आगरा। तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस आम लोगों के लिए अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का प्रभावी मंच बना। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बिजली, राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अतिक्रमण और नाली निर्माण जैसी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। कुल 178 शिकायतों में से 22 का मौके पर ही समाधान कर लोगों को तत्काल राहत प्रदान की गई।

जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने के उद्देश्य से तहसील सदर में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान लोगों ने भूमि विवाद, बिजली, राशन, पेंशन, अतिक्रमण, चकरोड निर्माण, नाली निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामलों को प्रशासन के सामने रखा।
जिलाधिकारी ने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक मामले का समाधान तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रखा जाए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

संपूर्ण समाधान दिवस में सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवादों से संबंधित प्राप्त हुईं। इन मामलों को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप जिलाधिकारी सदर को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए और दोनों पक्षों की बात सुनकर निष्पक्ष निर्णय सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना था कि भूमि विवादों के कारण अक्सर सामाजिक तनाव और कानून व्यवस्था की समस्याएं उत्पन्न होती हैं, इसलिए ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क स्थापित किया जाए और निस्तारण प्रक्रिया की जानकारी उन्हें दी जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत का समाधान होने के बाद संबंधित व्यक्ति को इसकी सूचना अवश्य दी जाए, ताकि उसे यह पता चल सके कि उसकी समस्या पर क्या कार्रवाई हुई है। साथ ही निस्तारण की पूरी प्रक्रिया और घटनाक्रम को विस्तार से दर्ज करते हुए पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और भविष्य में समीक्षा के दौरान सभी तथ्य उपलब्ध रहें।

तहसील दिवस के दौरान कुल 178 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 22 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जिससे संबंधित लोगों को तत्काल राहत मिली। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है।
प्राप्त शिकायतों में विभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक 76 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित रहीं। इसके अलावा पुलिस विभाग की 32 शिकायतें दर्ज हुईं। आगरा विकास प्राधिकरण और विकासखंड से संबंधित 12-12 शिकायतें प्राप्त हुईं। नगर निगम और शिक्षा विभाग से 8-8 शिकायतें सामने आईं। विद्युत एवं टोरेंट पावर से जुड़ी 6 शिकायतें दर्ज की गईं, जबकि लोक निर्माण विभाग, जलकल एवं जल निगम तथा राशन कार्ड से संबंधित 4-4 शिकायतें प्राप्त हुईं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से जुड़ी 2 शिकायतें और अन्य विभागों से संबंधित 10 शिकायतें भी समाधान दिवस में दर्ज की गईं।
जनसुनवाई के दौरान कई लोगों ने अवैध अतिक्रमण, सार्वजनिक मार्गों पर कब्जे, नालियों की सफाई, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति में बाधा, पेंशन भुगतान में देरी और राशन कार्ड संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता के दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाली समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा की जाए और प्रत्येक शिकायत की प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि एक ही शिकायत बार-बार विभिन्न मंचों पर न पहुंचे। यदि किसी मामले में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक हो तो अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करें और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस शासन की महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। इससे लोगों को अपनी समस्याएं उच्च अधिकारियों तक सीधे पहुंचाने का अवसर मिलता है और विभागों की जवाबदेही भी तय होती है। ऐसे आयोजनों से आम नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होता है और समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया में पारदर्शिता आती है।
कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी सदर सचिन राजपूत, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अरुण कुमार श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर ही कई मामलों की जानकारी लेकर कार्रवाई शुरू कर दी और शिकायतकर्ताओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई।
तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस एक बार फिर जनता और प्रशासन के बीच संवाद का प्रभावी मंच साबित हुआ। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं, वहीं प्रशासन ने भी समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का भरोसा दिलाया। अब लोगों की नजर उन शिकायतों पर है, जिनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यदि निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई होती है तो बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिल सकेगी और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जनता का भरोसा और मजबूत होगा।
