पोखर में गिरने से पांच साल के मासूम की मौत, मचा कोहराम
आगरा। सदर थाना क्षेत्र के मधुनगर स्थित नगला अफोय में पांच वर्षीय हृदयांश की पानी की टंकी के पास बनी पोखर में गिरने से मौत हो गई। शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे वह खेत में शौच के लिए गया था। करीब एक घंटे तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने तलाश शुरू की। पोखर के पास उसकी चप्पल मिलने पर ग्रामीणों ने पानी में खोजबीन की और बच्चे को बाहर निकाला। अस्पताल से एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर दादी गुड्डी देवी पोते का शव गोद में लेकर बिलखती रहीं। परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया, लेकिन पुलिस के समझाने के बाद इसके लिए राजी हो गया।
मधुनगर के नगला अफोय निवासी कृष्णा अपनी पत्नी मीना और बेटे हृदयांश के साथ रहते हैं। कृष्णा और मीना गुजरात में गारमेंट फैक्ट्री में काम करते हैं। परिजनों के अनुसार दोनों दो दिन पहले बच्चे को अपने भाई के पास छोड़कर गुजरात गए थे। शनिवार को हृदयांश सुबह घर से निकला था। उसके लौटने का इंतजार करते रहे, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला।
परिवार के लोगों ने आसपास तलाश की। जब काफी खोजबीन के बाद भी वह नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ग्रामीणों के साथ बच्चे की तलाश में जुटी। इसी दौरान गांव की पोखर के पास हृदयांश की चप्पल दिखाई दी। इसके बाद ग्रामीणों ने पानी में उतरकर तलाश की और उसे बाहर निकाला। परिजन तत्काल अस्पताल पहुंचे। वहां से चिकित्सकों ने उसे एसएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया। मेडिकल कॉलेज में जांच के बाद डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
हृदयांश की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मेडिकल कॉलेज से शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। वहां दादी गुड्डी देवी पोते का शव गोद में लेकर दहाड़ मारकर रोती रहीं। वह बार-बार कहती रहीं, “बेटा उठ जा।” दादी के विलाप से पोस्टमार्टम हाउस का माहौल गमगीन हो गया। वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।
गुड्डी देवी ने रोते हुए बताया कि काफी मन्नतों और लंबे इलाज के बाद परिवार में एक बेटा हुआ था। वह बार-बार कह रही थीं कि परिवार का सहारा छिन गया और अब किसके सहारे जीवन गुजरेगा। पांच साल के बच्चे की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। उनका कहना था कि वे अपने बच्चे का पोस्टमार्टम नहीं करवाना चाहते। इसको लेकर काफी देर तक स्थिति बनी रही। पुलिस ने परिजनों को समझाया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के बारे में बताया। इसके बाद वे इसके लिए तैयार हुए।
परिजनों के मुताबिक हृदयांश परिवार का इकलौता बेटा था। माता-पिता रोजी-रोटी के लिए गुजरात में गारमेंट फैक्ट्री में काम करते हैं और दो दिन पहले ही उसे परिवार के पास छोड़कर गए थे। उनके बाहर रहने के दौरान हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। घटना के बाद नगला अफोय में भी शोक का माहौल रहा।

