आगरा। जनपद में उद्योगों को बढ़ावा देने और रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने निर्माणाधीन फ्लैटेड फैक्ट्री का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने टीटीजेड मानकों के अनुरूप 200 व्हाइट कैटेगरी उद्योग स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही फाउंड्रीनगर स्थित पार्क में वृक्षारोपण की तैयारी और नुनिहाई औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित रेलवे ब्रिज से जुड़ी समस्याओं के समाधान का आश्वासन भी दिया।

जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने और पर्यावरण मानकों के अनुरूप नए उद्योग स्थापित करने की दिशा में प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र की ओर से निर्माणाधीन फ्लैटेड फैक्ट्री का संयुक्त स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि टीटीजेड क्षेत्र की पर्यावरणीय शर्तों को ध्यान में रखते हुए जनपद में व्हाइट कैटेगरी की 200 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना सुनिश्चित की जाए।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त उद्योग, यूपीएसआईसीए के क्षेत्रीय प्रबंधक और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने परियोजना की प्रगति, निर्माण गुणवत्ता और भविष्य की औद्योगिक संभावनाओं को लेकर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि फ्लैटेड फैक्ट्री परियोजना स्थानीय उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को एक बेहतर औद्योगिक प्लेटफॉर्म मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि टीटीजेड क्षेत्र में उद्योग स्थापित करते समय पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से व्हाइट कैटेगरी उद्योगों पर फोकस करने के निर्देश दिए। व्हाइट कैटेगरी में ऐसे उद्योग शामिल होते हैं जिनसे प्रदूषण का स्तर बेहद कम या नगण्य होता है। प्रशासन का मानना है कि ऐसे उद्योगों को बढ़ावा देकर विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। उन्होंने अधिकारियों से निवेशकों और उद्यमियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही ताकि औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
इसके बाद जिलाधिकारी ने फाउंड्रीनगर स्थित एक पार्क का निरीक्षण किया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान पार्क को वृक्षारोपण अभियान के लिए चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में हरित वातावरण बनाए रखना बेहद जरूरी है। वृक्षारोपण से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वृक्षारोपण केवल औपचारिकता न बनकर एक स्थायी अभियान के रूप में चलाया जाए। पौधारोपण के बाद उनकी देखरेख और संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए ताकि लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बन सकें। प्रशासन का उद्देश्य औद्योगिक विकास के साथ-साथ हरित वातावरण को भी मजबूत करना है।
निरीक्षण के दौरान औद्योगिक आस्थान नुनिहाई में प्रस्तावित रेलवे ब्रिज को लेकर भी चर्चा हुई। वहां स्थापित औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्याएं रखीं। उद्योग संचालकों ने बताया कि रेलवे ब्रिज निर्माण के दौरान यातायात और आवागमन से संबंधित कई दिक्कतें सामने आ सकती हैं, जिससे औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को समाधान निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि औद्योगिक इकाइयों के संचालन में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा नहीं आने दी जाएगी और परियोजना के दौरान व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास किसी भी शहर की आर्थिक मजबूती का आधार होता है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता है कि उद्योगों से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए और निवेश के अनुकूल माहौल तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
फ्लैटेड फैक्ट्री परियोजना को लेकर प्रशासन का मानना है कि यह आने वाले समय में छोटे उद्योगों के लिए बड़ा केंद्र बन सकती है। यहां एक ही परिसर में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को आधुनिक ढांचे और सुविधाओं के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उद्यमियों को बेहतर कारोबारी माहौल मिलेगा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से नियमित मॉनिटरिंग करने और कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखने को कहा।
प्रशासन का मानना है कि उद्योग, पर्यावरण और आधारभूत सुविधाओं के बीच संतुलन बनाकर ही शहर को विकास की नई दिशा दी जा सकती है। इसी उद्देश्य के तहत नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, वृक्षारोपण अभियान और बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
