आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में पीएचडी में प्रवेश का सपना देख रहे हजारों अभ्यर्थियों के लिए शुक्रवार अहम दिन साबित होगा। विश्वविद्यालय की 1,540 सीटों पर प्रवेश के लिए 3,800 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 10 केंद्रों पर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की पीएचडी प्रवेश परीक्षा शुक्रवार को आयोजित की जाएगी। शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की इच्छा रखने वाले हजारों अभ्यर्थियों के लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विश्वविद्यालय की करीब 1,540 पीएचडी सीटों पर प्रवेश के लिए लगभग 3,800 अभ्यर्थी 54 विभिन्न विषयों में अपनी दावेदारी पेश करेंगे। परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगी और इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
परीक्षा से एक दिन पहले आयोजित पत्रकार वार्ता में कुलपति प्रो. आशु रानी और डीन रिसर्च प्रो. बी.पी. सिंह ने परीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं और नियमों की जानकारी दी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
इस वर्ष पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। शोध और उच्च शिक्षा के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उपलब्ध सीटों की तुलना में अभ्यर्थियों की संख्या दोगुने से अधिक है। ऐसे में प्रवेश परीक्षा में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी रहने की संभावना है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह परीक्षा योग्य और प्रतिभाशाली शोधार्थियों के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
परीक्षा ओएमआर आधारित होगी और इसमें कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्नपत्र को दो भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में रिसर्च मेथडोलॉजी और जनरल एप्टीट्यूड से संबंधित 30 प्रश्न होंगे, जबकि दूसरे भाग में संबंधित विषय से जुड़े 70 प्रश्न शामिल किए जाएंगे। परीक्षा में किसी प्रकार की नेगेटिव मार्किंग नहीं रखी गई है, जिससे अभ्यर्थियों को सभी प्रश्नों का उत्तर देने का अवसर मिलेगा।
अभ्यर्थियों की सुविधा और परीक्षा के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय के चार परिसरों में कुल 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। खंदारी परिसर में इंस्टीट्यूट ऑफ बेसिक साइंस, आईईटी, सेठ पदमचंद जैन संस्थान, इंस्टीट्यूट ऑफ होम साइंस, दाऊदयाल इंस्टीट्यूट तथा स्कूल ऑफ लाइफ साइंस को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसके अलावा पालीवाल परिसर में इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस और केएमआई, छलेसर परिसर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस कैंपस तथा सिविल लाइंस स्थित संस्कृति भवन में भी परीक्षा आयोजित की जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर पहुंचने से प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी और परीक्षा समय से शुरू कराई जा सकेगी। परीक्षा केंद्रों पर पहचान सत्यापन की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
प्रवेश पत्र पर वही फोटो होना अनिवार्य होगा जो ऑनलाइन आवेदन के समय अपलोड की गई थी। इसके साथ अभ्यर्थियों को आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस अथवा मतदाता पहचान पत्र जैसे किसी एक मूल पहचान पत्र को साथ लाना होगा। बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सुरक्षा संबंधी कड़े इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, टैबलेट, ब्लूटूथ डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। केंद्राध्यक्षों और निरीक्षकों को भी परीक्षा संचालन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय की शोध परंपरा को मजबूत करने में पीएचडी प्रवेश परीक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने और योग्य शोधार्थियों के चयन के लिए विश्वविद्यालय लगातार प्रयासरत है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं और अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया है।
डीन रिसर्च प्रो. बी.पी. सिंह ने बताया कि परीक्षा में सफल घोषित होने के लिए अभ्यर्थियों को न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। उन्होंने यह भी बताया कि यूजीसी-नेट जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार प्रवेश परीक्षा से छूट प्रदान की जाएगी। ऐसे अभ्यर्थी निर्धारित प्रावधानों के तहत 50 प्रतिशत सीटों पर दावा कर सकेंगे।
प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की स्कैन कॉपी और उत्तर कुंजी भी जारी की जाएगी। इससे अभ्यर्थियों को अपने प्रदर्शन का मूल्यांकन करने का अवसर मिलेगा और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
विश्वविद्यालय में मास कम्युनिकेशन, इंजीनियरिंग, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला, वाणिज्य और अन्य विषयों सहित कुल 54 विषयों में पीएचडी प्रवेश किए जाएंगे। परीक्षा के बाद मेरिट और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रवेश की अगली कार्रवाई शुरू की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि इस परीक्षा के माध्यम से शोध और नवाचार के क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता को और मजबूती मिलेगी।

