आगरा। फतेहाबाद टाउन के हाई पोटेंशियल लॉस क्षेत्रों में सोमवार सुबह विद्युत विभाग की सघन चेकिंग में 11 उपभोक्ता मीटर बाईपास कर बिजली चोरी करते मिले। जांच के बाद सभी के खिलाफ विद्युत चोरी निरोधक थाना कमला नगर, आगरा में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देशन में चल रहे अभियान का उद्देश्य अवैध कटिया, मीटर से छेड़छाड़ और बाईपास के जरिए होने वाली बिजली चोरी रोकने के साथ लाइन लॉस कम करना है। अभियान के तहत आगे भी औचक निरीक्षण और बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
जिले में विद्युत चोरी रोकने और लाइन लॉस कम करने के लिए जिला प्रशासन तथा ऊर्जा विभाग की ओर से चलाया जा रहा विशेष सघन चेकिंग अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में सोमवार, 31 अगस्त को फतेहाबाद टाउन के हाई पोटेंशियल लॉस (एचपीएल) क्षेत्रों में प्रातःकालीन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विद्युत विभाग की टीमों ने अलग-अलग परिसरों में पहुंचकर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था और मीटरों की जांच की। निरीक्षण के दौरान 11 उपभोक्ता ऐसे मिले, जो मीटर को बाईपास कर विद्युत का उपयोग कर रहे थे। जांच में सामने आए इन मामलों को विद्युत चोरी की श्रेणी में लेते हुए संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जांच में विद्युत चोरी करते पाए गए उपभोक्ताओं में मुश्ताक खान पुत्र नूर मोहम्मद, सोनू पुत्र वासुदेव, भानू प्रताप सिंह पुत्र गुमान सिंह, जाविद अख्तर पुत्र सिराजुद्दीन, ईगम पुत्र वजीर खान, मुन्ना मोहम्मद पुत्र स्वर्गीय अली मोहम्मद, सोमवीर पुत्र हरी चंद, रामदास पुत्र नाहर सिंह, शिव शंकर पुत्र बधौरी, आरिफ पुत्र मोहम्मद खान और असीम पुत्र मोहम्मद खान शामिल हैं। विभागीय जांच में इन सभी के यहां मीटर को बाईपास कर विद्युत आपूर्ति का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई। संबंधित उपभोक्ताओं के विरुद्ध विद्युत चोरी निरोधक थाना, कमला नगर, आगरा में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
जिला प्रशासन की ओर से विद्युत चोरी के मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देशन में अवैध कटिया डालकर बिजली लेने, मीटर से छेड़छाड़ करने अथवा उसे बाईपास करके विद्युत का उपयोग करने वालों पर कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन और विद्युत निगम की संयुक्त प्रवर्तन टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों के माध्यम से जिले के उन क्षेत्रों और फीडरों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां विद्युत हानि अधिक है। तकनीकी टीमें ऐसे हाई लॉस क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की जांच करेंगी और चोरी मिलने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
अभियान का दायरा केवल मीटर बाईपास या अवैध कटिया के मामलों तक सीमित नहीं रखा गया है। विभाग की ओर से बिल जमा न करने वाले उपभोक्ताओं, बड़ी मात्रा में विभिन्न तरीकों से विद्युत चोरी करने वालों और बड़े बकायेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान यदि किसी उपभोक्ता के यहां अनधिकृत तरीके से विद्युत उपयोग पाया जाता है तो उसके कनेक्शन को काटने के साथ संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिजली चोरी के मामलों में विद्युत अधिनियम-2003 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने और नियमानुसार जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
अधिकारियों के अनुसार बिजली चोरी का सीधा असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ता है। अवैध कटिया, मीटर से छेड़छाड़ और बाईपास जैसे तरीकों से विद्युत का उपयोग किए जाने से संबंधित क्षेत्र में लाइन लॉस बढ़ता है। इसी वजह से अधिक हानि वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर चेकिंग के लिए चुना जा रहा है। फतेहाबाद टाउन में सोमवार को की गई कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा रही। सुबह के समय चलाए गए निरीक्षण में टीमों ने विभिन्न परिसरों की जांच की और मीटरों की स्थिति तथा विद्युत आपूर्ति के इस्तेमाल का परीक्षण किया। इसी दौरान 11 मामले सामने आए, जिनमें उपभोक्ता मीटर को बाईपास करके बिजली का उपयोग करते पाए गए।
विद्युत चोरी पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। विभाग के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास बिजली चोरी की सटीक जानकारी मिलती है तो वह इसकी सूचना संबंधित विभाग को दे सकता है। सूचना देने वाले नागरिक की पहचान गोपनीय रखने का प्रावधान है। साथ ही बिजली चोरी की सही सूचना देने वाले लोगों को प्रोत्साहन राशि या इनाम देने की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन का मानना है कि स्थानीय स्तर पर मिलने वाली विश्वसनीय सूचनाओं से ऐसे क्षेत्रों और कनेक्शनों की पहचान करने में मदद मिल सकती है, जहां बिजली का अनधिकृत इस्तेमाल किया जा रहा है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वैध कनेक्शन के बिना विद्युत का इस्तेमाल करना अथवा स्वीकृत व्यवस्था में किसी प्रकार का बदलाव करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं को अपने विद्युत कनेक्शन का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार करने की सलाह दी गई है। मीटर में किसी तरह की छेड़छाड़ कराने, बाईपास करने या अवैध तरीके से बिजली लेने के बजाय उपभोक्ताओं को विभागीय प्रक्रिया के माध्यम से अपनी समस्या का समाधान कराने को कहा गया है। विभाग की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि विद्युत चोरी से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के पीछे विद्युत चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर करना और लाइन लॉस को नियंत्रित करना भी प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए उच्च हानि वाले फीडरों और क्षेत्रों की पहचान कर वहां तकनीकी जांच बढ़ाई जा रही है। संयुक्त प्रवर्तन दलों के माध्यम से मौके पर जांच की जाएगी और चोरी की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्रशासन की ओर से बड़े बकायेदारों तथा विद्युत चोरी के अन्य मामलों को भी अभियान में शामिल किया गया है, ताकि राजस्व की वसूली के साथ विद्युत व्यवस्था में होने वाले अनधिकृत उपयोग को रोका जा सके।
फतेहाबाद में हुई कार्रवाई के दौरान उपखंड अधिकारी गौरव राजपूत, अवर अभियंता दीपक कुमार, अवर अभियंता रमेश बाबू सहित विद्युत विभाग की टीम मौजूद रही। टीम ने अभियान के दौरान अलग-अलग परिसरों में विद्युत आपूर्ति और मीटरों की जांच की। जांच के परिणामस्वरूप सामने आए 11 मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद संबंधित मामलों में विद्युत चोरी निरोधक थाना कमला नगर में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
जिला प्रशासन और विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे केवल वैध कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें और मीटर या कनेक्शन में किसी भी प्रकार की अनधिकृत छेड़छाड़ न करें। प्रशासन ने संकेत दिया है कि उच्च हानि वाले क्षेत्रों में चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। आने वाले दिनों में औचक निरीक्षण के जरिए बिजली चोरी के मामलों की जांच की जाएगी। अवैध कटिया, मीटर में छेड़छाड़ अथवा बाईपास के जरिए बिजली का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ विद्युत अधिनियम-2003 के तहत प्राथमिकी और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि विद्युत चोरी को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
