंग प्रोजेक्ट साइट और खत्ताघर परिसर का विस्तार से अवलोकन करते हुए चल रहे कार्यों की प्रगति जानी।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि यह परियोजना लगभग 72 एकड़ क्षेत्र में विकसित की गई है। यह स्थान पहले एक बड़ा कूड़ा डंपिंग ग्राउंड था, जहां वर्षों से कचरा जमा होता रहा था। वर्ष 2019 से नवंबर 2024 तक इस स्थल पर लगभग 20 लाख टन कूड़े का बायोरिमेडिएशन और बायोमाइनिंग तकनीक के माध्यम से निस्तारण किया जा चुका है। इस प्रक्रिया से पुराने कचरे को वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग कर पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित ढंग से निष्पादित किया गया है।

डीएम को बताया गया कि साइट पर प्रतिदिन लगभग 1000 से 1200 टन तक कूड़ा विभिन्न क्षेत्रों से एकत्र कर लाया जाता है। इस कूड़े को प्रोसेसिंग यूनिट में ले जाकर सूखा कचरा, गीला कचरा, प्लास्टिक, पॉलीथिन और सॉलिड वेस्ट जैसी श्रेणियों में अलग-अलग किया जाता है। इसके बाद इनसे विभिन्न उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिनकी पैकेजिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था भी की जा रही है।

परियोजना के अंतर्गत कंपोस्ट खाद उत्पादन के लिए कृभको के साथ करार किया गया है, जिससे जैविक कचरे से तैयार खाद को कृषि कार्यों में उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही गौशाला, फल-फूल और सब्जी मंडियों से निकलने वाले कचरे के उठान और निस्तारण की व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
जिलाधिकारी ने पूरे परिसर का भ्रमण करते हुए निर्देश दिए कि डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ताकि शहर के हर घर से नियमित और व्यवस्थित रूप से कचरा एकत्र हो सके और खुले में कचरा फैलने की समस्या समाप्त हो। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था की मजबूती सीधे शहर की छवि और नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने पीपीपी मॉडल पर विकसित किए जा रहे वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि यह परियोजना दिसंबर 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्लांट के शुरू होने के बाद कचरे से ऊर्जा उत्पादन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे नगर निगम की कचरा निस्तारण क्षमता और अधिक मजबूत होगी।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने साइट पर संचालित विभिन्न यूनिट्स जैसे गोबर आधारित प्रोसेसिंग यूनिट, कंपोस्ट प्लांट, लेबोरेटरी, रबर प्लांट, ब्रिक्स निर्माण यूनिट और सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग से जुड़े अन्य प्रोजेक्ट्स का भी विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने प्रत्येक यूनिट की कार्यप्रणाली को समझा और संबंधित अधिकारियों से तकनीकी जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी यूनिट्स में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए और आउटपुट उत्पादों की मार्केटिंग प्रणाली को और मजबूत किया जाए, ताकि परियोजना आर्थिक रूप से भी अधिक व्यवहारिक और सफल बन सके।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि कचरा प्रबंधन केवल एक स्वच्छता अभियान नहीं, बल्कि एक सतत और वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसे हर स्तर पर गंभीरता से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने साइट पर व्यवस्थाओं को और बेहतर करने तथा संचालन में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य, अपर नगर आयुक्त सुरेंद्र यादव, डीएफओ राजेश कुमार सहित नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने परियोजनाओं की प्रगति से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की।
कुबेरपुर साइट पर हुए इस निरीक्षण को नगर निगम की स्वच्छता और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में आगरा शहर की स्वच्छता व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
