आगरा। अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा के अंतर्गत माथुर वैश्य मंडलीय परिषद, आगरा द्वारा आयोजित राष्ट्रीय रक्तदान समारोह में रक्तदाताओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में रक्तदान के साथ नेत्रदान और अंगदान को मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इन महादानों के लिए आगे आने की अपील की गई। इस दौरान महासभा के प्रस्तावित मैरिज होम के मॉडल का भी अवलोकन किया गया और इसे समाज के लिए उपयोगी परियोजना बताया गया।

अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा के अंतर्गत माथुर वैश्य मंडलीय परिषद, आगरा की ओर से राष्ट्रीय रक्तदान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में रक्तदाताओं, समाज के पदाधिकारियों और गणमान्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने रक्तदाताओं का पुष्पमाला पहनाकर सम्मान किया और उनके मानवीय योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल एक व्यक्ति का जीवन बचाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में सेवा, संवेदनशीलता और परोपकार की भावना को मजबूत करने का सबसे प्रभावी अभियान है। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद को समय पर मिला रक्त उसके लिए नया जीवन बन सकता है। इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से स्वेच्छा से रक्तदान करना चाहिए।

उन्होंने रक्तदान के साथ-साथ नेत्रदान और अंगदान के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उनका कहना था कि रक्तदान किसी अनजान व्यक्ति को जीवन देता है, जबकि नेत्रदान किसी की अंधेरी दुनिया में रोशनी ला सकता है और अंगदान कई गंभीर मरीजों को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने समाज के लोगों से इन महादानों के प्रति जागरूक होने और अधिक से अधिक संख्या में आगे आने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि मानव सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। जो व्यक्ति रक्त, नेत्र या अंगदान करता है, वह अपने जीवन के माध्यम से कई परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने का कार्य करता है। ऐसे अभियान समाज में सहयोग, करुणा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे रक्तदान जैसे सामाजिक अभियानों से जुड़कर दूसरों के जीवन को बचाने में अपनी भूमिका निभाएं।
समारोह के दौरान अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा की ओर से प्रस्तावित नए मैरिज होम (विवाह भवन) की निर्माण योजना और भवन के मॉडल का भी अवलोकन किया गया। समाज के पदाधिकारियों ने इस परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि भवन का निर्माण सामाजिक और पारिवारिक गतिविधियों को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

बताया गया कि प्रस्तावित मैरिज होम भविष्य में समाज के लोगों के लिए विवाह, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक बैठकें और अन्य आयोजनों का प्रमुख केंद्र बनेगा। इससे समाज के लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी और सामुदायिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम में मौजूद समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना लंबे समय से समाज की आवश्यकता रही है और इसके निर्माण से बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के हित में महत्वपूर्ण कदम बताया।

राष्ट्रीय रक्तदान समारोह के दौरान समाज के रक्तदाताओं का सम्मान किया गया और उनके योगदान को प्रेरणादायी बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे लोग समाज के लिए उदाहरण हैं, जिनकी प्रेरणा से अधिक से अधिक लोग रक्तदान के लिए आगे आएंगे।
कार्यक्रम में विमल गुप्ता, सत्यप्रकाश गुप्ता, मुकेश कुमार गुप्ता, मनोज कुमार गुप्ता, संजय गुप्ता, दिनेश गुप्ता, हरेंद्र कुमार गुप्ता सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में आयोजकों ने राष्ट्रीय रक्तदान अभियान को सफल बनाने वाले सभी रक्तदाताओं, पदाधिकारियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही विश्वास जताया गया कि रक्तदान, नेत्रदान और अंगदान जैसे महादानों के प्रति समाज में लगातार जागरूकता बढ़ेगी और अधिक लोग मानव सेवा के इस अभियान से जुड़कर जरूरतमंदों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आएंगे।
