आगरा। चंबल क्षेत्र में मध्य प्रदेश की सीमा से होने वाले अवैध खनन और खनिज के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए निगरानी व्यवस्था और मजबूत की जाएगी। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बाह और पिनाहट क्षेत्र के सघन दौरे के दौरान वन, खनन और पुलिस विभाग के अधिकारियों को संयुक्त पेट्रोलिंग, नियमित जांच और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। महत्वपूर्ण स्थानों और जांच चौकियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ निरीक्षण का रिकॉर्ड रखने के लिए रजिस्टर भी अनिवार्य रूप से रखने को कहा। इस दौरान जिलाधिकारी ने अंबाह-पिनाहट पुल, केंजरा घाट और अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय के नवीन भवन का निरीक्षण किया। पुल का काम पूरा होने तक सीमावर्ती लोगों की परेशानी दूर करने के लिए वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था शुरू कराने तथा मुरैना जिला प्रशासन से समन्वय कर स्टीमर सेवा जल्द शुरू कराने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बुधवार को बाह और पिनाहट क्षेत्र का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति देखी और चंबल क्षेत्र में स्थानीय लोगों के आवागमन से जुड़ी समस्याओं के साथ-साथ मध्य प्रदेश की सीमा से होने वाले अवैध खनन परिवहन को रोकने के लिए की जा रही निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से मौके पर जानकारी लेने के बाद व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

सबसे पहले जिलाधिकारी तहसील बाह के पुरा बाघराज स्थित अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय के नवीन भवन पहुंचे। उन्होंने नए भवन का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की स्थिति देखी और कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के अधिकारियों से भवन को संबंधित विभाग को सौंपे जाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि भवन का निर्माण 871.92 लाख रुपये की लागत से दिसंबर 2020 में शुरू किया गया था और वर्तमान में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भवन में फिनिशिंग कार्य, वॉल पुट्टी, रंगाई-पुताई, बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से संबंधित कुछ कमियां देखीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन सभी कमियों को दूर कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि भवन की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। सभी शेष कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराकर एक माह के भीतर भवन को संबंधित विभाग को हैंडओवर किया जाए, जिससे इसका उपयोग शुरू कराया जा सके।
इसके बाद जिलाधिकारी चंबल नदी के केंजरा घाट पहुंचे। यहां उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने आवागमन, भूमि सीमांकन तथा अन्य स्थानीय समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। जिलाधिकारी ने उनकी बात सुनने के बाद उपजिलाधिकारी बाह को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
इसके बाद जिलाधिकारी पिनाहट स्थित चंबल डाल नहर परियोजना क्षेत्र पहुंचे और निर्माणाधीन अंबाह-पिनाहट पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने पुल के निर्माण कार्य की स्थिति देखी और संबंधित अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान चंबल क्षेत्र में अवैध खनन और खनिज के अवैध परिवहन को रोकने की व्यवस्था भी प्रमुख रूप से चर्चा में रही।
जिलाधिकारी ने खनन, वन और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि चंबल क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए निगरानी व्यवस्था लगातार प्रभावी रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश की सीमा में चंबल क्षेत्र में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में मध्य प्रदेश की सीमा से अवैध खनन या खनिज के अवैध परिवहन की किसी भी संभावना को रोकने के लिए विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।
उन्होंने वन विभाग, खनन विभाग और पुलिस विभाग को नियमित रूप से संयुक्त पेट्रोलिंग करने और संवेदनशील स्थानों पर लगातार जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। आने-जाने वाले रास्तों और महत्वपूर्ण स्थानों पर संयुक्त जांच चौकियों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने वन विभाग को महत्वपूर्ण स्थानों और जांच चौकियों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक जांच चौकी पर जरूरी रजिस्टर रखने के भी निर्देश दिए। इन रजिस्टरों में निरीक्षण के लिए आने वाले अधिकारियों का विवरण और उनके द्वारा किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल चौकियां स्थापित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित निगरानी और जांच भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर पेट्रोलिंग और निगरानी लगातार जारी रखी जाए।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने पोंटून यानी पीपा पुल बंद होने के कारण उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच आवागमन में आ रही परेशानी की जानकारी जिलाधिकारी को दी। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि अंबाह-पिनाहट पुल का निर्माण पूरा होने तक स्थानीय लोगों के लिए वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्टीमर और नाव संचालन के लिए लोक निर्माण विभाग तथा वन विभाग से आवश्यक अनुमति मिल चुकी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि अब मध्य प्रदेश के मुरैना जिला प्रशासन से समन्वय कर शेष प्रक्रिया पूरी की जाएगी और स्टीमर सेवा जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। इससे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और पीपा पुल बंद होने से उत्पन्न परेशानी को कम किया जा सकेगा।
दौरे के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संदीप वर्मा, डीएफओ राजेश कुमार, एसडीएम बाह विनोद कुमार, तहसीलदार संपूर्ण कुलश्रेष्ठ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
