आगरा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने पूरे शहर में योग जागरूकता का माहौल तैयार कर दिया है। एक सप्ताह तक चले योग शिविर में सैकड़ों विद्यार्थियों और योग साधकों ने भाग लेकर स्वास्थ्य और अनुशासित जीवन का संदेश दिया। अब 21 जून को पालीवाल पार्क में आयोजित होने वाले भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम में विश्वविद्यालय, नगर निगम और आम नागरिक एक साथ योग कर स्वस्थ समाज के संकल्प को मजबूत करेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का जनआंदोलन बनता जा रहा है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने इस वर्ष योग दिवस को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया है। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित सप्तदिवसीय योग शिविर ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों के बीच योग के प्रति नई जागरूकता पैदा की है। अब 21 जून को पालीवाल पार्क में आयोजित होने वाला भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम इस अभियान का मुख्य आकर्षण होगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।

विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के संरक्षण में 15 जून से 21 जून तक शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग द्वारा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस छलेसर परिसर में योग शिविर का आयोजन किया गया। सात दिनों तक चले इस शिविर में 500 से अधिक विद्यार्थियों के साथ आसपास के क्षेत्रों से आए योग साधकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर का उद्देश्य केवल योगाभ्यास कराना नहीं था, बल्कि युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच के महत्व से परिचित कराना भी था।

योग शिविर के दौरान प्रतिदिन विभिन्न योग क्रियाओं, आसनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। योगाचार्य डॉ. श्याम सुंदर ने प्रतिभागियों को योग की वैज्ञानिक उपयोगिता और उसके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मानसिक तनाव को कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभर रहा है।
शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग के विभागाध्यक्ष एवं निदेशक प्रो. अखिलेश चन्द्र सक्सेना ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। यह केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि योग को किसी विशेष अवसर तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। उनका कहना था कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि उसके भीतर सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का भी विकास होता है।

शिविर के सफल संचालन में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। कृषि एवं फार्मेसी विभाग सहित अनेक शिक्षकों और कर्मचारियों ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दिया। इससे यह संदेश भी गया कि योग केवल किसी एक विभाग या समूह तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग को जोड़ने वाला माध्यम है।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि युवाओं में बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों और मानसिक दबावों के बीच योग की प्रासंगिकता पहले से अधिक बढ़ गई है। इसी कारण योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों को केवल औपचारिकता न बनाकर जनजागरूकता अभियान का स्वरूप दिया गया है। शिविर में शामिल विद्यार्थियों ने भी योग को नियमित रूप से अपनाने का संकल्प लिया।
इसी क्रम में 21 जून को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पालीवाल पार्क में प्रातः 5:30 बजे भव्य सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष योग दिवस की थीम “योगा फॉर हेल्दी एजिंग” रखी गई है, जिसका उद्देश्य हर आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ और सक्रिय जीवन के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में नगर निगम के सहयोग से व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसमें भाग ले सकें।
कार्यक्रम के लिए प्रो. बृजेश रावत को मुख्य समन्वयक नामित किया गया है। कुलसचिव अजय कुमार मिश्रा के निर्देशन में आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रयास है कि यह कार्यक्रम केवल संस्थागत आयोजन न होकर जनभागीदारी का उदाहरण बने, जहां विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी, सामाजिक संगठन और आम नागरिक एक साथ योग कर स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करें।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय और राष्ट्रीय सेवा योजना के निर्देशों के अनुरूप आयोजित यह कार्यक्रम योग को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में लोग नियमित योग को अपनाते हैं तो अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचाव संभव है।
योग दिवस के इस आयोजन को लेकर विद्यार्थियों और नागरिकों में उत्साह दिखाई दे रहा है। विश्वविद्यालय ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। पालीवाल पार्क में होने वाला यह सामूहिक योग कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य का संदेश देगा, बल्कि समाज को एकजुट होकर स्वस्थ भारत के संकल्प की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगा।

