आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद खंदारी परिसर में रविवार, 26 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, प्रवेश के लिए विशेष नियम लागू किए गए हैं और केवल निर्धारित गेट से ही एंट्री मिलेगी। कार्यक्रम के साथ विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और नवाचारों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित होगी। इसी बीच विश्वविद्यालय ने शनिवार को 88 कॉलेजों के 12,850 अंकपत्र भी वितरित किए।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद खंदारी परिसर स्थित शिवाजी मंडपम में रविवार, 26 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल, प्रदर्शनी क्षेत्र, पार्किंग, प्रवेश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को अंतिम रूप दे दिया है। शनिवार को पूरे दिन अधिकारियों की टीम परिसर में मौजूद रही और व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण करती रही। जहां भी किसी प्रकार की कमी दिखाई दी, उसे तत्काल दूर कराया गया ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री विश्वविद्यालय के शिक्षकों के लिए ‘मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना’ का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। यह योजना शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री का यह दौरा मुख्य रूप से इसी योजना के शुभारंभ के लिए प्रस्तावित है।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के निर्देशन में कार्यक्रम की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं। आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं का समन्वय कुलसचिव अजय मिश्रा और उप कुलसचिव कैलाश बिन्द की देखरेख में किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ शासन स्तर के अधिकारी भी लगातार तैयारियों की निगरानी करते रहे ताकि कार्यक्रम सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न हो सके।
शिवाजी मंडपम में होगा मुख्य कार्यक्रम
मुख्यमंत्री का मुख्य कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद खंदारी परिसर स्थित शिवाजी मंडपम में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम स्थल को विशेष रूप से सजाया गया है और सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का परीक्षण भी पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों ने मंच, बैठक व्यवस्था, अतिथि कक्ष, मीडिया क्षेत्र तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर अंतिम रूप दिया।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षकों को मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना की जानकारी भी दी जाएगी और इसके क्रियान्वयन से जुड़ी व्यवस्थाओं को औपचारिक रूप से लागू किया जाएगा।

विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान स्वामी विवेकानंद खंदारी परिसर में एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इस प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग अपने शोध कार्यों, नवाचारों, शैक्षणिक उपलब्धियों और विशेष परियोजनाओं का प्रदर्शन करेंगे।
इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य विश्वविद्यालय भी अपने-अपने स्टॉल लगाएंगे। इन स्टॉलों में विद्यार्थियों के शोध, तकनीकी नवाचार, शैक्षणिक उपलब्धियों तथा विभिन्न अकादमिक गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में हो रहे नवाचारों और शोध कार्यों को एक मंच पर प्रस्तुत करना है।
सुबह 10:30 बजे प्रस्तावित है मुख्यमंत्री का आगमन
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री का कार्यक्रम स्थल पर सुबह लगभग 10:30 बजे पहुंचने का प्रस्तावित समय है। इसे देखते हुए सभी आमंत्रित अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और प्रवेश-पत्रधारकों को सुबह 9:00 बजे तक परिसर में प्रवेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के बाद सुरक्षा कारणों से प्रवेश पूरी तरह नियंत्रित रहेगा। इसलिए सभी आमंत्रित व्यक्तियों से समय से पहले पहुंचने की अपील की गई है।
परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए शनिवार शाम से ही विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पुलिस और प्रशासन के नियंत्रण में ले ली गई। कार्यक्रम स्थल के अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों पर निगरानी रखी जाएगी।
केवल गेट नंबर 07 से मिलेगा प्रवेश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वामी विवेकानंद खंदारी परिसर में शिक्षकों, कर्मचारियों तथा अन्य आमंत्रित अतिथियों का प्रवेश केवल मुख्य द्वार संख्या 07 से ही होगा। इसके अलावा अन्य सभी गेट बंद रहेंगे।
पार्किंग की व्यवस्था भी गेट संख्या 07 के पास ही की गई है ताकि वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित बनी रहे और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री का प्रवेश अलग मार्ग से
मुख्यमंत्री के काफिले का प्रवेश गेट संख्या 02 से प्रस्तावित किया गया है। सुरक्षा कारणों से इस मार्ग को पूरी तरह नियंत्रित रखा जाएगा और आम लोगों या अन्य वाहनों को इस मार्ग पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
बिना पहचान पत्र नहीं मिलेगा प्रवेश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि बिना वैध पहचान पत्र, अनुमति पत्र अथवा गेट पास के किसी भी व्यक्ति को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
सभी आमंत्रित व्यक्तियों को अपने पहचान दस्तावेज साथ रखने होंगे। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही परिसर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
बाहरी व्यक्तियों के लिए अलग व्यवस्था
यदि किसी शिक्षक, अधिकारी या कर्मचारी से मिलने कोई बाहरी व्यक्ति विश्वविद्यालय परिसर या विश्वविद्यालय के अन्य परिसरों में आता है तो उसे अपना आधार कार्ड दिखाना होगा।
इसके साथ उसका पूरा विवरण प्रवेश रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। संबंधित शिक्षक, अधिकारी या कर्मचारी से दूरभाष पर पुष्टि होने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। यह व्यवस्था सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी विशेष नजर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा कर्मियों को सभी परिसरों में नियमित गश्त करने और लगातार निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
यदि कोई बाहरी व्यक्ति छात्र के रूप में संदिग्ध परिस्थितियों में पाया जाता है तो इसकी तत्काल सूचना प्रॉक्टोरियल बोर्ड को दी जाएगी ताकि आवश्यक कार्रवाई तुरंत की जा सके।
सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी आमंत्रित अतिथियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से निर्धारित समय से पहले कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने तथा जारी किए गए सभी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सभी के सहयोग से कार्यक्रम को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जाएगा।
88 कॉलेजों के 12,850 अंकपत्र वितरित
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों के बीच विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक कार्यों को भी जारी रखा। शनिवार को विश्वविद्यालय की ओर से 88 कॉलेजों के कुल 12,850 अंकपत्र वितरित किए गए।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार समयबद्ध तरीके से अंकपत्र वितरण का उद्देश्य विद्यार्थियों को आगे की प्रवेश प्रक्रिया, प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की असुविधा न होने देना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रमों और प्रशासनिक गतिविधियों के साथ-साथ शैक्षणिक कार्यों को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री के दौरे, शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ, विश्वविद्यालय की शोध एवं नवाचार प्रदर्शनी, सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था तथा नियमित शैक्षणिक कार्यों के समानांतर संचालन के साथ रविवार का दिन डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और कार्यक्रम को सुचारु, सुरक्षित तथा व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रत्येक स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं।
