आगरा। विश्व साइकिल दिवस पर आयोजित यह रैली केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि स्वच्छ, स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली की ओर बढ़ता सामूहिक कदम साबित हुई। शहर के लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि यदि समाज मिलकर छोटे-छोटे बदलाव अपनाए तो पर्यावरण संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य जैसे बड़े लक्ष्य आसानी से हासिल किए जा सकते हैं। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में यह अभियान और व्यापक रूप लेगा तथा अधिक लोगों को साइकिल अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।

विश्व साइकिल दिवस पर आगरा में एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम से निकली 5 किलोमीटर लंबी साइकिल रैली में 300 से अधिक लोगों ने भाग लेकर फिटनेस, प्रदूषण नियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। शहर के अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और युवाओं की भागीदारी ने इस आयोजन को जनजागरूकता अभियान का रूप दे दिया। रैली के दौरान ट्रैफिक नियमों और साइकिल सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया।

विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर शनिवार सुबह आगरा में फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक जागरूकता का अनूठा दृश्य देखने को मिला। क्षेत्रीय खेल कार्यालय, आगरा के तत्वावधान में एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम से आयोजित 5 किलोमीटर लंबी साइकिल रैली में शहरभर से बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह छह बजे शुरू हुई इस रैली में लगभग 300 से अधिक साइकिल प्रेमी, छात्र, खिलाड़ी, प्रशिक्षक और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। पूरे मार्ग पर प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बन रहा था।

रैली की शुरुआत एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम से हुई, जहां सहायक प्रशिक्षक राजेश यादव और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हरदीप सिंह ने हरी झंडी दिखाकर प्रतिभागियों को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती निष्क्रियता और प्रदूषण के बीच साइकिल सबसे सरल, सस्ता और प्रभावी विकल्प बनकर सामने आई है। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा साइकिल चलाने की अपील की, ताकि स्वास्थ्य बेहतर रहने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दिया जा सके।
रैली का मार्ग शहर के प्रमुख हिस्सों से होकर गुजरा। प्रतिभागी एकलव्य स्टेडियम से कंपनी बाग पहुंचे और वहां से फूल सैयद चौराहे होते हुए माल रोड की ओर बढ़े। इसके बाद मुख्य डाकघर से दाएं मुड़कर सदर बाजार और सौदागर लाइन मार्ग से होते हुए रैली पुनः स्टेडियम के मुख्य द्वार पर समाप्त हुई। पूरे रास्ते पुलिसकर्मियों ने यातायात व्यवस्था संभाली और प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।
रैली में शामिल युवाओं और खिलाड़ियों ने इसे केवल एक खेल गतिविधि नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता अभियान बताया। प्रतिभागियों का कहना था कि साइकिल चलाने की आदत लोगों को शारीरिक रूप से सक्रिय बनाती है और मोटापा, तनाव तथा कई जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाने में मदद करती है। साथ ही यह पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम कर पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में शामिल कई अभिभावकों ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों और युवाओं को मोबाइल और स्क्रीन से दूर निकालकर खेल एवं फिटनेस की ओर प्रेरित करते हैं। सुबह के समय शहर की सड़कों पर निकली यह रैली लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। रास्ते में कई स्थानों पर नागरिकों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और इस पहल की सराहना की।
आयोजकों ने रैली के दौरान ट्रैफिक नियमों के पालन और साइकिल सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती। प्रतिभागियों को अनुशासित ढंग से चलने, निर्धारित लेन का उपयोग करने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। इससे आयोजन व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर क्रीड़ा भारती के मोहित वर्मा और राजेश कुशवाहा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि साइकिल केवल परिवहन का साधन नहीं बल्कि स्वस्थ और जिम्मेदार समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए नियमित रूप से साइकिल का उपयोग करें तो शहर में ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण दोनों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
क्षेत्रीय खेल कार्यालय ने भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता अभियानों को नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही। साथ ही सामुदायिक साइकिलिंग क्लब स्थापित करने की योजना का भी संकेत दिया गया, ताकि शहर में साइकिल संस्कृति को बढ़ावा मिल सके और अधिक से अधिक लोग फिटनेस गतिविधियों से जुड़ें।
