आगरा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सफल, सुव्यवस्थित और व्यापक आयोजन को लेकर जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योग दिवस से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा आयोजन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक के दौरान आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप देने, कार्यक्रम स्थलों के चयन, सुरक्षा व्यवस्था और जनसहभागिता बढ़ाने की रणनीति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योग दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर जनस्वास्थ्य और जीवनशैली सुधार से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है, जिसे समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जाना चाहिए।

इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” निर्धारित की गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए सभी कार्यक्रमों को उसी अनुरूप स्वरूप देने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए आवश्यक है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से आयोजन हों।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिला मुख्यालय तक योग दिवस के कार्यक्रम अनिवार्य रूप से आयोजित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत सभी न्याय पंचायतों, ब्लॉक मुख्यालयों, तहसील स्तर तथा सार्वजनिक स्थलों पर योगाभ्यास सत्र आयोजित किए जाएंगे। अमृत सरोवर, पंचायत भवन एवं अन्य सामुदायिक स्थलों को भी कार्यक्रम स्थलों के रूप में उपयोग में लाया जाएगा।
जनपद में योग दिवस के अवसर पर दो प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें से एक कार्यक्रम एकलव्य स्टेडियम में होगा, जहां जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में सामूहिक योगाभ्यास किया जाएगा। इस मुख्य कार्यक्रम के लिए स्थल चयन और व्यवस्थाओं को लेकर अलग से टीमों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

बैठक में यह भी सुनिश्चित किया गया कि आयोजन स्थलों पर प्रशिक्षित योग शिक्षकों की उपलब्धता रहे, ताकि प्रतिभागियों को सही तकनीक के साथ योगाभ्यास कराया जा सके। इसके साथ ही चिकित्सा सहायता टीम, प्राथमिक उपचार किट, पेयजल व्यवस्था और स्वच्छता व्यवस्था को भी पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम की सफलता के लिए सामाजिक एवं औद्योगिक संगठनों की भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यालयों और महाविद्यालयों को जोड़कर अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने की योजना पर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि योग दिवस से एक दिन पूर्व 20 जून को सभी कार्यक्रम स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाया जाए। इसके अंतर्गत श्रमदान के माध्यम से परिसर की सफाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि कार्यक्रम के दिन स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध हो सके।
सभी आयोजन स्थलों पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए, जो कार्यक्रम की पूरी तैयारी और संचालन की निगरानी करेंगे। इन अधिकारियों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे स्थानीय स्तर पर सभी व्यवस्थाओं को समय से पूरा कराएं।
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों को मजबूत करने पर बल दिया गया। पुलिस एवं प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने की योजना तैयार की गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में योग दिवस को प्रभावी बनाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि वे गांव-गांव तक योग के संदेश को पहुंचाएं और अधिक से अधिक लोगों को कार्यक्रम से जोड़ें।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को योग मैट, टी-शर्ट और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। इसके लिए आपूर्ति श्रृंखला को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि योग दिवस का आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर जनआंदोलन का स्वरूप ले, जिससे स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच सके।
