फतेहाबाद। थाना डौकी क्षेत्र के पैंतीखेड़ा गांव में गुरुवार सुबह करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि अलग घटना में एक किशोर झुलस गया। मृतक काम पर जाने की तैयारी कर रहा था, तभी पंखा बंद करते समय हादसा हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का आरोप है कि विद्युत लाइन में हाई वोल्टेज आने के कारण हादसा हुआ।

थाना डौकी क्षेत्र के पैंतीखेड़ा गांव में गुरुवार सुबह करंट लगने से हुए हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। पंखा बंद करते समय करंट की चपेट में आने से 55 वर्षीय रतन सिंह की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। वहीं गांव में हुई एक अन्य घटना में पंखे से करंट लगने के कारण 14 वर्षीय किशोर मनीष झुलस गया। दोनों घटनाओं के बाद गांव में दहशत और चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार पैंतीखेड़ा निवासी रतन सिंह, पुत्र दाताराम, आगरा में पल्लेदारी का काम करते थे। रोज की तरह गुरुवार सुबह वह नहाकर काम पर जाने की तैयारी कर रहे थे। सुबह करीब पांच बजे उन्होंने घर में चल रहा पंखा बंद करने का प्रयास किया। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।
हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की सूचना के बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव में भी घटना की खबर फैलते ही लोग मृतक के घर पहुंचने लगे।
परिजनों का कहना है कि क्षेत्र की विद्युत लाइन में हाई वोल्टेज आने के कारण यह हादसा हुआ। उनका आरोप है कि 11 हजार वोल्ट की लाइन से संबंधित तकनीकी गड़बड़ी की वजह से घर के विद्युत उपकरणों में अधिक करंट प्रवाहित हुआ, जिससे रतन सिंह इसकी चपेट में आ गए। हालांकि इस संबंध में विद्युत विभाग की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
घटना की सूचना मिलने पर थाना डौकी पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।
इसी गांव में करंट से जुड़ी एक अन्य घटना भी सामने आई। जानकारी के अनुसार 14 वर्षीय मनीष, पुत्र प्रेम सिंह, घर में लगे पंखे के संपर्क में आने से करंट की चपेट में आ गया। करंट का तेज झटका लगते ही पंखा नीचे गिर पड़ा, जिससे उसके हाथ में चोट आई और वह झुलस गया। परिजनों ने तत्काल उसका उपचार कराया। उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
लगातार सामने आई इन घटनाओं के बाद गांव में लोगों के बीच भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में विद्युत व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव आवश्यक है, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। लोगों ने विद्युत व्यवस्था की जांच कराने और संभावित तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने रतन सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर हादसे के कारणों की पुष्टि की जाएगी। वहीं मनीष का उपचार जारी है और परिजन उसके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं। गांव में हुई इन दोनों घटनाओं ने लोगों को बिजली के उपकरणों के उपयोग के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता का एहसास कराया है।

