आगरा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रमुख सचिव अजय चौहान बुधवार को आगरा दौरे पर पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने जिले में चल रही महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं और सड़क मरम्मत कार्यों का औचक निरीक्षण कर गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही तय की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित की परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित किया जाए।

प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी मनीष बंसल के साथ सबसे पहले शिल्पग्राम स्थित निर्माणाधीन यूनिटी मॉल और छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य में तेजी लाई जाए तथा गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि दोनों परियोजनाएं जनहित और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, इसलिए निर्धारित समय-सीमा में इन्हें पूरा करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
निरीक्षण के बाद प्रमुख सचिव ने सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की भी मौके पर जांच कराई। उनके निर्देश पर एके. द्विवेदी, एचओडी, पीडब्ल्यूडी लखनऊ के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के अंतर्गत निर्माणाधीन फोरलेन सड़क परियोजना का निरीक्षण किया। टीम ने निर्माण में उपयोग की गई ग्रेन्युलर सब-बेस (GSB) सामग्री के नमूने एकत्र किए, जिन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाएगा।
इसके बाद प्रमुख सचिव ने तारघर से मधुनगर (पुराना ग्वालियर रोड) तक कराए गए विशेष मरम्मत कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क की गुणवत्ता को परखने के लिए मशीन के माध्यम से सड़क की परत का कोर कटिंग सैंपल निकलवाया। यह प्रक्रिया सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों में निर्धारित मानकों की पुष्टि करने के लिए अपनाई जाती है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि यदि जांच में किसी प्रकार की कमी या मानक के विपरीत कार्य पाया जाता है तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश सरकार निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि केवल समय पर कार्य पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप और टिकाऊ होना भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से नियमित मॉनिटरिंग करने और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने यह भी कहा कि सड़क निर्माण, भवन निर्माण और अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं में गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी परियोजना में लापरवाही, अनियमितता या घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग पाया गया तो संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एचओडी पीडब्ल्यूडी एके. द्विवेदी, मुख्य अभियंता एन.के. यादव, अधीक्षण अभियंता सीपी. सिंह तथा अधिशासी अभियंता राघवेंद्र वर्मा सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रमुख सचिव के औचक निरीक्षण और मौके पर गुणवत्ता जांच से विभागीय अधिकारियों में पूरे दिन हलचल बनी रही। माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार अब निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर और अधिक सख्त रुख अपनाने जा रही है।

