फतेहाबाद। फतेहाबाद के पिन्नापुरा गांव में आयोजित जनचौपाल के दौरान सड़क दुर्घटना के बाद हुए पथराव प्रकरण में गिरफ्तार लोगों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। क्षेत्रीय विधायक छोटेलाल वर्मा ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि यदि जांच में कोई व्यक्ति निर्दोष पाया जाता है तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत राहत दिलाई जाएगी। वहीं सहायक पुलिस आयुक्त इमरान अहमद ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल उन्हीं लोगों के खिलाफ होगी, जिनकी संलिप्तता वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों में प्रमाणित होगी।
पिन्नापुरा गांव में आयोजित जनचौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। चौपाल के दौरान 15 जून को सड़क दुर्घटना के बाद हुए घटनाक्रम और उसके बाद दर्ज मुकदमों व गिरफ्तारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों ने विधायक के सामने कई लोगों के निर्दोष होने का दावा करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
क्षेत्रीय विधायक छोटेलाल वर्मा ने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें गिरफ्तार किए गए कुछ लोग घटना के समय घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे। उन्होंने बताया कि कुछ लोग बाजार में खरीदारी कर रहे थे, जबकि कुछ लोग अपने काम से दूसरे स्थानों पर थे। ऐसे मामलों में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कराई जा रही है।
विधायक ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले को वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाया है और स्पष्ट कहा है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि यदि जांच में कोई व्यक्ति घटना से असंबंधित पाया जाता है तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत राहत दिलाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और प्रशासन की जांच प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखने की भी अपील की।
जनचौपाल में मौजूद सहायक पुलिस आयुक्त इमरान अहमद ने कहा कि पुलिस किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बिना साक्ष्य कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों की पहचान वीडियो फुटेज, फोटोग्राफ और अन्य उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। जिन लोगों की संलिप्तता पथराव या हिंसक गतिविधियों में सामने आएगी, उन्हीं के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति घटनास्थल पर मौजूद था लेकिन किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं था, तो उसके खिलाफ कार्रवाई का कोई आधार नहीं बनता। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी के पास घटना से जुड़े महत्वपूर्ण वीडियो, फोटो या अन्य साक्ष्य हैं तो उन्हें पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।
सहायक पुलिस आयुक्त ने यह भी कहा कि पुलिस कार्रवाई के डर से अपने घरों या व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से दूर गए लोगों को अनावश्यक रूप से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। यदि वे किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं हैं तो जांच में सहयोग करें और सामान्य जीवनचर्या जारी रखें। पुलिस पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ जांच आगे बढ़ा रही है।
गौरतलब है कि फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग पर सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया था। इसके बाद विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस टीम पर पथराव हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
जनचौपाल में ग्रामीणों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई और कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो, लेकिन किसी भी निर्दोष व्यक्ति को सजा नहीं मिलनी चाहिए। कार्यक्रम में राहुल सिसोदिया, देवेंद्र वर्मा एडवोकेट, अनिल गुर्जर, अशोक कुमार वर्मा, लाखन सिंह वर्मा, भगवती प्रसाद वर्मा, योगेश चौहान, रामबाबू वर्मा, संदीप गुप्ता, विनोद चौहान, राजेश वर्मा, बंटी कुशवाह, महेंद्र वर्मा, राजू वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

