किस विषय ने घुमाया दिमाग, कौन सा सेक्शन लगा आसान?
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 जिले के 28 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गई, जिसमें 11,786 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट दिखाई दिया। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर के साथ विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा और सुविधाओं का जायजा लिया। भीषण गर्मी को देखते हुए शेड, शीतल पेयजल और बायोमेट्रिक व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए गए, जबकि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए।

रविवार को संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक संपन्न हुई।
परीक्षा को निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई थीं। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर के साथ सेंट जॉन्स कॉलेज, क्वीन विक्टोरिया इंटर कॉलेज सहित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कंट्रोल रूम, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, प्रवेश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की।
भीषण गर्मी को देखते हुए अभ्यर्थियों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी ने दूसरी पाली के अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश द्वार पर ग्रीन नेट और शेड लगाने के निर्देश दिए ताकि उन्हें तेज धूप से राहत मिल सके। इसके अलावा केंद्रों पर शीतल पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बायोमेट्रिक उपस्थिति की प्रक्रिया भी छायादार स्थानों पर कराने के निर्देश दिए गए ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सख्त दिखाई दिया। परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में सभी फोटोस्टेट की दुकानों को बंद रखने के निर्देश दिए गए। अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को परीक्षा केंद्रों में ले जाने पर रोक रही।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। परीक्षा के दौरान जैमर, बायोमेट्रिक उपस्थिति और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था का उपयोग किया गया ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि या नकल को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा की गरिमा भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के बीच प्रश्न पत्र के विषयों और परीक्षा पैटर्न को लेकर भी चर्चा रही। प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्न पत्र शामिल रहे। पहला प्रश्न पत्र सामान्य अध्ययन (जनरल स्टडीज) और दूसरा CSAT का रहा। सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र में भारतीय इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन, भारतीय संविधान, राजनीति, भारतीय और विश्व भूगोल, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सामाजिक विकास तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समसामयिक घटनियों से जुड़े विषय शामिल रहे। प्रश्नों का स्वरूप तथ्यात्मक के साथ विश्लेषणात्मक भी रहा, जिसमें अभ्यर्थियों की विषयों की समझ और समसामयिक घटनाओं पर पकड़ को परखा गया।
दूसरे प्रश्न पत्र CSAT में कॉम्प्रिहेंशन, तार्किक क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता, मानसिक क्षमता, डेटा विश्लेषण, समस्या समाधान क्षमता और गणितीय योग्यता से जुड़े प्रश्न शामिल रहे। कई अभ्यर्थियों का मानना रहा कि इस प्रश्न पत्र में समय प्रबंधन और विश्लेषण क्षमता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में शामिल सिविल सेवा परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह और गंभीरता दोनों देखने को मिली। प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और अब अभ्यर्थियों की निगाहें अगले चरण की प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।

