आगरा। नगर निगम आगरा में नेस्ले इंडिया और नासवी के संयुक्त तत्वावधान में ‘सर्व सेफ फूड प्रोजेक्ट’ के तहत फूड वेंडर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में फूड वेंडरों को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण भोजन के मानकों की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने कहा कि नियमित प्रशिक्षण से न केवल व्यवसाय को नई पहचान मिलती है, बल्कि ग्राहकों का भरोसा भी मजबूत होता है और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

नगर निगम के सदन कक्ष में नेस्ले इंडिया और नासवी द्वारा ‘सर्व सेफ फूड प्रोजेक्ट’ के तहत फूड वेंडर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर के फूड वेंडरों को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण भोजन से जुड़े मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को सुरक्षित भोजन तैयार करने और ग्राहकों तक स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए जागरूक करना रहा।

मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते समय में केवल स्वादिष्ट भोजन परोसना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है। नियमित प्रशिक्षण से फूड वेंडरों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों, स्वच्छता मानकों और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री के उपयोग की बेहतर जानकारी मिलती है, जिससे उनके व्यवसाय को नई दिशा और नई पहचान मिलती है।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित फूड वेंडर ग्राहकों का विश्वास आसानी से जीतते हैं। स्वच्छता और गुणवत्ता का ध्यान रखने वाले प्रतिष्ठानों पर लोगों का भरोसा बढ़ता है, जिससे कारोबार में भी सकारात्मक वृद्धि होती है। सुरक्षित भोजन केवल ग्राहक की संतुष्टि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य की सुरक्षा से भी सीधे जुड़ा हुआ विषय है।

कार्यक्रम में बताया गया कि फूड वेंडरों की भूमिका केवल भोजन बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रतिदिन हजारों लोगों के स्वास्थ्य से भी जुड़े होते हैं। यदि खाद्य पदार्थ स्वच्छता के मानकों के अनुरूप तैयार और परोसे जाएं तो खाद्य जनित बीमारियों की आशंका काफी हद तक कम की जा सकती है। इसी उद्देश्य से इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान फूड वेंडरों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण, भोजन तैयार करने के वैज्ञानिक तरीकों, व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ पानी के उपयोग और ग्राहकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। उन्हें यह भी बताया गया कि छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर वे अपने व्यवसाय की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बेहतर बना सकते हैं।

वक्ताओं ने कहा कि प्रशिक्षण केवल जानकारी देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह फूड वेंडरों के कौशल विकास और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है। आधुनिक खाद्य सुरक्षा मानकों को अपनाने से उनके व्यवसाय का दायरा बढ़ सकता है और ग्राहकों के बीच उनकी अलग पहचान बन सकती है।
कार्यक्रम में नेस्ले इंडिया की ओर से वसीम अहमद और हरप्रताप सिंह ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। नासवी की ओर से संगीता सिंह ने स्ट्रीट फूड वेंडरों के सशक्तिकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) आगरा के अधिकारी ओंकार कुशवाहा ने भी खाद्य सुरक्षा कानूनों और निर्धारित मानकों के पालन के संबंध में आवश्यक जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान कहा गया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रशिक्षित फूड वेंडर न केवल अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं, बल्कि शहर में सुरक्षित खाद्य संस्कृति विकसित करने में भी अहम योगदान दे सकते हैं।
आयोजकों ने बताया कि ‘सर्व सेफ फूड प्रोजेक्ट’ का उद्देश्य फूड वेंडरों को आधुनिक खाद्य सुरक्षा मानकों से जोड़ना और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, ताकि उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिल सके।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा गया कि इस प्रकार की पहलें सुरक्षित भोजन, बेहतर जनस्वास्थ्य और स्वच्छ भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। नेस्ले इंडिया, नासवी और कार्यक्रम से जुड़े सभी सहयोगियों को इस सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
